Bank FD Return on ₹5 Lakh: 5 लाख रुपये की 5 साल की बैंक एफडी पर कितना मिलेगा रिटर्न? देखें ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा कैलकुलेशन

सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के लिए भारतीय निवेशकों के बीच बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे भरोसेमंद माध्यमों में से एक है। यदि आप बैंक में ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) की एकमुश्त राशि 5 साल की अवधि के लिए जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो मैच्योरिटी पर यह रकम कितनी बढ़कर मिलेगी, इसका सटीक वित्तीय विश्लेषण समझना आवश्यक है। भारतीय बैंकों में एफडी पर ब्याज का निर्धारण त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर किया जाता है, यानी हर तीन महीने में अर्जित ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है, जिससे लंबी अवधि में रिटर्न का प्रभाव काफी बढ़ जाता है।
विभिन्न ब्याज दरों पर ₹5 लाख की FD का 5 साल में मैच्योरिटी रिटर्न
वर्तमान में अधिकांश प्रमुख सार्वजनिक और निजी बैंक 5 साल की अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को 6.50% से 7.00% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.00% से 7.50% के बीच ब्याज की पेशकश करते हैं। ₹5 लाख के मूलधन पर 5 साल (त्रैमासिक चक्रवृद्धि) के तहत मिलने वाले रिटर्न की गणना नीचे दी गई है:
| वार्षिक ब्याज दर (% p.a.) | निवेशक वर्ग | कुल अर्जित ब्याज (₹) | कुल मैच्योरिटी राशि (₹) |
| 6.50% | सामान्य नागरिक (औसत दर) | ₹1,90,210 | ₹6,90,210 |
| 6.75% | सामान्य नागरिक (विशेष दर) | ₹1,98,908 | ₹6,98,908 |
| 7.00% | सामान्य/वरिष्ठ नागरिक | ₹2,07,394 | ₹7,07,394 |
| 7.25% | वरिष्ठ नागरिक (प्रीमियम दर) | ₹2,16,423 | ₹7,16,423 |
| 7.50% | वरिष्ठ नागरिक (सर्वोच्च दर) | ₹2,24,974 | ₹7,24,974 |
सामान्य और वरिष्ठ नागरिकों के मुनाफे का सीधा अंतर
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सामान्य नागरिकों के लिए: यदि बैंक 6.50% से 6.75% का वार्षिक ब्याज देता है, तो ₹5 लाख की जमा राशि 5 साल में बढ़कर लगभग ₹6.90 लाख से ₹6.98 लाख हो जाएगी। यानी आपको लगभग ₹1.90 लाख से ₹1.98 लाख का शुद्ध ब्याज लाभ मिलेगा।
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए (60 वर्ष और अधिक): बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% का अतिरिक्त ब्याज देते हैं। 7.00% से 7.50% की दर पर वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल में लगभग ₹2.07 लाख से ₹2.25 लाख तक का ब्याज मिलता है, जिससे मैच्योरिटी फंड बढ़कर ₹7.07 लाख से ₹7.25 लाख तक पहुंच जाता है।
5 साल की FD पर टैक्स नियम और TDS की शर्तें
एफडी में ₹5 लाख निवेश करते समय आयकर से जुड़े इन नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है:
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टैक्स सेवर एफडी (धारा 80C): यदि आप 5 वर्ष की अवधि वाली विशेष 'टैक्स सेविंग एफडी' चुनते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती (Deduction) का दावा कर सकते हैं। हालांकि, इस एफडी में 5 साल का अनिवार्य लॉक-इन होता है और इसे बीच में तोड़ा नहीं जा सकता।
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टीडीएस (TDS) कटौती: एक वित्तीय वर्ष में एफडी ब्याज आय यदि सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होती है, तो बैंक 10% टीडीएस काटता है (पैन लिंक न होने पर 20%)। ₹5 लाख की एफडी पर सालाना ब्याज ₹32,000 से ₹36,000 के आसपास रहता है, इसलिए यदि बैंक में आपकी कोई अन्य एफडी नहीं है, तो सामान्यतः टीडीएस सीमा के भीतर ही रहेगा।
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फॉर्म 15G / 15H: यदि आपकी कुल वार्षिक आय मूल छूट सीमा से कम है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15H) जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं।




