खाद्य प्रसंस्करण ने भेजा वियतनाम 48 टन तरल ग्लूकोज, केशव मौर्य के प्रयासों से देश के उत्पाद विदेश निर्यात

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। खाद्य प्रसंस्करण उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण विभाग के प्रयासों से प्रदेश से पहली बार वियतनाम को तरल ग्लूकोज का वाणिज्यिक निर्यात किया गया। इस उपलब्धि से उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है।
इस अवसर पर राजस्व परिषद के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बी.एल. मीना ने निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में एपीडा की महाप्रबंधक श्रीमती विनीता सुधांशु, उप महाप्रबंधक डॉ. सी.बी. सिंह तथा वरिष्ठ सलाहकार श्री तरुण बजाज उपस्थित रहे। कानपुर स्थित एच.एल. एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 48 मीट्रिक टन तरल ग्लूकोज की खेप वियतनाम भेजी गई है। यह खेप कानपुर स्थित अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी) के माध्यम से गंतव्य तक पहुंचेगी। इस खेप के लिए कच्चे माल की आपूर्ति उत्तर प्रदेश और बिहार से की गई तथा प्रसंस्करण कानपुर स्थित विनिर्माण इकाई में हुआ।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में खाद्य प्रसंस्करण विभाग प्रदेश की कृषि उपज का मूल्य संवर्धन कर किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए रोजगार एवं व्यावसायिक अवसर बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है। तरल ग्लूकोज का निर्यात इस प्रयास को नई गति प्रदान करेगा। इसका उपयोग बेकरी उत्पादों, मिठाइयों, कन्फेक्शनरी और पेय पदार्थों सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। यह उपलब्धि प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की निर्यात क्षमता, अंतरराज्यीय कृषि आपूर्ति शृंखला और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की मजबूती को दर्शाती है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराकर किसानों की आय, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश अब कृषि आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात में नए अवसरों की ओर तेजी से अग्रसर है।



