प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर होगी कार्रवाई, चारों तरफ लगाए जाएंगे कैमरे

HR Breaking News (NCR News) एनसीआर क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोकथाम के लिए अब फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई की जाने वाली है। अब इसके लिए अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाली इकाईयों पर पीटीजेड कैमरे लगाए जाने वाले हैं, जो चारों ओर घूमते हैं। इन कैमरों से फैक्ट्रियों (Cameras in NCR factories) की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। आइए खबर में जानते हैं इस बारे में विस्तार से-
CPCB व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रखेगी नजर
दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान के एनसीआर इलाकें की फैक्ट्री में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों (Pollution causing activities in the factory) पर अब CPCB व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 24 घंटे नजर रहने वाली है, जिसके लिए CAQM ने सभी प्रमुख और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों में पैन टिल्ट जूम कैमरा लगाना जरूरी किया है। यह कैमरे चारों तरफ घूमते हैं और बाहर ही नहीं बल्कि परिसर के भीतर भी हर संवेदनशील गतिविधियों पर कैमरे लगाने होंगे।
कैसे चलेगा वास्तविक खपत का पता
ईंधन डालने वाले स्थान, बॉयलर, भट्टी में ईंधन (NCR Ki Kin Factories me Lagenge Cameras) कहां से कैसे डाला जा रहा है। इन सबकी कैमरे से लाइव मॉनिटरिंग होगी। वास्तविक खपत का पता लगाने के लिए गैस का यूज करने वाली फैक्ट्रियों के मीटर और गेज पर कैमरे लगेंगे। चिमनी के धुंए और उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के सैंपल पॉइंट्स पर भी कैमरे से नजर रखी जाएगी, जहां धुआं और जहरीली गैस से निकाली जाती है, उसकी भी निगरानी होगी।
एनसीआर में है हरियाणा के ये 14 जिले
एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले (Districts of Haryana in NCR) हैं, जिनमें पानीपत, करनाल, जींद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी शामिल है। सभी औद्योगिक इकाइयों को कैमरे और कनेक्टिविटी के लिए निर्बाध पावर बैकअप रखना जरूरी है।
सभी उद्योगों को व्यवस्था लागू करने के निर्देश
CAQM की ओर से दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान के एनसीआर में आने वाले सभी उद्योगों को यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। कई फैक्ट्रियों में चोरी-छिपे प्रतिबंधित कोयला और जहरीले ईंधन का यूज पाया गया था, जिसे रोकने के लिए 17 कैटेगरी के अति-प्रदूषणकारी उद्योगो, रेड कैटेगरी की मध्यम व बड़ी फैक्ट्रियों, कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, धातु उद्योग में रिपोर्ट सर्विलांस सिस्टम लागू करने के निर्देश (Instructions for implementing the report surveillance system) जारी किए हैं।
हाई-रिजॉल्यूशन विजिबलिटी हुई अनिवार्य
जानकारी के लिए बता दें कि कैमरों में नाइट विजन तकनीक और हाई-रिजॉल्यूशन विजिबलिटी (High-resolution visibility) जरूरी की गई है।इसका फायदा यह होगा कि इससे रात में भी अवैध ईंधन जलाने या फिर धुआं छोड़ने की रिकॉर्डिंग क्लियर दिख सकेगी। वीडियो CPCB व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर (State Pollution Control Board Server) पर 24 घंटे लाइव रहने वाले हैं। यह निर्णय IIT कानपुर की रिपोर्ट व तकनीकी समिति की सिफारियों के बेस पर लिया गया है।



