खाद्य प्रसंस्करण बना किसानों की समृद्धि और युवाओं के रोजगार का नया आधार- केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण आधार है। यह क्षेत्र किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी प्राथमिकता दे रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल भविष्य की आवश्यकता है, जो उद्योगों की लागत कम करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक होगा।
उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में निवेश के लिए आगे आएं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।
इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में गठित एप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए पात्र प्रस्तावों पर सहमति एवं आवश्यक शर्तों के संबंध में निर्णय लिए गए।
बैठक में समिति को अवगत कराया गया कि दिनांक 13 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 22 नवीन प्रस्ताव अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा 19 प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई, जबकि 3 प्रस्तावों को आवश्यक परीक्षण एवं अनुपालन के लिए डिफर किया गया।
सहमति प्राप्त प्रस्तावों में बेकरी उत्पाद, फिश फीड, डिहाइड्रेटेड फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, पोल्ट्री फीड, काजू प्रसंस्करण, सोया चंक एवं पास्ता निर्माण, रिफर व्हीकल, बेकरी इकाइयों सौर ऊर्जा संयंत्र तथा अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन प्रस्तावों से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में
निवेश, आधुनिक तकनीक के उपयोग तथा औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की बड़ी संभावना है।
बैठक में श्री अक्षत करवा, निदेशक, अग्रूना इंडस्ट्रीज, जो जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अटलांटा, अमेरिका से कंप्यूटर साइंस में स्नातकोत्तर (डै पद ब्वउचनजमत ैबपमदबम) हैं, के निवेश प्रस्ताव का विशेष उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त, फार्मी फूड से संबंधित निवेश प्रस्ताव भी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश एवं आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। श्री विनोद प्रताप सिंह, फार्मी फूड, एक अनुभवी टेक्नोक्रेट एवं उद्यमी हैं, जिन्हें आईटी क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों का अनुभव है। आईआईएम कलकत्ता सहित प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा प्राप्त श्री सिंह को अमेरिका, पोलैंड एवं ब्रिटेन में कार्य करने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है। वे आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं।




