पीएम सूर्य घर योजना से जनपद बरेली में बढ़ रही ऊर्जा आत्मनिर्भरता

जनपद बरेली में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना‘ स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और घरेलू उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परंपरागत विद्युत ग्रिड पर निर्भरता कम करते हुए आवासीय छतों को सौर ऊर्जा से आच्छादित करने की इस योजना ने जनपद में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है। योजना के अंतर्गत आमजन को हर माह 300 यूनिट तक निःशुल्क सौर बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे आवासीय भवन अब विकेंद्रीकृत विद्युत उत्पादन के सशक्त केंद्र बनकर उभर रहे हैं। जिला प्रशासन तथा विद्युत वितरण निगम के समन्वित प्रयासों से जनपद के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा अपनाने के प्रति नागरिकों में निरंतर रुचि बढ़ रही है।
जनपद बरेली के हरुनगला निवासी मोहित यादव इस योजना के व्यावहारिक एवं प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने योजना की पात्रता और तकनीकी शर्तों के अनुरूप अपने आवास की छत पर ऑन-ग्रिड सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। सौर संयंत्र की स्थापना के उपरांत उनके दैनिक घरेलू उपभोग का अधिकांश हिस्सा सीधे सौर ऊर्जा से उत्पादित होने लगा। इसके परिणामस्वरूप उनके मासिक बिजली बिल में अभूतपूर्व गिरावट आ गई। पूर्व में पारिवारिक बजट का बड़ा हिस्सा बनने वाला विद्युत बिल अब सिमटकर लगभग सिर्फ न्यूनतम मीटर चार्ज तक रह गया है, जिससे उनके परिवार को सीधी और नियमित आर्थिक बचत का लाभ मिल रहा है।
उपभोक्ताओं पर प्रारंभिक वित्तीय बोझ को न्यूनतम करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक पारदर्शी एवं सुदृढ़ अनुदान संरचना लागू की गई है। संयंत्र की स्थापना पर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) द्वारा प्रदान की जाने वाली दोहरी सब्सिडी का पूर्ण लाभ लाभार्थियों को मिल रहा है। संयुक्त अनुदान सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से बैंक खाते में अंतरित होने से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सौर संयंत्र स्थापित करना अत्यंत सुगम हो गया है। योजना की तकनीकी कार्यप्रणाली बायो-डायरेक्शनल नेट-मीटरिंग व्यवस्था पर संचालित होती है, जो सामान्य विद्युत उपभोक्ता को एक सजग ऊर्जा उत्पादक के रूप में परिवर्तित करती है। दिन के समय जब सौर विकिरण पर्याप्त होता है, तब रूफटॉप सोलर पैनलों द्वारा उत्पादित अतिरिक्त बिजली स्थानीय विद्युत वितरण ग्रिड में स्वतः निर्यात हो जाती है। रात्रि अथवा कम धूप के समय उपभोक्ता ग्रिड से आवश्यकतानुसार बिजली प्राप्त करता है। माह के अंत में वितरण निगम द्वारा कुल आयातित और ग्रिड को निर्यात की गई विद्युत इकाइयों का विधिवत समायोजन (नेटिंग) किया जाता है। उपभोग से अधिक उत्पादित बिजली का क्रेडिट सुरक्षित रहने से मासिक बिल स्वतः न्यूनतम स्तर पर स्थिर हो जाता है।

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