योगी सरकार में ऊर्जा क्षेत्र ने लिखी विकास की नई कहानी, मजबूत हुआ बिजली तंत्र

मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव करते हुए विद्युत उत्पादन, पारेषण, वितरण और उपभोक्ता सेवाओं के क्षेत्र में आधुनिक, मजबूत और तकनीक आधारित ऊर्जा तंत्र विकसित किया है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर घर को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों, उद्योगों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना प्रमुख रहा है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूर्व की सरकार की तुलना में अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित हुई है।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में विद्युत पारेषण नेटवर्क का बड़े स्तर पर विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइनें स्थापित हैं। इसके साथ ही 765 नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,05,632 एमवीए है। प्रदेश में 765 केवी के सात 400 केवी के 45, 220 केवी के 173 तथा 132 केवी के 490 उपकेंद्रों का विस्तार किया गया है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिली है। वर्तमान में प्रदेश में बिजली की 99.30 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़े पैमाने पर कार्य किए हैं। 60 नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 1,109 विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि की गई है। वर्ष 2024-25 में ही 28 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण और 576 उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा किया गया। इसके साथ ही लगभग 2 लाख ट्रांसमिशन टावर तथा 2,100 ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी क्षमता वृद्धि के कार्यों ने बिजली आपूर्ति के नेटवर्क को और मजबूत किया गया है। पारेषण हानियों को घटाकर 3.2 प्रतिशत तक लाना भी ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की क्षमता भी लगातार मजबूत हुई है। 31,486 मेगावाट की पीक डिमांड की सफलतापूर्वक पूर्ति प्रदेश के सुदृढ़ ऊर्जा तंत्र और बेहतर प्रबंधन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है कि प्रदेश के विकास के साथ बिजली की मांग बढ़ने पर विद्युत अवसंरचना भी उसी गति से विकसित हो।
कृषि क्षेत्र को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत वर्ष 2025 तक 2.42 लाख निजी नलकूपों का ऊर्जीकरण किया गया। वहीं प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत 96,128 से अधिक किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं। इससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिला है। कृषि क्षेत्र में ऊर्जा की उपलब्धता को मजबूत करने से किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक आधार तैयार हुआ है।




