मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा चकबन्दी प्रक्रियान्तर्गत ग्रामों में चकबन्दी शीघ्र समाप्त कराने के हेतु दिये निर्देश

मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा चकबन्दी प्रक्रियान्तर्गत ग्रामों में चकबन्दी शीघ्र समाप्त कराने के निर्देश दिये गये है, जिससे कृषकों को सरकार द्वारा चलायी जा रही लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ मिल सके। उक्त क्रम में चकबन्दी आयुक्त डा० हृषिकेश भास्कर यशोद द्वारा जिन ग्रामों में चकबन्दी का कार्य ग्राम के विकास योजना के अधीन होने, नदी के कटान से प्रभावित होने, चकबन्दी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होने, ग्राम के औद्योगिक विकास क्षेत्र के अन्तर्गत आ जाने, गुटबन्दी व दंलबन्दी होने एवं ग्राम की चकबन्दी प्रक्रिया सुचारू कराये जाने हेतु किये गये विशेष प्रयास के बावजूद कार्य आगे न बढ़ पाने के दृष्टिगत उक्त ग्रामों को अधिनियम की धारा-6(1) के अन्तर्गत चकबन्दी प्रक्रिया से पृथक किये जाने के निर्देश दिये गये है। उक्त क्रम में 12 वर्षों से चकबन्दी प्रक्रियान्तर्गत जनपद उन्नाव के ग्राम अजगवां, पिडना, सादाबाद व जनपद बरेली के ग्राम मगरासा, 07 वर्ष से चकबन्दी प्रक्रियाधीन जनपद बुलन्दशहर के ग्राम बराल एवं 02 वर्ष से चकबन्दी प्रक्रियान्तर्गत जनपद बांदा के ग्राम काजीपुर(गि0) सहित 04 जनपदों के 06 ग्रामों को जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा-6 (1) के अन्तर्गत चकबन्दी प्रक्रिया से पृथक किया गया है।
उक्त के अतिरिक्त 18 वर्षों से चकबन्दी प्रक्रियाधीन जनपद महराजगंज के ग्राम बैसार, 12 वर्षों से चकबन्दी प्रक्रियाधीन जनपद बुलन्दशहर के ग्राम भीकमपुर व जनपद चित्रकूट के ग्राम सिकरी सालिस एवं 02 वर्षों से चकबन्दी प्रक्रियान्तर्गत जनपद बस्ती के ग्राम औराडीहा तथा जनपद प्रतापगढ़ के ग्राम देवलहा में अथक प्रयास कर जोत चकबन्दी अधिनियम की धारा-52 (1) के अन्तर्गत चकबन्दी प्रक्रिया पूर्ण की गयी। इस प्रकार कुल 08 जनपदों के 11 ग्रामों में चकबन्दी प्रक्रिया समाप्त की गयी।
चकबन्दी आयुक्त डा० हृषिकेश भास्कर यशोद द्वारा समस्त बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी, उत्तर प्रदेश को निर्विवाद उत्तराधिकार व नामान्तरण के प्रकरणों के सम्बन्ध में दिनांक 15.10.2026 से 15.11.2026 के मध्य विशेष अभियान चलाकर संगत धाराओं में शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराते हुए उक्त आशय का प्रमाण पत्र निदेशालय को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं कि विहित कालसीमा से अधिक अवधि का एक भी निर्विवाद उत्तराधिकार व नामान्तरण का मामला जनपद में लम्बित नही है। साथ ही उक्त अवधि के पश्चात भी विहित कालसीमा से अधिक अवधि तक निर्विवाद उत्तराधिकार के प्रकरण जिन चकबन्दीकर्ता/सहायक चकबन्दी अधिकारी के पास लम्बित है, उनको चिन्हित कर आख्या उपलब्ध कराये जाने के निर्देश समस्त, चकबन्दी प्राधिकारियों को निर्गत किये गये है।
समस्त उप संचालक चकबन्दी, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी तथा चकबन्दी अधिकारी, उत्तर प्रदेश को चकबन्दी न्यायालयों में विचाराधीन 03 वर्ष से अधिक पुराने वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने एवं उक्त कार्य में लापरवाही बरतने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित किये जाने के निर्देश दिये गये है।
समस्त उप संचालक चकबन्दी, बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी तथा चकबन्दी अधिकारी, उत्तर प्रदेश को उत्तर प्रदेश जोत चकबन्दी मैनुअल के प्रस्तर 541 में दी गयी व्यवस्था के अनुरूप स्वयं न्यायालय व अपने अधीनस्थ चकबन्दी न्यायालयों तथा कार्यालयों एवं चकबन्दी अभिलेखों के बस्तों के निरीक्षण करते हुए निरीक्षण टिप्पणी 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।




