सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं का प्राथमिकता से हो निस्तारण

उत्तर प्रदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को किसी भी प्रकार की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए पूरी तरह से संवेदनशील है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षको एवं पुलिस अधीक्षकों को सैनिकों उनके परिवारीजनों की शिकायतों एवं समस्याओं का प्रभावी, समयबद्ध एवं सर्वोच्च प्राथमिकता से निकारण कराने के लिए सख्त निर्देश दिये है।

प्रमुख सचिव, समाज कल्याण श्री सुनील कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारतीय सेना में सेवारत सैनिकों की संख्या का लगभग 12 प्रतिशत उ0प्र0 में है और उ0प्र0 के लगभग 08 हजार सैनिक प्रतिवर्ष सेना से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनकी समस्याओं का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘‘जिला सैनिक बन्धु‘‘ का गठन किया गया है जिसके माध्यम से भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों की भूमि, पुलिस सुरक्षा, बैंक से ऋण, पेंशन, शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक अनुदान सम्बन्धी एवं अन्य शिकायतों का निस्तारण ‘‘जिला सैनिक बन्धु‘‘ की प्रत्येक माह बैठक करके सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये है।
ज्ञातव्य हो कि भूतपूर्व एवं सेवारत सैनिकों  की समस्याओं का निस्तारण ‘‘लोकवाणी‘‘ वेबसाइट के माध्यम से कराये जाने की योजना जून 2005 से लागू है। फिर भी प्रदेश सरकार ने इनकी समस्याओं के निराकरण के लिए प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारियों, निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास तथा जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारियों को निर्देश दिये है।

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