Railway के नियमों में बड़ा बदलाव, फोन में वीडियो देखना, गाने बजाना पड़ेगा भारी, जुर्माना से लेकर जेल तक संभव

HR Breaking News (Railway rules) जिस तरह रेलवे विभाग की तरफ से अपने यात्रियों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है इसी तरह विभाग की तरफ से अनुशासन को लेकर भी कड़े नियम बनाए गए हैं और उनका अनुपालन करने पर यात्रियों को भारी जुर्माना (indian railway) भी भरना पड़ सकता है। अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में वीडियो देखते है या गाने बजाते हैं तो आपकी यह छोटी सी लापरवाही बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। रेलवे विभाग के नए नियमों के तहत ऐसा करने पर आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है तथा जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। चलिए जान लेते हैं रेलवे विभाग के नए नियमों (Railway new rules) से जुड़ी पूरी जानकारी। 

6 अक्टूबर 2026 को दक्षिणी रेलवे विभाग की तरफ से एक नया अपडेट जारी कर दिया गया और बताया गया कि ट्रेन में सफर के दौरान तेज आवाज में मोबाइल का उपयोग (mobile phone at high volume) करने वाले लोगों पर कार्रवाई हो सकती है और इसमें यात्रियों को ₹1000 तक का जुर्माना और 6 महीने तक की सजा भी हो सकती है। रेलवे विभाग की तरफ से कहा गया कि यात्रियों को अगर मोबाइल का उपयोग करना है तो वह हेडफोन का सहारा  ले।

क्या है रेलवे विभाग का नया नियम?

रेलवे जोन सार्वजनिक संबोधन प्रणालियों (Railway Zone Public Address Systems) के माध्यम से यात्रियों को जागरूक करेंगे। रेलवे विभाग की तरफ से नया अपडेट जारी करते हुए ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन पर तेज आवाज में संगीत या वीडियो चलाने से बचने के लिए कहा गया है। दक्षिणी रेलवे विभाग (Railway Department) की तरफ से परिपत्र जारी करते हुए कहा गया है कि स्पीकर मोड पर संगीत या वीडियो चलने वाले यात्रियों पर कार्रवाई हो सकती है। अगर आप ऊंची आवाज में किसी के साथ बातचीत करते हैं या दूसरों की शांति को भंग करते हैं तो यह नियम आप पर भी लागू होगा।

 

क्यों बनाया गया नया नियम? 

रेलवे विभाग के अधिकारियों (Officials of the Railway Department) की तरफ से बताया गया है कि रेल मदद शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से कई तरह की शिकायती मिल रही थी जहां यात्रियों द्वारा एयर कंडीशनर कोचों तेज आवाज में गाने बजाने और ऊंची आवाज में फोन पर बात करने से जुड़ी ज्यादा समस्याएं थी। ऐसे में यात्रियों को हो रही इस सुविधा को देखते हुए दक्षिणी रेलवे विभाग (Southern Railway Department) की तरफ से यह नया कदम उठाया गया और यह भी बताया गया कि मोबाइल इंटरनेट की व्यापक पहुंच होने की वजह से ही इस समस्या में बढ़ोतरी हुई है।

नए नियम पर वरिष्ठ अधिकारियों का क्या कहना?

पश्चिम रेलवे के एक अधिकारी की तरफ से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि फिलहाल किए गए इन बदलाव के बाद मोबाइल फोन से जुड़ी परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। कुछ यात्री संगठनों ने कानून के प्रभावी कार्यान्वयन पर चिंता जताई है। नागपुर में स्थित रेलवे यात्री संघ के प्रतिनिधि बसंत कुमार शुक्ला द्वारा कहा गया है कि केवल परिपत्र जारी करने से काम नहीं चलेगा। यात्री संघ के प्रतिनिधि द्वारा कहा गया है कि रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों और ट्रेन टिकट चालकों की भारी कमी (railway employees) भी चल रही है और इसी कमी की वजह से अनधिकृत प्रवेश और स्वच्छता जैसी शिकायतें अनसुनी (railway helpline number) रह जाती हैं

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