प्रधानमंत्री ने श्री एम वेंकैया नायडु के उपराष्ट्रपति पद पर एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह को संबोधित किया

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्री एम वेंकैया नायडु के उपराष्ट्रपति पद पर एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित पुस्तक-मूविंग ऑन, मूविंग फॉरवर्ड-एक ईयर इन ऑफिस‘ के विमोचन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने उपराष्ट्रपति को पुस्तक की पहली प्रति भी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कई वर्ष श्री एम वेंकैया नायडु के साथ कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि श्री एम वेंकैया नायडु ने हमेशा ही अन्य सभी बातों से ऊपर कार्यभार पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री एम वेंकैया नायडु को जो भी जिम्मेदारी दी गई, उसका उन्होंने अत्यधिक कर्मठता के साथ निर्वहन किया और उस भूमिका के साथ सरलता के साथ अपना तालमेल बिठा लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री एम वेंकैया नायडु लगभग 50 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में रहे हैं- 10 वर्ष छात्र राजनीति में एवं 40 वर्ष राज्य एवं राष्ट्रीय राजनीति में।

     श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि श्री एम वेंकैया नायडु के पास सभी वर्गों के लोगों के साथ आत्मीय बन जाने की योग्यता है और इसके साथ साथ वे अनुशासनवादी भी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री एम वेंकैया नायडु को जैसी भी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, वह उसे एक विजनरी नेतृत्व प्रदान करते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए सौंपे गए कार्य के साथ पूरा न्याय हो, वह सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों की सेवाएं लेते हैं।

प्रधानमंत्री ने स्मरण किया, जब पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी श्री एम वेंकैया नायडु को अपने मंत्रीमंडल में शामिल करना चाहते थे, तब श्री नायडु ने ग्रामीण विकास मंत्रालय का पोर्टफोलियो दिए जाने का आग्रह किया था। श्री एम वेंकैया नायडु दिल से एक किसान हैं और किसानों एवं कृषि के कल्याण को लेकर भावुक हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल श्री एम वेंकैया नायडु के प्रयासों के फलस्वरूप ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अस्तित्व में आई। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब राजनीतिक चर्चा केवल रेलगााडि़यों के स्टॉपेज के इर्द गिर्द ही केंद्रित रहती थी, श्री नायडु ने यह सुनिश्चित किया कि नेता सड़कों एवं संपर्क के अन्य माध्यमों के बारे में भी सोचें।

प्रधानमंत्री ने उपराष्ट्रपति की भाषण कला एवं उनके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले शब्दों की सराहना की, चाहे वह अंग्रेजी हो या फिर तेलुगू। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय है कि उपराष्ट्रपति महोदय ने कार्यकाल के अपने प्रथम वर्ष के बारे में एक प्रकार का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया है जिसमें संसद के भीतर एवं संसद के बाहर दोनों ही जगहों पर किए गए उनके समृद्ध कार्यों का वृतांत समावेशित है।

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