डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू भारत की समृद्ध वैज्ञानिक उपलब्धियों की लंबी छलांग का हिस्सा बन गया है

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केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वी विज्ञान, पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज जम्मू में भारतीय मौसम विज्ञान कार्यालय में नवीनतम उन्नत और अत्याधुनिक डॉपलर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर) और स्वदेशी जीपीएस आधारित पायलट सोंडे का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, देश के अन्य हिस्सों की तरह, जम्मू भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की समृद्ध वैज्ञानिक उपलब्धियों की लंबी छलांग का हिस्सा बन गया है।

आज स्थापित डीडब्ल्यूआर प्रणाली के अलावा, डॉ जितेंद्र सिंह ने मोदी सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में स्थापित कई नए वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों का उल्लेख किया। जिसमें कठुआ में उत्तर भारत का पहला बायोटेक औद्योगिक पार्क, उत्तर भारत का पहला अंतरिक्ष/इसरो केंद्र और केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारत के लैवेंडर की अगुआई में बैंगनी क्रांति और आईआईआईएम जम्मू द्वारा लांच किया गया पहला कैनबिस औषधीय पौधा, भद्रवाह में पहला राष्ट्रीय उच्च ऊंचाई चिकित्सा संस्थान, कठुआ में पहला मेगा-क्विंटल बीज प्रसंस्करण संयंत्र, नवीनतम मौसम पूर्वानुमान उपकरण स्थापित किया गया। इसके अलावा वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सांझीछत, पटनीटॉप में उच्च ऊंचाई वाले रेडियो रिले स्टेशन आदि इसके उदाहरण है। ये सभी नए जम्मू के स्मारक हैं।

मंत्री ने मीडियाकर्मियों से इन स्मारकों को भी कवर करने के लिए कुछ समय निकालने की अपील की, जिससे कि अहम जानकारी उन संबंधित लोगों तक पहुंच सके। जिनमें छात्र, स्टार्ट-अप, अपनी जीविका चलाने वाले, किसान, यात्री और आम नागरिक शामिल हैं। जो आसानी से इन अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल अपने जीविका को बेहतर कर सके।

उन्होंने याद दिलाया कि मीडिया भी एक संबंधित पक्ष है। क्योंकि आज का मीडिया प्रसारण उपग्रह संचार जैसे प्रौद्योगिकी के आधुनिक उपकरणों पर बहुत अधिक निर्भर है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अरोमा (सुगंधित) खेती, परमाणु ऊर्जा, मौसम विज्ञान आदि में युवाओं के लिए करियर की अपार संभावनाएं और रोजगार के अवसर हैं, जिसका लाभ वे तभी उठा सकते हैं जब उन्हें विभिन्न माध्यमों से इन विकासों के बारे में सूचित किया जाए।

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, आज स्थापित एक्स-बैंड डॉपलर मौसम रडार जम्मू क्षेत्र को प्रभावित करने वाली मौसम की घटनाओं की वास्तविक समय की निगरानी और रिपोर्टिंग प्रदान करने में मदद करेगा। विशेष रूप वह, कृषि और पर्यटन पूर्वानुमान सहित विभिन्न क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान प्रदान करने में सहायक होगा। इसका फायदा माता वैष्णो देवी के तीर्थयात्री को भी मिलेगा।

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मंत्री ने कहा कि वास्तविक समय की निगरानी देने के अलावा, जम्मू में स्थित एक्स-बैंड डॉपलर मौसम रडार, जम्मू-कश्मीर के लोगों को बेहतर मौसम सेवाएं प्रदान करेगा। और बेहतर मौसम पूर्वानुमान के लिए न्यूमेरिकल मौसम पूर्वानुमान मॉडल के लिए एक इनपुट प्रदान करेगा।

आईएमडी के डीजी मौसम विज्ञान डॉ. एम महापात्रा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रमुख सचिव आलोक कुमार, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू के संभागीय आयुक्त राघव लंगर, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, दिल्ली के प्रमुख चरण सिंह और आईएमडी के हेड अपर इंस्ट्रूमेंट्स डिवीजन के.सी. साईकृष्णन भी उद्घाटन के दौरान उपस्थित थे।

स्वतंत्रता के बाद पहली बार भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों को निजी प्लेयर के लिए “अनलॉक” करने के प्रधान मंत्री के क्रांतिकारी निर्णय का उल्लेख करते हुए, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह न केवल लोगों के लिए ‘जीवन में आसानी’ और लोगों के लिए “ वातावरण को आसानी” लाएगा। निजी प्लेयर देश में वैज्ञानिक और नवीन वातावरण को बढ़ावा देंगे। मंत्री ने आगे कहा, भले ही भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा बहुत देर से शुरू की, लेकिन आज देश मंगलयान और चंद्रयान से संयुक्त राज्य अमेरिका के नासा जैसे दुनिया के प्रमुख अंतरिक्ष संस्थानों को इनपुट देने की स्थिति में है।

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पिछले 7 वर्षों से इन समृद्ध वैज्ञानिक छलांगों के लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के योगदान को मानते हुए हुए, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधान मंत्री विज्ञान के मंत्रालय और विभागों को अधिक से अधिक बजटीय आवंटन प्रदान करके विज्ञान के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। और उन्होंने उन वर्जनाओं को हटा दिया है जो देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास में बाधक रहे हैं।

डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। और उसी के आधार पर एक पखवाड़े पहले लाल किले की प्राचीर से 75वें स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की थी।

देश में पहली डीएनए आधारित कोविड-19 वैक्सीन बनाने का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत ने कोविड-19 के लिए दुनिया के पहले और भारत के स्वदेशी रूप से विकसित डीएनए-आधारित वैक्सीन को उपयोग की अनुमति दी है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (टीएचएसटीआई), फरीदाबाद द्वारा ट्रांसलेशनल हेल्थ द्वारा हासिल किया गया जो एक बड़ा मील का पत्थर है।

डॉ जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि भारत आज शेष विश्व के लिए विज्ञान में “क्यू मास्टर” है। क्योंकि हमारे वैज्ञानिक मानव संसाधन की गुणवत्ता कहीं अधिक श्रेष्ठ है और दुनिया के कई वैज्ञानिक उन्नत भारत से कई क्षेत्रों में उन्नत होने का सहयोग ले रहे हैं।

विकास के लिए उठाए गए कदमों में विज्ञान के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह उसी का परिणाम है कि विज्ञान आज भारत के हर क्षेत्र और हर घर में किसी न किसी रूप में शामिल हो चुका है। चाहे वह डिजिटल तकनीक हो, ई-ऑफिस, ऑनलाइन शिक्षा आदि के रूप में सूचना प्रौद्योगिकी, जो अब एक संदेश है कि इसके बाद पूरा विकास विज्ञान आधारित और प्रौद्योगिकी आधारित होगा।

भारत में मौसम विज्ञान के विकास पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में 2014 से अब तक 12 डॉपलर मौसम राडार लगाए गए हैं। इससे पहले सिर्फ 15 मौसम राडार लगाए गए हैं जो इस बात का संकेत हैं कि अब तकनीकी विकास पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

इन बातों का उल्लेख करने से पहले जम्मू में आईएमडी कार्यालय सभी नवीनतम मौसम विज्ञान उपकरणों, विकिरण उपकरणों और भूकंपीय उपकरणों से सुसज्जित नोडल मौसम विज्ञान वेधशाला है।

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