78 साल पहले रिलीज हुआ था हिंदी सिनेमा का पहला देशभक्ति गाना, ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार पर फिल्माया गया था ये अमर गीत

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हर तरफ देशभक्ति के तराने गूंजने लगते हैं और लोगों के दिलों में देश के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना हिलोरें लेने लगती है। हिंदी सिनेमा के इतिहास में अब तक देश-भक्ति से ओत-प्रोत अनगिनत फिल्में और गाने बने हैं, जिन्होंने दर्शकों की आंखों में देशभक्तों के बलिदान की याद दिलाकर आंसू ला दिए हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का वह पहला देशभक्ति गीत कौन सा था, जिसने बड़े पर्दे पर राष्ट्रभक्ति की इस अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी? अगर नहीं, तो आज हम आपको उसी ऐतिहासिक और अमर गीत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आज से 78 साल पहले बड़े पर्दे पर उतारा गया था और जिसे दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार पर फिल्माया गया था।

साल 1948 में आई फिल्म ‘शहीद’ का था यह ऐतिहासिक गीत

यह प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक देशभक्ति गीत साल 1948 में रिलीज हुई क्लासिक फिल्म ‘शहीद’ (Shaheed) का था। देश की आजादी मिलने के ठीक बाद के दौर में बनी यह फिल्म पूरी तरह से देशभक्ति की भावनाओं और राष्ट्र के लिए मर-मिटने वाले वीरों के बलिदान पर आधारित थी। फिल्म रिलीज के समय दर्शकों के बीच इसे लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिला था। कहा जाता है कि इसी फिल्म और इसके गानों के जरिए हिंदी सिनेमा में विधिवत रूप से देशभक्ति गीतों के स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई थी। भारतीय सिनेमा के ‘ट्रेजेडी किंग’ के रूप में मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार पर फिल्माया गया यह गाना ‘वतन की राह में वतन के नौजवानों बढ़ चलो…’ (Watan Ki Raah Mein) आज भी लोगों के दिलों में एक अलग जगह बनाए हुए है।

मोहम्मद रफी और खान मस्ताना की आवाज ने कर दिया अमर

फिल्म ‘शहीद’ के इस लोकप्रिय और प्रेरणादायक गीत को अपने सुरों से सजाने वाले कलाकार कोई और नहीं बल्कि भारतीय संगीत जगत के दो दिग्गज नाम मोहम्मद रफी और खान मस्ताना थे, जिनकी जादुई आवाज ने इस गाने को अमर बना दिया। इस गीत को संगीतबद्ध जाने-माने संगीतकार गुलाम हैदर ने किया था, जबकि इसके रूह को छू लेने वाले बोल प्रसिद्ध गीतकार राजा मेहदी अली खान द्वारा लिखे गए थे। इस फिल्म में दिलीप कुमार के साथ-साथ कामिनी कौशल, लीला चिटनिस, प्रभु दयाल और बाल कलाकार के रूप में शशि कपूर जैसे जाने-माने कलाकारों ने अपनी दमदार अदाकारी से जान डाली थी। देश के लिए हंसते-हंसते जान कुर्बान करने वाले वीर नौजवानों की गाथा को बयां करने वाला यह गीत आज भी देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की अलख जगा देता है।

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