करवा चौथ मनाने पर ट्रोल हुईं ‘महाभारत’ की कुंती शफक नाज

टीवी जगत के मशहूर धारावाहिक ‘महाभारत’ में माता कुंती का यादगार किरदार निभाकर देश-दुनिया में घर-घर अपनी पहचान बनाने वाली जानी-मानी अभिनेत्री शफक नाज इस समय सोशल मीडिया और मीडिया के गलियारों में जबरदस्त सुर्खियों में छाई हुई हैं। दरअसल, हाल ही में अभिनेत्री शफक नाज ने पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ लाल साड़ी पहनकर, हाथों में छलनी थामकर और मांग में सिंदूर भरकर करवा चौथ का त्योहार मनाया था। करवा चौथ मनाते हुए उन्होंने अपनी कई खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किए, जिसके बाद कट्टरपंथी ट्रोल्स ने उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। एक मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उन पर कमेंट सेक्शन में गालियों की बौछार कर दी गई और उनकी धार्मिक आस्था पर सवाल उठाए जाने लगे। लेकिन अब शफक नाज ने चुप बैठने के बजाय एक वीडियो जारी करके इन ट्रोल्स को करारा जवाब दिया है और कुरान समेत तमाम धर्मग्रंथों का हवाला देते हुए सबकी बोलती बंद कर दी है।

#1. लाल साड़ी और सिंदूर से मचा इंटरनेट पर बवाल: शफक नाज ने पूछा तीखा सवाल

करवा चौथ के पावन पर्व पर शफक नाज ने अपने पति जीशान के लिए व्रत रखा और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ इस दिन को खास बनाया। उन्होंने अपनी खूबसूरत तस्वीरें शेयर कीं, लेकिन कट्टरपंथियों को एक मुस्लिम अभिनेत्री का सिंदूर लगाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ। सोशल मीडिया यूजर्स उनके कमेंट सेक्शन में गालियां लिखने लगे और उनके इस्लाम पर ही सवाल खड़े करने लगे। इस पर भड़कते हुए शफक ने कहा, “मैंने अपनी तस्वीरें बहुत ही सादगी और खुशी के साथ पोस्ट की थीं, लेकिन मुझे बेहद दुख हुआ कि कमेंट बॉक्स में नफरत का माहौल बना दिया गया। ऐसा दिखाया जा रहा है मानो सिंदूर लगा लेने से किसी इंसान का धर्म ही बदल जाता है! क्या सिर्फ सिंदूर लगा लेने से मैं अब मुस्लिम नहीं रही? क्या मेरा धर्म इतना हल्का है कि सिंदूर लगाने मात्र से खत्म हो जाए?”

#1. ‘मेरे पति जीशान भी मुस्लिम हैं’: ‘महाभारत’ फेम एक्ट्रेस ने ट्रोल्स की लगाई क्लास

शफक नाज ने अपनी बात को और अधिक स्पष्ट करते हुए ट्रोल्स को उनका पारिवारिक परिचय दिया। उन्होंने बताया, “जो लोग बिना किसी जानकारी के बातें बना रहे हैं, उन्हें मैं बता दूं कि मेरे पति का नाम जीशान है और वह भी एक मुस्लिम हैं। ऐसे में बेवजह हमारी निजी जिंदगी और आस्था को निशाना बनाना बंद करें। किसी दूसरे समुदाय के त्योहार को मनाने या उनकी परंपराओं का हिस्सा बनने से इंसान की अपनी धार्मिक पहचान कभी खत्म नहीं होती। भारत एक ऐसा देश है जहां अनगिनत संस्कृतियां एक साथ सांस लेती हैं और यही हमारे देश की सबसे खूबसूरत पहचान है। अगर कोई खुशी बांटना चाहता है और कोई त्योहार मनाना चाहता है, तो उसमें किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए?”

#1. शफक नाज ने कुरान का दिया हवाला: ‘दूसरों की आस्था का अनादर करना धर्म नहीं सिखाता’

ट्रोल्स को करारा जवाब देते हुए शफक नाज ने कुरान और अन्य पवित्र किताबों की सीख भी सामने रखी। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा, “आज का माहौल देखकर बहुत अफसोस होता है कि हमें लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करना सिखाना पड़ रहा है। यह बात कहां लिखी है कि आप दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं? पवित्र कुरान समेत दुनिया की किसी भी धार्मिक किताब को उठाकर पढ़ लीजिए, हर जगह यही लिखा है कि दूसरों के धर्म का अनादर करके आपको कभी कुछ हासिल नहीं हो सकता। मेरा धर्म मुझे दूसरों का सम्मान करना सिखाता है, न कि किसी का नीचा दिखाना या अपमान करना। हम सब इंसान के रूप में बराबर हैं और सम्मान पाना हर किसी का अधिकार है।”

#1. ‘दिवाली, होली, ईद सब मनाऊंगी’: शफक ने कहा- धर्म बहुत ही निजी मामला है

शफक नाज ने यह साफ कर दिया कि वह किसी की ट्रोलिंग या धमकियों से डरकर अपनी जिंदगी जीने का तरीका नहीं बदलेंगी। उन्होंने कहा, “धर्म एक व्यक्तिगत आस्था है और यह इंसान का बेहद निजी मामला होता है। मैं कब नमाज पढ़ती हूं, कब रोजा रखती हूं या कितनी इबादत करती हूं, यह मुझे सोशल मीडिया पर साबित करने की कोई जरूरत नहीं है। मैंने ‘महाभारत’ समेत कई पौराणिक धारावाहिकों में काम किया है और बचपन से ही मुझे भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से गहरा लगाव रहा है। मैं ईद की तस्वीरें भी शेयर करूंगी, दिवाली भी मनाऊंगी और होली भी। जो लोग मेरी आस्था से असहज हैं या मेरी सोच पसंद नहीं करते, वे मुझे सीधे अनफॉलो कर सकते हैं। मुझे अपनी आस्था के साथ समझौता करने के लिए कोई मजबूर नहीं कर सकता।”

Related Articles

Back to top button