मधुबाला बायोपिक पर बड़ा अपडेट: संजय लीला भंसाली सितंबर में शुरू करेंगे शूटिंग, सारा अर्जुन निभाएंगी लीजेंड्री एक्ट्रेस का रोल

भारतीय सिनेमा की ‘वीनस’ कही जाने वाली कालजयी अभिनेत्री मधुबाला के जीवन पर बनने वाली बायोपिक को लेकर लंबे समय से बॉलीवुड गलियारों में चर्चाएं तेज थीं। अब इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट पर एक बहुत बड़ा और पुख्ता अपडेट सामने आया है। भव्य सेट्स और विजुअल मास्टरपीस फिल्में बनाने के लिए मशहूर दिग्गज निर्देशक संजय लीला भंसाली इस ऐतिहासिक बायोपिक को पर्दे पर उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म की शूटिंग इसी साल सितंबर के महीने से शुरू होने जा रही है और इसमें मधुबाला के प्रतिष्ठित किरदार को निभाने के लिए प्रतिभाशाली युवा अभिनेत्री सारा अर्जुन को चुना गया है।

सारा अर्जुन निभाएंगी मधुबाला का अमर किरदार

फिल्म इंडस्ट्री में इस बात को लेकर कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे कि मधुबाला की अद्वितीय सुंदरता, मासूमियत, चुलबुलेपन और दर्द भरे जीवन को पर्दे पर कौन सी अभिनेत्री जीवंत करेगी। कई बड़े नामों पर चर्चा के बाद संजय लीला भंसाली ने सारा अर्जुन पर अपना भरोसा जताया है। सारा अर्जुन ने बतौर बाल कलाकार मणिरत्नम की ऐतिहासिक फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन’ (PS-1 और PS-2) में ऐश्वर्या राय के बचपन (नंदिनी) का किरदार निभाकर और कई चर्चित विज्ञापनों व फिल्मों से अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया है। उनकी शास्त्रीय सुंदरता, चेहरे के भाव और गंभीर स्क्रीन प्रेजेंस को मधुबाला के युवा और क्लासिक लुक के लिए सबसे मुकम्मल माना गया है।

सितंबर से शुरू होगा पहला शूटिंग शेड्यूल

प्रोडक्शन टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फिल्म का प्री-प्रोडक्शन वर्क लगभग पूरा हो चुका है। मुंबई की फिल्म सिटी में 1950 और 1960 के दशक के विंटेज बॉम्बे और ऐतिहासिक फिल्म स्टूडियोज को री-क्रिएट करने के लिए भव्य सेट्स का निर्माण अंतिम चरण में है। भंसाली प्रोडक्शंस सितंबर के पहले पखवाड़े में फिल्म के शुरुआती सीन्स को कैमरे में कैद करने की योजना बना रहा है। सारा अर्जुन ने इस रोल में पूरी तरह ढलने के लिए कथक डांस, उर्दू डिक्शन और उस दौर के बॉडी लैंग्वेज की विशेष ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है।

मधुबाला के संघर्ष, स्टारडम और अधूरी प्रेम कहानी का चित्रण

यह बायोपिक केवल मधुबाला के फिल्मी स्टारडम और उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों (जैसे ‘मुगल-ए-आजम’, ‘महल’, ‘हावड़ा ब्रिज’ और ‘चलती का नाम गाड़ी’) तक सीमित नहीं होगी। फिल्म में उनके बाल कलाकार से सुपरस्टार बनने का सफर, पारिवारिक जिम्मेदारियों का भारी बोझ, गंभीर जन्मजात हृदय रोग (Ventricular Septal Defect) से उनका दर्दनाक संघर्ष और उनकी जटिल व अधूरी प्रेम कहानियों के अनछुए पहलुओं को बेहद संवेदनशीलता और गहराई के साथ दिखाया जाएगा।

संजय लीला भंसाली का विंटेज सिनेमाई जादू

संजय लीला भंसाली को पीरियड ड्रामा और इतिहास के पन्नों से जीवंत कहानियों को पर्दे पर जादुई अंदाज में पेश करने में महारत हासिल है। ‘देवदास’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी कालजयी फिल्मों के बाद भंसाली का यह प्रोजेक्ट भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग (Golden Era of Bollywood) को श्रद्धांजलि देने जैसा होगा। फिल्म का म्यूजिक, कॉस्ट्यूम्स और सिनेमैटोग्राफी उसी दौर की भव्यता और नजाकत को दर्शाने वाले होंगे।

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