बंगाल चुनाव में फिर खूनी खेल मुर्शिदाबाद में बमबारी और खूनी संघर्ष, वोट डालने गए मतदाताओं पर हमला

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के उत्सव के बीच हिंसा का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीसरे चरण के मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद में भारी हिंसा और बमबारी की खबरें सामने आई हैं। उपद्रवियों ने मतदान केंद्रों के बाहर न केवल जमकर हंगामा किया, बल्कि देसी बमों से हमला भी किया, जिसमें कई मतदाताओं के घायल होने की सूचना है। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।मतदान केंद्रों पर बमों से हमला, दहशत में मतदाताताजा मामला मुर्शिदाबाद के रानीनगर और डोमकल इलाके का है, जहाँ उपद्रवियों ने मतदाताओं को डराने के लिए सरेआम बम फेंके। चश्मदीदों के मुताबिक, लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे तभी अचानक हुए धमाकों से भगदड़ मच गई। हिंसा में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मतदाताओं का आरोप है कि उन्हें डरा-धमकाकर वोट डालने से रोका जा रहा है।दीघा में एक की मौत, राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोपहिंसा की आग केवल मुर्शिदाबाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि दीघा इलाके से भी एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC), भाजपा और कांग्रेस-वाम मोर्चा गठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता पुलिस की मौजूदगी में बूथ कैप्चरिंग और हिंसा को अंजाम दे रहे हैं, जबकि टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।चुनाव आयोग सख्त, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनातमुर्शिदाबाद में हुई इस हिंसक वारदात के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्थानीय प्रशासन से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रभावित मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।बंगाल में हिंसा का पुराना इतिहासपश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा कोई नई बात नहीं है। हर बार चुनाव के दौरान मुर्शिदाबाद, बीरभूम और मालदा जैसे जिले राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन जाते हैं। इस बार भी कड़ी सुरक्षा के दावों के बावजूद बमबारी और खूनी झड़प की घटनाओं ने प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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