पीएम मोदी का ममता पर तंज बोले-मैंने झालमुड़ी खाई और मिर्ची TMC को लगी, बंगाल में सियासी पारा हाई

News India Live, Digital Desk: लोकसभा चुनाव के रण में पश्चिम बंगाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा जुबानी हमला बोला है। कृष्णानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बंगाल के मशहूर स्नैक ‘झालमुड़ी’ का जिक्र करते हुए अनोखे अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा कि बंगाल का प्यार उन्हें खींच लाता है, लेकिन जब वह यहां की संस्कृति का आनंद लेते हैं, तो सत्ताधारी दल को दर्द होने लगता है।’झालमुड़ी’ के बहाने टीएमसी पर बड़ा प्रहारपीएम मोदी ने रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर जोश के साथ कहा, “मैंने झालमुड़ी क्या खा ली, मिर्ची सीधे टीएमसी के नेताओं को लग गई।” दरअसल, पीएम मोदी अक्सर अपनी बंगाल यात्राओं के दौरान स्थानीय व्यंजनों और संस्कृति से जुड़ाव दिखाते रहे हैं। उन्होंने इसी बहाने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि टीएमसी को बंगाल के विकास और यहां की परंपराओं के सम्मान से दिक्कत है। पीएम ने आरोप लगाया कि बंगाल में दीदी की सरकार केवल ‘भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद’ की झोली भर रही है।संदेशखाली और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेराप्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में संदेशखाली की घटना और बंगाल में हुए विभिन्न घोटालों का जिक्र करते हुए टीएमसी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन का मन बना चुकी है। पीएम मोदी ने कहा, “टीएमसी ने बंगाल को तोलाबाजी और कट-मनी का केंद्र बना दिया है। यहां की मां-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और युवा रोजगार के लिए तरस रहे हैं।”कृष्णानगर में भाजपा की लहर का दावाकृष्णानगर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत तय है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस बार वोट की चोट से टीएमसी के ‘आतंक के शासन’ को खत्म करें। पीएम ने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे पीएम आवास योजना और उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ममता सरकार इन लाभों को आम जनता तक पहुँचने से रोक रही है।’जय श्री राम’ के नारों से गूंजा मैदानरैली के दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा। पीएम मोदी ने अंत में कहा कि बंगाल की धरती वीर महापुरुषों की धरती है और इसे अब भ्रष्ट नेताओं के चंगुल से मुक्त कराने का समय आ गया है। इस रैली के बाद बंगाल की सियासत में जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।



