दिवाली से पहले CCPA का बड़ा प्रहार: ऑनलाइन बिक रहे थे विस्फोटक पदार्थ, इन 7 दिग्गज प्लेटफॉर्म्स पर कसा कड़ा शिकंजा

दीपावली और धनतेरस के महापर्व से ठीक पहले देश भर में जनसुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बेहद आक्रामक और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन के सामान की तरह ई-कॉमर्स और बी2बी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम खतरनाक विस्फोटक रसायनों और पटाखों की लिस्टिंग किए जाने के गंभीर मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने बड़ी कार्रवाई की है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन कार्यरत शीर्ष नियामक सीसीपीए के कड़े हस्तक्षेप के बाद 7 प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म्स से 3,940 अवैध विक्रेताओं (सेलर्स) और उनकी लिस्टिंग्स को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर, पीईटीएन (Pentaerythritol Tetranitrate) और पिक्रिक एसिड जैसे विनाशकारी व विनियमित रसायनों की खुलेआम इंटरनेट पर उपलब्धता ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे। दिवाली के त्योहारी सीजन में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न अदालतों द्वारा ऑनलाइन पटाखों व अवैध विस्फोटकों की बिक्री पर सख्त रोक लगाए जाने के बावजूद ये प्लेटफॉर्म्स तीसरे पक्ष के विक्रेताओं को ऐसे पदार्थों को प्रदर्शित और व्यापार करने की सुविधा दे रहे थे। सीसीपीए ने इस कृत्य को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 का घोर उल्लंघन और भ्रामक व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) करार दिया है।
किन 7 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर हुई कार्रवाई: 3,940 सेलर्स पर गिरी गाज
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सीसीपीए ने देश के जाने-माने ई-कॉमर्स, सर्च इंजन और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) डायरेक्टरी पोर्टल्स की गहन जांच के बाद यह कानूनी शिकंजा कसा है। प्राधिकरण की कार्रवाई के दायरे में आए 7 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में इंडियामार्ट (IndiaMART), ट्रेडइंडिया (TradeIndia), डायल4ट्रेड (Dial4Trade), जस्टडायल (Justdial), एक्सपोर्टर्सइंडिया (ExportersIndia), सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और आईबायकेमिकल्स शामिल हैं।
सीसीपीए के निर्देश मिलते ही इन सभी प्लेटफॉर्म्स ने अपनी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स की सघन आंतरिक समीक्षा की और कुल 3,940 संदिग्ध सेलर्स की लिस्टिंग्स को डीलिस्ट कर दिया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा अवैध विक्रेताओं का जाल इंडियामार्ट पर फैला हुआ था, जहां से अकेले 3,092 सेलर्स को हटाया गया। इसके अलावा एक्सपोर्टर्सइंडिया से 421 सेलर्स, जस्टडायल से 206 सेलर्स, ट्रेडइंडिया से 166 सेलर्स और डायल4ट्रेड से 11 विक्रेताओं की लिस्टिंग डिलीट की गई। वहीं सिग्मा-एल्ड्रिच और आईबायकेमिकल्स ने स्पष्ट किया कि वे थर्ड-पार्टी सेलर्स के उत्पाद लिस्ट नहीं करते, बल्कि खुद की इन्वेंट्री बेचते हैं, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।
तीन मामलों में 30 लाख का भारी जुर्माना: NCDRC ने भी अपील ठुकराई
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने केवल लिस्टिंग हटवाने तक ही अपनी कार्रवाई को सीमित नहीं रखा, बल्कि इस लापरवाह रवैये के खिलाफ अंतिम दंडात्मक आदेश (Final Penalty Orders) भी पारित कर दिए हैं। प्राधिकरण ने अब तक तीन अलग-अलग मामलों में कुल ₹30 लाख का नकद जुर्माना ठोका है।
इसमें डायल4ट्रेड (Dial4Trade) पर अमोनियम नाइट्रेट की अवैध ऑनलाइन लिस्टिंग और सुविधा देने के मामले में ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया। डायल4ट्रेड ने इस जुर्माने के आदेश को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की दलीलों को पूरी तरह खारिज करते हुए 9 अक्टूबर 2026 को उसकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही, एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड) पर दो अलग-अलग मामलों में 10-10 लाख रुपये (कुल ₹20 लाख) का भारी जुर्माना लगाया गया है, जो अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन सुविधा देने से संबंधित हैं।
कानूनन क्यों खतरनाक है विस्फोटकों की खुली ऑनलाइन बिक्री: PESO लाइसेंस का पेंच
भारत में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosives Act, 1884), विस्फोटक नियम (Explosives Rules, 2008) और अमोनियम नाइट्रेट नियम (Ammonium Nitrate Rules, 2012) के तहत किसी भी प्रकार के विस्फोटक या विस्फोटक बनाने में काम आने वाले रसायनों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और खरीद-बिक्री पर अत्यंत कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण लागू है। पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा जारी वैध लाइसेंस और खरीदार के व्यक्तिगत सत्यापन (KYC) के बिना इनका 1 ग्राम भी बेचना या खरीदना गैर-जमानती अपराध है।
अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन जैसे खतरनाक पदार्थ वही रसायन हैं जिनका इस्तेमाल आतंकी हमलों, आईईडी (IED) ब्लास्ट्स और अवैध खनन विस्फोटों में किया जाता रहा है। दिवाली के समय असामाजिक तत्व और अवैध पटाखा निर्माता बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के इन पोर्टल्स के जरिए थोक में कच्चा माल मंगवाने की कोशिश करते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर एक साधारण सर्च बॉक्स में इन रसायनों का उपलब्ध होना किसी भी असत्यापित खरीदार को सीधे विक्रेता से जोड़ देता था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता के जीवन को सीधा खतरा पैदा हो रहा था।
इंडियामार्ट और जस्टडायल पर चल रही है जांच: हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों पर जुर्माना लगा है, उनके अलावा अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जांच महानिदेशक (DG Investigation) द्वारा अभी भी जारी है। इंडियामार्ट और जस्टडायल को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी गई थी और दोनों कंपनियों ने अपना लिखित स्पष्टीकरण दाखिल किया है।
इंडियामार्ट ने सीसीपीए के नोटिस को कानूनी रूप से दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जहां मामले की सुनवाई विचाराधीन है। वहीं, जस्टडायल के मामले में सीसीपीए के समक्ष अंतिम सुनवाई आगामी 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। नियामक ने साफ कर दिया है कि बिचौलिया (Intermediary) होने की आड़ लेकर कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। प्लेटफॉर्म्स को अपने एल्गोरिदम और एआई फिल्टर्स को इतना चाक-चौबंद करना होगा कि कोई भी प्रतिबंधित या खतरनाक वस्तु सिस्टम में अपलोड ही न हो सके।
आम जनता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1915: संदिग्ध ऑनलाइन बिक्री दिखे तो तुरंत करें रिपोर्ट
सीसीपीए ने देश के सभी नागरिकों और जागरूक उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। दिवाली के पावन अवसर पर यदि किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, व्हाट्सएप ग्रुप या डिलीवरी ऐप पर पटाखे, आतिशबाजी, बारूद या किसी भी प्रकार के संदिग्ध विस्फोटक रसायन बिकते दिखाई दें, तो नागरिक उसकी तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उपभोक्ता भारत सरकार के राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) के टोल-फ्री नंबर 1915 पर सीधे कॉल करके या NCH मोबाइल ऐप व उपभोक्ता पोर्टल पर अपनी गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ-साथ हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद अहम राष्ट्रीय कर्तव्य है।




