एरिका फर्नांडिस की टीवी पर वापसी, ‘108 बेस हॉस्पिटल उरी’ में बनेंगी आर्मी डॉक्टर

भारतीय टेलीविजन और मनोरंजन जगत के गलियारों में इन दिनों एक बेहद लोकप्रिय चेहरे की वापसी को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। छोटे परदे की जानी-मानी और चहेती अभिनेत्री एरिका फर्नांडिस (Erica Fernandes) लगभग पांच साल के लंबे अंतराल के बाद टेलीविजन की दुनिया में एक नए और धमाकेदार अवतार के साथ लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एरिका जल्द ही एक नए और लीक से हटकर बनाए गए शो ‘108 बेस हॉस्पिटल उरी’ (108: Base Hospital Uri) में डॉ. मेजर नैना सान्याल की मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। कश्मीर की बेहद हसीन लेकिन चुनौतीपूर्ण वादियों की पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो पारंपरिक सास-बहू के ड्रामे से कोसों दूर है और सीधे युद्धभूमि के पीछे बने आर्मी हॉस्पिटल की उस सच्चाई को बयां करता है, जहां सेना के डॉक्टर और मेडिकल टीम असाधारण दबाव और संघर्ष के बीच देश के घायल सैनिकों का इलाज करती है। अभिनय की दुनिया से लंबे समय तक दूर रहने की वजह, पारंपरिक टीवी धारावाहिकों से दूरी और अपनी इस नई साहसिक भूमिका को लेकर एरिका फर्नांडिस ने खुलकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं, जिससे उनके फैंस के बीच उत्साह का माहौल है।

जब एरिका फर्नांडिस से यह सवाल किया गया कि उन्होंने टेलीविजन से इतने लंबे समय तक दूरी क्यों बनाए रखी, तो उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में जवाब दिया कि उस दौरान उनके पास जितने भी प्रोजेक्ट्स के ऑफर आ रहे थे, वे सभी पारंपरिक सास-बहू वाले ड्रामे थे, जिन्हें वह किसी भी कीमत पर दोहराना नहीं चाहती थीं। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से वह पहले ही उस शैली के तीन शो कर चुकी थीं, और अब वह खुद को एक ही तरह के सांचे में नहीं बांधना चाहती थीं। उन्होंने महसूस किया कि यदि वह लगातार पारंपरिक बहुओं वाले किरदार ही निभाती रहीं, तो दर्शक और निर्माता उन्हें केवल उसी रूप में देखने लगेंगे और उनकी अभिनय क्षमता एक सीमित दायरे में सिमट कर रह जाएगी। यही वजह है कि उन्होंने एक लंबा इंतजार करना बेहतर समझा, क्योंकि उनके लिए सही प्रोजेक्ट चुनना और कुछ नया करना बेहद जरूरी था। जब उनके पास ‘108 बेस हॉस्पिटल उरी’ जैसी अनूठी स्क्रिप्ट आई, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के इसके लिए हां कह दिया। उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि वह कभी टीवी नहीं करेंगी, बल्कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि यदि कुछ लीक से हटकर और गुणवत्तापूर्ण काम मिलेगा, तो वह निश्चित रूप से उसका हिस्सा बनेंगी।

एरिका फर्नांडिस ने अपने इस नए प्रोजेक्ट की शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इस शो की शूटिंग किसी कृत्रिम सेट पर नहीं, बल्कि कश्मीर समेत कई वास्तविक और बेहद कठिन लोकेशंस पर की गई है। इस शो की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें कलाकारों द्वारा पहनी गई सेना की वर्दी कोई आम कॉस्ट्यूम डिजाइनर द्वारा तैयार की गई पोशाक नहीं है, बल्कि वह बिल्कुल वास्तविक और असली सेना की वर्दी है, जिससे इस किरदार की प्रामाणिकता और अधिक बढ़ जाती है। मेडिकल क्षेत्र से उनका पुराना लगाव भी इस शो को चुनने का एक बहुत बड़ा कारण रहा है। एक सैन्य डॉक्टर की मानसिक स्थिति और उसकी कार्यशैली एक आम अस्पताल के डॉक्टर से बिल्कुल अलग होती है। युद्ध के मैदान में अपने देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर सैनिकों का इलाज करने वाले इन डॉक्टरों के नजरिए को पर्दे पर उतारने के लिए एरिका ने काफी मेहनत और तैयारी की है। संवाद अदायगी, आवाज में ठहराव, शारीरिक भाषा और एक फौजी डॉक्टर के दृष्टिकोण को समझने के लिए उन्होंने काफी बारीकी से काम किया है, जो उनके फैंस के लिए स्क्रीन पर देखना एक बिल्कुल नया और प्रेरणादायक अनुभव होने वाला है।

लगातार कई वर्षों तक दैनिक धारावाहिकों (Daily Soaps) में काम करने के बाद कलाकारों को होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान पर बात करते हुए एरिका ने माना कि टीवी की जिंदगी बेहद कठिन होती है। दैनिक शो में काम करने के दौरान कलाकारों के पास अपनी निजी जिंदगी के लिए पर्याप्त समय नहीं बचता और वे कोई दूसरा काम भी नहीं कर पाते। यही कारण है कि लंबे समय तक काम करने के बाद थकान होना स्वाभाविक है। हालांकि, ‘108 बेस हॉस्पिटल उरी’ का फॉर्मेट उनके लिए एक बहुत अच्छा संतुलन साबित हुआ है, क्योंकि यह एक तरफ जहां टेलीविजन पर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसकी शूटिंग का तरीका पूरी तरह से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसा है। इस शो की शूटिंग पारंपरिक टीवी की तरह हर दिन बदलने वाली स्क्रिप्ट के आधार पर नहीं हुई, बल्कि इसे पूरी तरह से एक तय फॉर्मेट और बाउंड स्क्रिप्ट के साथ पहले ही शूट कर लिया गया है। कलाकारों को पता था कि तीन महीने तक इस प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद वे अपनी मर्जी से दूसरा काम कर सकते हैं। इसके अलावा, जब उनसे उनके किरदार में प्रेम कहानी के पहलू पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत ही सुंदर जवाब देते हुए कहा कि उनके लिए प्यार का मतलब केवल शब्दों का होना नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और खामोशी में भी पूरी तरह सहज महसूस करना है।

अपने फिल्मी करियर और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने के अनुभवों को याद करते हुए एरिका ने यह स्पष्ट किया कि उनके लिए बॉलीवुड या किसी भी फिल्म में स्थापित होना ही जीवन की अंतिम मंजिल नहीं रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से ही की थी, लेकिन उनकी सोच कभी यह नहीं रही कि उन्हें सिर्फ हिंदी सिनेमा में ही चमकना है। उनके लिए सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि उन्हें जहां भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का अच्छा और संतोषजनक मौका मिले, वह वहां पूरी ईमानदारी से काम करें। जब उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में फिल्मों से टेलीविजन की दुनिया का रुख किया था, तब भी कई लोगों ने उनसे सवाल किया था कि वह फिल्मों से छोटे पर्दे पर क्यों आ रही हैं, क्योंकि फिल्मों का स्तर अलग माना जाता है। लेकिन एरिका का हमेशा से यह मानना रहा है कि हर माध्यम की अपनी एक अलग खूबी और ताकत होती है। सच कहा जाए तो टेलीविजन ने उन्हें वह असीम प्यार, पहचान और लोकप्रियता दी है, जो शायद केवल फिल्मों के जरिए हासिल नहीं हो पाती। अब पांच साल के एक लंबे और सोचे-समझे अंतराल के बाद एरिका फर्नांडिस का एक डॉक्टर और फौजी के रूप में इस नए प्रोजेक्ट के साथ लौटना यह साबित करता है कि वह लीक से हटकर प्रयोग करने से डरती नहीं हैं, और उनकी यह वापसी उनके करियर में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रही है।

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