UP Weather Alert: यूपी में एक्टिव हुआ मानसून! अगले 5 दिनों तक पूर्व से पश्चिम तक भारी बारिश का अलर्ट, संभल में सबसे ज्यादा पानी बरसा

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी रफ्तार के साथ सक्रिय हो गया है, जिससे झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश के पूर्व से लेकर पश्चिम तक भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिमी यूपी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी द्रोणी (Monsoon Trough) के सक्रिय होने के कारण बादलों की आवाजाही तेज हो गई है, जिससे राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ झमाझम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।

जानिए अगले 5 दिनों तक यूपी के किन जिलों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है:

  • 7 और 8 अगस्त: पश्चिमी यूपी के साथ-साथ आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

  • 9 और 10 अगस्त: इस दौरान बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशाम्बी, चंदौली, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और भारी वर्षा हो सकती है।

  • 11 अगस्त: प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों विशेषकर आगरा, इटावा, औरैया, जालौन और झांसी के आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

संभल में सबसे ज्यादा बारिश, इन जिलों में भी बरसे बदरा

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। संभल के गुन्नौर में सबसे अधिक 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो भारी से बहुत भारी श्रेणी में आती है। इसके अलावा बुलंदशहर के नरौरा में 110.4 मिमी, हमीरपुर के राठ में 93 मिमी, जालौन के कालपी में 86.8 मिमी, बागपत के खेकड़ा में 84 मिमी और फर्रुखाबाद के कायमगंज में 65.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक यूपी में सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें पूर्वी यूपी में सामान्य से 25 प्रतिशत कम और पश्चिमी यूपी में भी औसत से कम आंकड़े दर्ज किए गए हैं, जिसे यह नया मानसूनी दौर काफी हद तक संतुलित करने की उम्मीद है।

किसानों के लिए सलाह और मौसम विभाग की चेतावनी

लगातार होने वाली इस भारी बारिश के चलते निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और सड़कों के अंडरपास में पानी भरने की समस्या उत्पन्न होت सकती है। इसके अलावा कच्चे मकानों को नुकसान, बिजली आपूर्ति में बाधा और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे गन्ने, धान, मक्का, अरहर और सब्जियों की फसलों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का पुख्ता प्रबंध करें और भारी बारिश के दौरान खेतों में उर्वरक या रसायनों का छिड़काव न करें।

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