विद्युत मंत्री श्री आर. के. सिंह ने आरा, बिहार के लोगों को समर्पित किए 74 डेवलपमेंटल प्रोजेक्ट्स

Image default
देश-विदेश प्रौद्योगिकी

श्री आर. के. सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (विद्युत, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा) एवं राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता), भारत सरकार ने विद्युत क्षेत्र पर केंद्रित देश की अग्रणी एनबीएफसी पावर फाइनेंस काॅर्पोरेशन द्वारा विकसित विभिन्न सीएसआर परियोजनाओं और सुविधाओं को आज आरा के लोगों को समर्पित किया।

माननीय मंत्री महोदय ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये इन प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पीएफसी लिमिटेड के सीएमडी श्री आर. एस. ढिल्लन और पीएफसी लिमिटेड के डायरेक्टर (काॅमर्शियल), राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारी और पीएफसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा, ‘‘आज मुझे इस बात की खुशी है कि मैं आरा क्षेत्र के पीरो और जगदीशपुर प्रखंडों के विभिन्न गांवों में पीएफसी की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत 74 परियोजनाओं का लोकार्पण कर रहा हूं। इनमें 55 स्थानों पर पीसीसी सड़कों का निर्माण, 12 स्थानों पर छठ घाट का निर्माण, 3 स्थानों पर एलईडी/सोलर/हाइमास्टलाइट व 2 स्थानों पर सामुदायिक केंद्र एवं चबूतरा, 2 स्थानों पर पुलिया का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं पर 9 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत आई है।

श्री सिंह ने आगे कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि पीरो तथा जगदीशपुर प्रखंडों की जनता को इन परियोजनाओं से अवश्य लाभ पहुंचेगा और ये परियोजनाएं आपके जीवन में खुशहाली व सुगमता का नया प्रकाश लाएँगी। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब आपके सहयोग एवं प्रयासों से बिहार को विकास के पथ पर और एक बेहतर जीवन की ओर अग्रसर कर सकेंगे।“

राज्य के आरा जिले में 22.80 करोड़ रुपये की लागत से पीएफसी की विकास परियोजनाएं संचालित की गई हैं। इनमें पीसीसी रोड, ड्रेनेज सिस्टम, कम्युनिटी सेंटर लाइब्रेरी, छठ घाट और सोलर लाइट का निर्माण शामिल है। जिन प्रखंडों में ये परियोजनाएँ लागू की गई हैं, वे हैं आरा, बिहार के पीरो, बिहिया और जगदीशपुर।

पीएफसी ने आरा में मास्क, सेनिटाइजेशन से संबंधित सामग्री और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), चिकित्सा सुविधा और उपकरणों की खरीद और वितरण के लिए 12 लाख रुपए का योगदान दिया है।

पीएफसी विकास संबंधी परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आबादी और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को समर्थन देकर उनके जीवन में समृद्धि की शुरुआत करते हुए अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा कर रहा है।

Related posts

जनजातीय मंत्रालय के तहत ट्राइफेड अन्य उपक्रमों के सहयोग से नए डिजाइन बनाने की पहल कर रहा है

85 लाख दूधारू पशु चिन्हित और उनके डाटा आईएनएटीएच डाटा बेस में अपलोड

उत्तर प्रदेश, बिहार की लोकसभा सीटों पर 11 मार्च को उपचुनाव होंगे