PM आवास के पास वायुसेना की 39.5 एकड़ जमीन अब केंद्र के पास

नई दिल्ली के लुटियंस जोन स्थित लोक कल्याण मार्ग पर स्थित प्रधानमंत्री आवास के ठीक पास बनी भारतीय वायु सेना (IAF) की बेहद कीमती और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जमीन का हस्तांतरण पूरा हो गया है। वायु सेना ने रेस कोर्स स्थित अपने करीब 8 दशक पुराने 39.5 एकड़ के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गोल्फ कोर्स की जमीन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) को आधिकारिक रूप से सौंप दी है। करीब 40 एकड़ के इस विशालकाय परिसर में 9-होल का प्रीमियम गोल्फ कोर्स, अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट और रेस्तरां जैसी कई आधुनिक खेल व मनोरंजन सुविधाएं मौजूद थीं, जो रक्षा कर्मियों के इस्तेमाल में आती थीं। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी जमीनों के पुनरुद्धार और केंद्रीय प्रबंधन के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान के तहत यह अहम कदम उठाया गया है।
39.5 एकड़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स केंद्र के नियंत्रण में, शुरू होगा संयुक्त सर्वे
सरकार ने इस पूरी 39.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण 'जैसी है जहां है' (As is where is) के आधार पर पूरा किया है। इस औपचारिक हस्तांतरण के तुरंत बाद अब रक्षा संपदा कार्यालय (Defence Estates Office), भारतीय वायु सेना और L&DO की एक संयुक्त टीम इस जमीन की सीमाओं और वास्तविक क्षेत्रफल का भौतिक सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे का मुख्य मकसद आधिकारिक भूमि रिकॉर्ड्स और धरातल पर मौजूद वास्तविक क्षेत्र का मिलान करना तथा किसी भी प्रकार के सीमा विवाद या मापन में अंतर को समाप्त करना है। चूंकि यह भूखंड सीधे देश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास से सटा हुआ है, इसलिए सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से इस जमीन का direct control केंद्र के पास जाना बेहद रणनीतिक माना जा रहा है।
8 दशक पुरानी परंपरा पर लगा विराम, वायु सेना प्रमुख का 'फेयरवेल गोल्फ' रद्द
इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अचानक बंद होने और सरकारी नियंत्रण में जाने का एक बड़ा असर वायु सेना की दशकों पुरानी परंपराओं पर भी पड़ा है। 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह (Air Chief Marshal AP Singh) अपनी विदाई से पहले आयोजित होने वाले पारंपरिक 'गोल्फिंग-आउट' (Golfing-out) समारोह का आयोजन इस गोल्फ कोर्स में नहीं कर सके। आमतौर पर भारतीय वायु सेना प्रमुख इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के 'संरक्षक-इन-चीफ' होते हैं और रिटायरमेंट से पहले गोल्फ खेलकर अपनी आधिकारिक विदाई लेते हैं। हालांकि, परिसर पर L&DO के कब्जा लेने और एंट्री बंद होने के कारण यह ऐतिहासिक विदाई मैच आयोजित नहीं हो सका।
लुटियंस दिल्ली में कीमती सरकारी जमीनों की वापसी का व्यापक अभियान
भारतीय वायु सेना की यह जमीन अकेले कोई पृथक मामला नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार लुटियंस दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग के आसपास स्थित सैकड़ों एकड़ प्राइम लैंड को अपने कब्जे में ले रही है। इससे पहले अगस्त महीने में L&DO ने दिल्ली रेस क्लब (Delhi Race Club) के पास मौजूद लगभग 53 एकड़ जमीन और इंडियन पोलो एसोसिएशन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऐतिहासिक 'जयपुर पोलो ग्राउंड' (Jaipur Polo Ground) को भी अपने नियंत्रण में लिया था। सरकार ने सार्वजनिक उपयोग, प्रशासनिक आवश्यकताओं और रक्षा बुनियादी ढांचे के विस्तार का हवाला देते हुए इन कीमती परिसंपत्तियों को वापस लिया है। हालांकि, वायु सेना के 39.5 एकड़ के इस रीक्लेम किए गए भूखंड का भविष्य में किस खास जनहित या प्रशासनिक योजना में उपयोग होगा, इसका औपचारिक खुलासा केंद्र सरकार द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद किया जाएगा।




