राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने सब्सिडी के रिकॉर्ड 1278 लंबित आवेदनों का निपटारा किया

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राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी), जोकि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन है, ने पिछले एक साल के दौरान कटाई के बाद की और कोल्ड चेन से जुड़ी अवसंरचना को बढ़ावा देने समेत देश में उच्च तकनीक पर आधारित वाणिज्यिक बागवानी के एकीकृत विकास के उद्देश्य से लंबे समय से लंबित पड़े सब्सिडी के रिकॉर्ड 1278 आवेदनों को मंजूरी दे दी है।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के नेतृत्व में, एनएचबी की टीम ने इस सराहनीय कार्य को पूरा करने के लिए एक अभियान मोड में काम किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव और प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने कार्य की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखी और एनएचबी के अधिकारियों को लगातार मार्गदर्शन दिया। मंत्रालय की प्रत्यक्ष निगरानी में, एनएचबी ने योजना के दिशानिर्देश, दस्तावेजीकरण और नए आवेदनों के निपटारे की प्रक्रिया को सरल बनाकर व्यवसाय करने में आसानी के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान जहां 357 लाभार्थियों को सब्सिडी दी गई, वहीं 921 नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

एनएचबी ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की कृषि अवसंरचना कोष (एग्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड स्कीम) के साथ अपनी बैक-एंड कैपिटल इनवेस्टमेंट सब्सिडी योजनाओं के एकीकरण की सुविधा भी प्रदान की है, ताकि बागवानी क्षेत्र में कटाई के बाद की और कोल्ड चेन से जुड़ी अवसंरचना स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी कवरेज के साथ ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज के अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा सके।

एनएचबी की बैक एंडेड कैपिटल इनवेस्टमेंट सब्सिडी योजनाएं न केवल निजी क्षेत्र की ओर से बागवानी के क्षेत्र में भारी निवेश को आकर्षित कर रही हैं, बल्कि वे देश में लागत प्रभावी ग्रीनहाउस और कोल्ड चेन प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण में भी सहायक साबित हो रही हैं। एनएचबी की योजनाएं देश में संरक्षित खेती के तहत एक बड़े क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण फूलों और उच्च मूल्य वाली सब्जियों की फसलों की खेती और एक बड़ी कोल्ड स्टोरेज क्षमता को भी स्थापित करने में सक्षम हुई हैं। एनएचबी के वित्तीय समर्थन के साथ, उच्च तकनीकी पर आधारित वाणिज्यिक बागवानी के तहत 2210 एकड़ के अतिरिक्त क्षेत्र को खुले और संरक्षित दोनों किस्म की खेती के जरिए बागवानी के तहत लाया गया है। इसके अलावा एनएचबी की कोल्ड स्टोरेज योजना के तहत 1.15 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त कोल्ड स्टोरेज क्षमता निर्मित की गई है।

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