निवेशक नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (एनएसडब्ल्यूएस) के माध्यम से 248 जी2बी क्लियरेंस के लिए आवेदन कर सकते है

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नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (एनएसडब्ल्यूएस) वर्तमान  में 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में विभिन्न राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर की मंजूरी देने के अलावा 26 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में 248 जी2बी मंजूरी देने के लिए आवेदन स्वीकार करता है।

यह पोर्टल तेजी से निवेशक समुदाय के बीच लोकप्रिय हो रहा है और अभी तक इसके लगभग 3.7 लाख से अधिक विशिष्ट विजिटर्स हैं। एनएसडब्ल्यूएस के माध्यम से 44,000 से अधिक मंजूरी देने में मदद मिली है और 28,000 से अधिक आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। यह पोर्टल  उपयोगकर्ता/उद्योग प्रतिक्रिया के आधार पर उत्तरोत्तर बड़ी संख्या में अनुमोदन और लाइसेंस प्रदान करेगा। सरकार सभी क्षेत्रों में व्यापार और निवेश अनुकूल माहौल बनाने के लिए सुधारों और अन्य साहसिक उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य, सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 22 सितंबर 2021 को सभी हितधारकों और जनता के लिए एनएसडब्ल्यूएस का सॉफ्ट लॉन्च किया था। एनएसडब्ल्यूएस को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा एक निवेश मंजूरी सेल (आईसीसी) के निर्माण की बजट घोषणा के अनुसार भारत में निवेशकों, उद्यमियों और व्यवसाइयों को आवश्यक अनुमोदन और मंजूरी की पहचान करने एवं मंजूरी प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए सृजन किया गया था।

इस प्रणाली की परिकल्पना विभिन्न मंत्रालयों को सूचना प्रस्तुत करने के दोहरेपन को घटाने, अनुपालन बोझ को कम करने, क्षेत्र विशेष के सुधारों और योजनाओं को बढ़ावा देने, परियोजनाओं की निर्माण अवधि को कम करने और व्यवसाय शुरू करने तथा कराने में सरलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। एनएसडब्ल्यूएस सभी एकीकृत राज्यों और केंद्रीय विभागों के लिए अनुमोदन की पहचान करने, और आवेदन तथा उसके बाद ट्रैकिंग को भी सक्षम बनाता है, जिससे यह वास्तव में नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम बन जाता है।

यह भी उल्लेखनीय है कि 32 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के 544 अनुमोदनों और 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 2895 अनुमोदनों के साथ एनएसडब्ल्यूएस पर ‘नो योर अप्रूवल्स’ (केवाईए) सेवा उपलब्ध है। कुल 3439 अनुमोदन सूचीबद्ध हैं। कुल 1,32,510 निवेशकों ने केवाईए मॉड्यूल का उपयोग यह जानने के लिए किया है कि उन्हें अपने व्यवसायों के लिए किस प्रकार के अनुमोदन की जरूरत है। 248 मंजूरियों के साथ 26 मंत्रालय/विभाग (दायरे में कुल मंजूरियां : 376) शामिल हैं। 16 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ऑनबोर्ड है। जिनके नाम हैं – आंध्र प्रदेश, बिहार, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड।

टीमें 15 दिसंबर तक एकीकृत कार्य के लिए 5 और राज्यों (हरियाणा, अंडमान और निकोबार, त्रिपुरा, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश) के साथ काम कर रही हैं।  एनएसडब्ल्यूएस पर अब तक कुल 71,000 मंजूरियों के लिए आवेदन किये जा चुके हैं। एनएसडब्ल्यूएस को 157 देशों से आने वाले विजिटर्स देखते हैं जिसमें अमेरिका, यूके और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) शीर्ष पर हैं। उम्मीद है कि भारत सरकार के बकाया 8 मंत्रालयों/विभागों भी 31 दिसंबर 2022 तक और बकाया राज्य/केंद्र शासित प्रदेश 31 मार्च 2023 तक इस पर ऑनबोर्ड हो जायेंगे।

एनएसडब्ल्यूएस  (नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम) की प्रगति और स्थिति की समीक्षा  5 दिसंबर  2022  को मंत्रालयों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ की जाने वाली है।  इस संबंध में, नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के साथ विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों के एकीकरण की स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रारंभिक बैठकें आयोजित की गई हैं।

इन बैठकों में हितधारकों की सक्रिय भागीदारी देखी गई है। डीपीआईआईटी और इन्वेस्ट इंडिया इस राष्ट्रीय पोर्टल के निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए एनएसडब्ल्यूएस की स्थापना की प्रक्रिया में मंत्रालयों, राज्यों और उद्योग संघों के साथ सक्रिय और नियमित रूप से समीक्षा कार्य कर रहे हैं। राज्यों और मंत्रालयों के 150 से अधिक प्रतिभागियों  ने डीपीआईआईटी के विशेष सचिव द्वारा आयोजित समीक्षा बैठकों में भाग लिया और एनएसडब्ल्यूएस के लिए आगे के कार्यक्रमों के बारे में विचार-विमर्श किया।

हितधारक मंत्रालयों और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ बातचीत के दौरान,  देश के मजबूत विकास पथ पर  प्रकाश डाला गया और  देश की महत्वाकांक्षाओं और लक्ष्यों को साकार करने के लिए  ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण कैसे महत्वपूर्ण है’ इस बारे में विचार-विमर्श किया गया। इस संदर्भ में एनएसडब्ल्यूएस पहल विभिन्न मंत्रालयों, भारत सरकार के विभागों और राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ एक ही पोर्टल पर निवेशक संबंधी मंजूरी की सुविधा के लिए एक साथ आने वाले ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है, जिससे व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा मिल सके।

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