विद्युतचालित वाहनों की चार्जिंग अवसंरचना से संबंधित नीति-निर्माण पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

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देश-विदेश

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सहयोग से ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने कल नई दिल्ली में विद्युतचालित वाहनों की चार्जिंग अवसंरचना से संबंधित नीति-निर्माण के लिए एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की।

इस कार्यशाला में ईवीएसई प्रणाली, ईवी चार्जिंग अवसंरचना का निर्माण, नीतिगत सहयोग, व्यापार अनुकूल प्रारूपों की खोज आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। वैश्विक और घरेलू अनुभवों के आधार पर विभिन्न स्तरों पर सरकार के लिए नीतिगत विकल्पों पर विचार किया गया। इन विकल्पों में प्रोत्साहन, छूट, शहरी योजनाओं में बदलाव, ईवी चार्जिंग अवसंरचना निर्माण के लिए अवरोधों को दूर करना आदि शामिल हैं।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए बीईई के महानिदेशक श्री अभय वक्रे ने कहा कि हम चाहते थे कि यह कार्यशाला उन देशों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करे, जो ईवी के क्षेत्र में योगदान देना चाहते हैं या आवागमन के किसी अन्य विकल्प को अपनाना चाहते हैं। नीतियों और नियामकों को बाद में भी लागू किया जा सकता है। इससे शोध संस्थाओं को ऐसी अवसंरचना के विकास व निर्माण के लिए बाजार से मदद मिलेगी। हम ऐसी संभावनाओं का निर्माण करना चाहते हैं, जिसमें कंपनियां कच्चे तेल और जीवाश्म ईंधन के उपयोग में कमी लाएं और नवीकरणीय ऊर्जा पर भरोसा जताएं। इसके अलावा सौर हीटर और सौर पैनलों से संबंधित नियमों पर भी विचार किया जाएगा।

विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विवेक कुमार देवांगन ने कहा कि पिछले वर्ष हमने 100 प्रतिशत गांवों को विद्युतीकृत करने में सफलता प्राप्त की है। हमने पर्यावरण अनुकूल चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नवीकरणीय ऊर्जा के हिस्से को भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अप्रैल 2018 के एक सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया था कि विद्युत चालित वाहनों के चार्जिंग स्टेशन के निर्माण को सेवा माना जाएगा और इसे कोई भी व्यक्ति स्थापित कर सकेगा। चार्जिंग अवसंरचना के तकनीकी और सुरक्षा नियमों को बेहतर बनाया गया है। भारत में चार्जिंग अवसंरचना को लागू करने के लिए बीईई नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

पिछले दो वर्षों के दौरान विद्युत मंत्रालय ने चार्जिंग स्टेशन के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसमें लाइसेंस समाप्त करना भी शामिल है। देश में चार्जिंग अवसंरचना निर्माण के लिए दिशा-निर्देश और मानक जारी किए गए हैं। देश में आवागमन के लिए विद्युत चालित वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के विचारों/सुझावों का स्वागत हैं।

आईईए के अनुसार 2017 और 2018 के दौरान चार्जिंग प्वाइंट्स की संख्या में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पूरी दुनिया में 2019 में कुल 5.2 मिलियन चार्जिंग प्वाइंट्स होंगे।

कार्यशाला में नीति आयोग के प्रधान सलाहकार श्री अनिल श्रीवास्तव, ईईएसएल के एमडी श्री सौरव कुमार स्वच्छ ऊर्जा मंत्री सचिवालय (सीईएम) के प्रमुख श्री क्रिश्चियन जिंगलेरसन और अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

टाटा मोटर्स, हुंडई मोटर्स, बीएमडब्ल्यू, ओकाया पॉवर, एक्जिकों पॉवर आदि कंपनियों ने प्रदर्शनी के माध्यम से ईवी क्षेत्र की उभरती तकनीक और ई-मोबिलिटी प्रौद्योगिकी को दिखाया।

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