भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (कॉर्पेट)

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भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच भारत-थाईलैंड समन्वित गश्त (इंडो-थाई कॉर्पेट) का 31 वां संस्करण दिनांक 09  से 11 जून 2021 के बीच आयोजित किया जा रहा है। भारतीय नौसेना का स्वदेशी निर्मित नौसैनिक अपतटीय गश्ती पोत जहाज (आईएनएस) सरयू एवं थाईलैंड का अपतटीय गश्ती पोत हिज मजेस्टीस थाइलैंड शिप (एचटीएमएस) कर्बी तथा दोनों नौसेनाओं के डोर्नियर समुद्री गश्ती विमान- कॉर्पेट में भाग ले रहे हैं।

दोनों देशों के बीच समुद्री संपर्कों को मजबूत करने और हिंद महासागर के इस महत्वपूर्ण हिस्से को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से दोनों नौसेनाएं 2005 से अपनी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पर कॉर्पेट का द्वि-वार्षिक आयोजन कर रही हैं। कॉर्पेट नौसेनाओं के बीच समझ और अंतरसंचालनीयता निर्मित करती है और अवैध असूचित अनियमित (आईयूयू) मछली पकड़ना, मादक पदार्थों की तस्करी, समुद्री आतंकवाद, सशस्त्र डकैती और समुद्री डकैती जैसी गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने और ख़त्म करने के उपायों के ढांचे को सुविधा प्रदान करता है। यह तस्करी रोकने, अवैध आप्रवास की रोकथाम करने और समुद्र में खोजबीन एवं बचाव के संचालन के लिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करके अभियान संबंधी तालमेल को बढ़ाने में मदद करता है।

सागर (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फ़ॉर ऑल इन द रीजन) के भारत सरकार के दृष्टिकोण के एक भाग के तौर पर, भारतीय नौसेना क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रही है। ऐसा द्विपक्षीय और बहुपक्षीय अभ्यासों, समन्वित गश्ती, संयुक्त ईईजेड निगरानी और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (एचएडीआर) अभियानों के माध्यम से किया गया है। भारतीय नौसेना और रॉयल थाई नौसेना के बीच विशेष रूप से एक घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं जिसमें अनेक प्रकार की गतिविधियां और आपसी तालमेल शामिल हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुए हैं।

31वीं भारत-थाई कॉर्पेट भारतीय नौसेना के अंतर-संचालनीय क्षमता को मजबूत करने एवं रॉयल थाई नौसेना के साथ मित्रता के सुदृढ संबंध बनाने के प्रयासों में योगदान देगी।

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