दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों के साथ: सीएम

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उत्तर प्रदेश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद कानपुर नगर पहुंचकर पुलिस दबिश के दौरान हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में शहीद पुलिस जवानों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रीजेन्सी अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री जी ने शहीद पुलिस कर्मियों के शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों के साथ है। उन्होंने कहा कि पुलिस के वीर जवानों ने जिस मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है, उसके प्रति हम सबकी विनम्र श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री जी ने शहीदों के परिजनों को 01-01 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने शहीदों के परिवार को असाधारण पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की है।
मुख्यमंत्री जी ने पुलिस लाइन, कानपुर नगर में इस सन्दर्भ में आयोजित एक प्रेसवार्ता में कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त दण्ड दिया जाएगा। उन्होंने बहादुर जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शहीदों के परिजनों के साथ है।
मुख्यमंत्री जी ने घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं। अनेक टीमें गठित की गई हैं। पुलिस मुठभेड़ में 02 अपराधी मारे भी गए हैं। पुलिस जवानों के कुछ असलहे भी बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के बहादुर जवानों ने स्वयं की परवाह किए बगैर दिन-रात में कोई अन्तर महसूस न करते हुए प्रत्येक स्थिति में तत्परता और मजबूती के साथ लगातार काम करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि माफिया और आपराधिक प्रकृति के तत्वों के खिलाफ जो अभियान वर्तमान में चलाया जा रहा है, उसी के क्रम में यह टीम दबिश देने गई थी और उस दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।
मुख्यमंत्री जी ने पुलिस के बहादुर जवानों के बलिदान और शहादत को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए हमारे जवान प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा के साथ-साथ शासकीय व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए उत्तरदायी प्रत्येक कर्मी और उसके परिवार के सुख-दुःख में सदैव उनके साथ है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के मुताबिक इस घटना की सजा भी भुगतनी होगी।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना, प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्रीमती कमलरानी वरुण, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार, जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि दिनांक 02 व 03 जुलाई, 2020 की रात्रि में कानपुर नगर के थाना चैबेपुर में क्षेत्राधिकारी श्री देवेन्द्र मिश्र के नेतृत्व में पुलिस की टीम एक दबिश में गई थी, जिसमें वादी राहुल तिवारी ने 307 में एक मुदकमा दर्ज कराया था। इसी सिलसिले में पुलिस एक दुर्दान्त अपराधी के यहां छापेमारी करने गई थी। इस दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। इस घटना में उत्तर प्रदेश पुलिस के क्षेत्राधिकारी श्री देवेन्द्र मिश्र, 03 उपनिरीक्षक श्री महेश चन्द्र यादव, (थानाध्यक्ष शिवराजपुर), उपनिरीक्षक श्री अनूप कुमार सिंह (थाना बिठूर), उपनिरीक्षक श्री नींबूलाल (थाना शिवराजपुर) के साथ 04 आरक्षी-श्री जितेन्द्र पाल, श्री सुलतान सिंह, श्री बबलू कुमार, श्री राहुल कुमार शहीद हो गए। इसके अलावा, इस मुठभेड़ में 06 पुलिसकर्मी और 01 होमगार्ड का जवान घायल हो गया।

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