वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विकास व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिवों के साथ बैठक में राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। इसके एजेंडे में एनआईपी परियोजनाओं की प्रगति, अभी तक हुए खर्च और परियोजना के कार्यान्वयन को गति देने के लिए की गई पहलों पर विचार-विमर्श करना था। यह एनआईपी परियोजना के कार्यान्वयन की निगरानी और गति देने के लिए वित्त मंत्री के साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की दूसरी समीक्षा बैठक थी।

बैठक में बताया गया कि महामारी के बावजूद एनआईपी अच्छी प्रगति दर्ज करने में कामयाब रही है। 6,835 परियोजनाओं के साथ एनआईपी का शुभारम्भ किया गया था, जिसका अब 7,300 से ज्यादा परियोजनाओं तक विस्तार कर दिया गया है। कई मंत्रालयों/ विभागों ने विशेष रूप से वित्त वर्ष 21 की दूसरी तिमाही में परियोजना के कार्यान्वयन और व्यय में अच्छी प्रगति प्रदर्शित की है। इसके अलावा, ज्यादातर मंत्रालयों/विभागों ने वित्त वर्ष 20 में हुए वास्तविक व्यय की तुलना में वित्त वर्ष 21 में अवसंरचना पर व्यय के लिए खासा ज्यादा लक्ष्य तय किया है।

समीक्षा बैठक में, इन दोनों मंत्रालयों/विभागों द्वारा वार्षिक लक्ष्य और किए गए व्यय के साथ ही अवसंरचना पर हुए व्यय के अलावा इस परियोजना को गति देने के लिए उठाए गए कदमों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत 80,915 करोड़ रुपये की 24 परियोजनाओं और जल संसाधन, आरडी एवं जीआर विभाग के अंतर्गत 2,79,604 करोड़ रुपये की 10 बड़ी परियोजनाओं के साथ ही परियोजना के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं (यदि कोई हो) की समीक्षा की गई।

प्रगति की समीक्षा के दौरान श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनआईपी की भारत सरकार की अपने नागरिकों को विश्व स्तरीय अवसंरचना उपलब्ध कराने और जीवन सुगमता बढ़ाने की पहल का हिस्सा है। वित्त मंत्री ने दोनों मंत्रालयों/विभागों से एनआईपी परियोजनाओं के समय से प्रभावी कार्यान्वयन के द्वारा अवसंरचना व्यय को बढ़ावा देने और राज्य सरकारों व अन्य मंत्रालयों के समन्वय से अनसुलझे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा है। मंत्रालयों/विभागों से संभावित निवेशकों के साथ विचार-विमर्श के द्वारा निवेश योग्य परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए भी कहा गया है। मंत्रालयों से निर्बाध ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने के  लिए भी कहा।

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