FBI ने दबोचा, एल्विश के घर फायरिंग से लेकर लॉरेंस से अदावत तक पूरी कुंडली

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय खुफिया तंत्र को संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल हुई है। भारत में ताबड़तोड़ हत्याओं, खौफनाक रंगदारी, कांट्रैक्ट किलिंग और अंतरराज्यीय सिंडिकेट चलाने वाला मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ संयुक्त राज्य अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय खुफिया इनपुट और इंटरपोल के सहयोग से एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक ऑपरेशन चलाकर हिमांशु को बेड़ियों में जकड़ लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा की हिट लिस्ट में टॉप पर चल रहे इस खूंखार गैंगस्टर की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कानून व्यवस्था की बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है। हिमांशु भाऊ को तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे बड़ा और कट्टर विरोधी माना जाता है। अमेरिकी धरती से उसके दबोचे जाने के बाद अब गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी उसके भारत प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी कागजी प्रक्रिया को तेजी से अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

FBI का गुप्त ऑपरेशन और इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस: विदेश में बैठकर चला रहा था खूनी सिंडिकेट

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुके हिमांशु भाऊ को पकड़ने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के समन्वय से इंटरपोल ने काफी समय पहले रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जब भारत में उसके खिलाफ मकोका और यूएपीए जैसी कठोर धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कसने लगा था, तब उसने जाली दस्तावेजों और फर्जी पहचान के सहारे भारतीय पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर फरार हो गया था। शुरुआती खुफिया रिपोर्ट्स में सामने आया था कि वह लंबे समय तक पुर्तगाल, स्पेन और यूरोपीय देशों में छिपकर अपना अपराध तंत्र चला रहा था। वह एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इंटरनेट कॉलिंग और विदेशी वीपीएन के जरिए भारत में बैठे अपने शूटरों को निर्देश जारी करता था। हाल ही में उसके अमेरिका में पनाह लेने की पुख्ता तकनीकी जानकारी भारतीय एजेंसियों को मिली थी, जिसे तुरंत एफबीआई के साथ साझा किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने इनपुट्स की पुष्टि होते ही हिमांशु की सटीक लोकेशन को घेरा और उसे धर दबोचा।

यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर फायरिंग का मामला: सनसनी फैलाकर व्यापारियों से मांगी थी करोड़ों की रंगदारी

हिमांशु भाऊ का नाम राष्ट्रीय सुर्खियों में तब और ज्यादा गूंजने लगा था जब उसने मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित आवास पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवाकर पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। हिमांशु भाऊ गैंग ने खुलेआम सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस गोलीबारी की पूरी जिम्मेदारी ली थी और एल्विश यादव को धमकाया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, भाऊ का मुख्य आपराधिक मॉडल दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े व्यापारियों, सट्टेबाजों, रियल एस्टेट कारोबारियों, शराब ठेकेदारों और मशहूर हस्तियों को डराकर करोड़ों की जबरन वसूली करना था। जो कोई भी उसकी फिरौती की मांग को ठुकराता था, उसके घर या प्रतिष्ठान पर हिमांशु के विदेश से मिले निर्देश पर बाइक सवार शार्पशूटर कई राउंड गोलियां बरसाकर सनसनी फैला देते थे। हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, झज्जर और दिल्ली के विभिन्न थानों में उसके और उसके गिरोह के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, डकैती और किडनैपिंग के अनगिनत संगीन मामले दर्ज हैं।

लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से खूनी अदावत: नीरज बवानिया और नवीन बाली से हाथ मिलाकर खड़ा किया था खौफनाक नेटवर्क

दिल्ली और उत्तर भारत के अंडरवर्ल्ड में हिमांशु भाऊ को लॉरेंस बिश्नोई के वर्चस्व को सीधी चुनौती देने वाले सबसे आक्रामक चेहरे के रूप में देखा जाता है। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के बढ़ते असर को कुचलने के लिए हिमांशु ने जेल में बंद दिल्ली के कुख्यात डॉन नीरज बवानिया, नवीन बाली, बंबीहा और काला जठेड़ी विरोधी सिंडिकेट के साथ मजबूत गठबंधन तैयार किया था। इस गठजोड़ के जरिए उसने युवाओं को सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल और विदेशी नागरिकता का लालच देकर अपने शूटरों की एक बड़ी पौध तैयार कर ली थी। एनसीआर और पंजाब में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुई कई हाई-प्रोफाइल गैंगवार और टार्गेट किलिंग्स में हिमांशु भाऊ और लॉरेंस गैंग के बीच खूनी आमना-सामना देखने को मिला है। हिमांशु की गिरफ्तारी से दिल्ली-हरियाणा के अंडरवर्ल्ड में शक्ति संतुलन पूरी तरह लड़खड़ा गया है और उसके विरोधी गुटों में जहां राहत देखी जा रही है, वहीं उसके नेटवर्क से जुड़े गुर्गों पर पुलिस का पहरा और कड़ा हो गया है।

भारत प्रत्यर्पण की तैयारी तेज: तिहाड़ से लेकर हरियाणा की जेलों तक कानूनी शिकंजा कसने की रणनीति

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी की पुष्टि होते ही भारत सरकार का गृह मंत्रालय एक्शन मोड में आ गया है। भारतीय राजनयिक और कानूनी दल अब अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) के साथ द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) के तहत हिमांशु को जल्द से जल्द भारत लाने की दिशा में कागजी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। भारतीय जांच एजेंसियां उसके खिलाफ दर्ज दर्जनों एफआईआर, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस, जाली पासपोर्ट से जुड़े सबूत और डिजिटल साक्ष्यों का पूरा डोजियर अमेरिकी कोर्ट में पेश करने के लिए तैयार कर रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हिमांशु भाऊ का भारत आना दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कई अनसुलझे मर्डर केस और अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क की कड़ियों को खोलने में सबसे अहम कड़ी साबित होगा। सुरक्षा एजेंसियां उसके भारत पहुंचते ही उसे सीधे स्पेशल सेल या एनआईए की रिमांड पर लेकर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की योजना बना रही हैं।

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