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औषधीय पौधों के उत्पादन पर किसानों को मिलेगा अनुदान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उद्यान विभाग द्वारा औषधीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय औषधीय पौध मिशन योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत राज्य के 52 जिलों को अच्छादित किया जा रहा है, जिसमें अश्वगंधा, कालमेघ, शतावरी, तुलसी तथा ऐलोवेरा आदि फसलों की खेती होगी। योजना के तहत कृषि अभिसरण, भण्डारण, मूल्यवर्द्धन और विपणन के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जायेगा, ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके।

उद्यान निदेशक एस.बी. शर्मा के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में एलोवेरा, तुलसी, अश्वगंधा, कालमेघ और शतावरी जैसे औषधीय पौधों की खेती तथा इनका लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी के पास आवश्यक सुविधाएं होना जरूरी है। इसके अंतर्गत लाभार्थी के पास राजस्व भू अभिलेखों में स्वयं के पास की भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। पर्याप्त सिंचाई के साधन जरूरी हैं। इसकी खेती पर व्यय होने वाली धनराशि वहन करने में वह सक्षम हो। लाभार्थी के पास बैंक खाता तथा पहचान हेतु वोटरकार्ड/राशन कार्ड/आधार कार्ड में से कोई कार्ड होना चाहिए।

श्री शर्मा ने बताया कि योजनान्तर्गत फसल प्रबन्धन के अंतर्गत ड्राइंगशेड स्थापना हेतु कृषकों/उद्यमियों को इकाई लागत धनराशि 10 लाख प्रति इकाई के सापेक्ष 50 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 5 लाख रुपये एवं औषधीय फसल उत्पाद को भण्डारित करने हेतु स्टोरेज गोडाउन की स्थापना हेतु कृषकों को इकाई लागत धनराशि 10 लाख रुपये प्रति इकाई के सापेक्ष 50 प्रतिशत देय अनुदान, अधिकतम धनराशि 05 लाख रुपये का भुगतान किये जाने का प्राविधान किया गया है।

उद्यान निदेशक ने बताया कि लाभार्थी/उद्यमी को योजना के लाभ हेतु पंजीकरण कराना होगा। वेबसाइट ूूूण्नचंहतपबनसजनतमण्बवउ पर आॅनलाइन आवेदन के लिए जनसुविधा केन्द्र, कृषक लोकवाणी, साइवर कैफे आदि के माध्यम से वे अपना पंजीकरण करा सकते हैं। लाभार्थी का चयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के सिद्धान्त के आधार पर नियमानुसार किया जायेगा। विस्तृत जानकारी के लिए किसान द्वारा अपने मण्डल/जनपद के उद्यान अधिकारी तथा उद्यान निदेशालय लखनऊ के प्रभारी/नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय औषधीय पौध मिशन, के दूरभाष 0522-2288604 से सम्पर्क किया जा सकता है।

श्री शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय औषधीय मिशन योजनान्तर्गत लाभार्थियों को अश्वगंधा फसल उत्पादन पर इकाई लागत धनराशि 36602.50 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 10980.75 रुपये कालमेघ की खेती में इकाई लागत धनराशि 36602.50 रुपये प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 10980.75 रुपये, शतावरी फसल उत्पादन पर इकाई लागत धनराशि 91506.25 प्रति हे0 के सापेक्ष 30 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 27451.80 रुपये एवं तुलसी की खेती पर इकाई लागत धनराशि 43923 प्रति हे0 के सापेक्ष 30 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 13176.90 रुपये तथा एलोवेरा की खेती पर इकाई लागत धनराशि 62224.25 प्रति हे0 के सापेक्ष 30 प्रतिशत देय अनुदान अधिकतम धनराशि 18672.20 रुपये का भुगतान लाभार्थियों को किया जायेगा।

उद्यान निदेशक ने बताया कि प्रदेश की औषधीय पौध मिशन योजना- सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, बिजनौर, सम्भल, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, सुल्तानपुर, बस्ती, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, इटावा, आगरा, मथुरा, एटा, अलीगढ़, हाथरस, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चन्दौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन, ललितपुर एवं बहराइच जनपदों को औषधीय पौध क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है।

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