मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए

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उत्तर प्रदेश

लखनऊउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षणयुक्त लोगों को प्राथमिकता पर मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। बेहतर कोविड प्रबन्धन के लिए राज्य मुख्यालय पर गठित टीम-09 की तर्ज पर जनपद स्तर पर भी टीम-09 का गठन किया जाए।
मुख्यमंत्री जी आज वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत दिवस प्रदेश में 02 लाख 97 हजार 021 कोरोना जांच की गई, जो अब तक 01 दिन में सम्पादित टेस्ट की सर्वाधिक संख्या है। इतनी बड़ी संख्या में जांच के बावजूद 30,983 संक्रमण के नए मामले पाए गए। इसी अवधि में 36,650 संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए। इससे प्रदेश में कुल एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 02 लाख 95 हजार 752 हो गई है।
मुख्यमंत्री जी को यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन का कार्य सुचारु और प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण के साथ ही, प्रधानमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप 01 मई, 2021 से 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों का टीकाकरण प्रारम्भ कर दिया गया है। गत दिवस इस आयुवर्ग के 16,229 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन 07 जनपदों में 18 से 44 वर्ष के लोगों वैक्सीनेशन प्रारम्भ किया गया है, वहां यह कार्य निरन्तर जारी रहे। 01 सप्ताह में ठोस कार्य योजना बनाकर शेष सभी जनपदों में भी इस आयुवर्ग के लोगों का टीकाकरण प्रारम्भ किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गांवों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 की मतगणना  समाप्त होने के तत्काल बाद 05 दिवसीय प्रदेशव्यापी स्क्रीनिंग अभियान सभी ग्राम पंचायतों में टीम भेजकर संचालित कराया जाए। यह टीम ग्राम पंचायत में कम से कम 03 दिन के लिए भेजी जाए तथा सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जाए। आवश्यकतानुसार टीम की संख्या बढ़ाई जाए। इनके लिए मानदेय की व्यवस्था भी की जाए। टीम के सदस्यों को ग्लव्स, मास्क तथा सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाए। स्क्रीनिंग के लिए टीम के पास पल्स आॅक्सीमीटर तथा इन्फ्रारेड थर्मामीटर अवश्य होना चाहिए। संदिग्ध लक्षण वाले लोगों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट किया जाए। टेस्ट की रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर आवश्यकतानुसार अस्पताल, क्वारंटीन सेन्टर अथवा घर पर होम आइसोलेशन में रहने की व्यवस्था की जाए। लक्षणयुक्त सभी व्यक्तियों को प्राथमिकता पर मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। गांव में पंचायत भवन अथवा विद्यालय या अन्य किसी सार्वजनिक भवन में क्वारंटीन सेन्टर स्थापित किया जाए। पिछले वर्ष बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से आए श्रमिकों व कामगारों के लिए संचालित क्वारंटीन सेन्टर की तर्ज पर इस वर्ष भी क्वारंटीन सेन्टर का संचालन किया जाए। अभियान के साथ निगरानी समितियों को जोड़ा जाए। स्क्रीनिंग के दौरान हाईरिस्क कैटेगरी के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को अपर मुख्य सचिव राजस्व तथा अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास के साथ समन्वय करते हुए अभियान के सफल संचालन के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि मरीजों के लिए प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त कम से कम 10 बेड तैयार किए जाएं। होम आइसोलेशन में भेजे जाने वाले लोगों को सभी निर्धारित दवाओं का मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में रैपिड एन्टीजन टेस्ट के किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए भीड़-भाड़ रोकने, आवागमन को सीमित करने के लिए होम डिलिवरी की प्रभावी व्यवस्था बनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी 15 दिनों तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का संचालन केवल प्रदेश के अंदर ही किया जाए। वायु सेवा से प्रदेश में आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वायु सेवा के माध्यम से प्रदेश से जाने वाले लोग भी निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही जाएं। रेल से आने वाले यात्रियों की पूरी सूची प्राप्त की जाए। साथ ही, उनकी स्क्रीनिंग भी की जाए। औद्योगिक संस्थानों एवं इकाइयों में कोरोना से सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम किये जाएं। आवश्यकतानुसार औद्योगिक इकाइयों में कोविड केयर सेन्टर की स्थापना कराई जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदेश के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का कोटा बढ़ा दिया गया है। एल-3 बेड्स के लिए रेमडेसिविर की उपलब्धता प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जाए। इस पर विशेष ध्यान दिया जाए कि उपलब्ध कराए गए रेमडेसिविर का दुरुपयोग न होने पाए। शासन द्वारा निर्धारित एलोकेशन के अनुरूप यह दवा सम्बन्धित अस्पताल तक अवश्य पहुंचे।
मुख्यमंत्री जी ने सभी जनपदों में बेड की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्यवाही की लगातार माॅनिटरिंग की जाए। इन बेड के लिए आॅक्सीजन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने टेस्टिंग कार्य को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में अवगत कराया गया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्ट की संख्या को दोगुना करने के लिए उपकरण एवं कार्मिकों की व्यवस्था प्रारम्भ हो गई है। 04 आर0टी0पी0सी0आर0 मशीन तथा 15 डी0एन0ए0 एक्सट्रेक्टर मशीनें आर0एल0एम0आई0एम0एस0 तथा मेरठ, झांसी तथा प्रयागराज के मेडिकल काॅलेजों को उपलब्ध करा दी गई हैं। जांच कार्य के लिए अब तक 250 कार्मिकों की व्यवस्था हो गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आॅक्सीजन की अनवरत आपूर्ति के लिए प्रभावी प्रयास निरन्तर जारी रखे जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों को पर्याप्त आॅक्सीजन उपलब्ध हो। दूरस्थ जनपदों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। मण्डलायुक्त अपनी कमिश्नरी के जनपदों में आॅक्सीजन की मांग और आपूर्ति का निरन्तर अनुश्रवण करें। इस सम्बन्ध मंे राज्य मुख्यालय पर स्थापित कन्ट्रोल रूम सभी जनपदों से संवाद बनाकर आॅक्सीजन उपलब्ध कराने की कार्यवाही को निरन्तर गतिमान रखे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों के साथ नियमित संवाद किया जाए। टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी व मार्गदर्शन दिया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा प्रतिदिन कम से कम 50 हजार लोगों से संवाद स्थापित करते हुए उनका फीडबैक लिया जाए। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय द्वारा भी होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों से संवाद बनाया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों तथा चिकित्सा संस्थानों में वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सीनियर फैकेल्टी द्वारा नियमित राउण्ड लिया जाए। पैरामेडिक्स द्वारा मरीजों की गहन माॅनिटरिंग की जाए। मरीज को अच्छे इलाज की सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने कोविड कार्य में ‘108’ एम्बुलेंस की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एम्बुलेंस चालक तथा सहयोगी कर्मियों को कोविड से बचाव के लिए मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर आदि अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं। वेंटीलेटर तथा हाई फ्लो नेजल कैन्युला (एच0एफ0एन0सी0) को निरन्तर कार्यशील रखने के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी जनपद के जनप्रतिनिधियों से निरन्तर संवाद स्थापित कर विभिन्न कार्यों के निष्पादन में आवश्यकतानुसार उनका सहयोग लेकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि हर जिले में टीम-09 गठित की जाए। इसके अन्तर्गत नोडल अधिकारी नामित करते हुए बेहतर कोविड प्रबन्धन के लिए कार्यों को विकेन्द्रीकृृत किया जाए। जिलाधिकारी सम्पूर्ण व्यवस्था का प्रभावी अनुश्रवण करें, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सक्रिय रूप से इससे जुड़ें। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय तथा मुख्य सचिव कार्यालय को इस व्यवस्था की माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कन्टेनमेंट जोन की व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्क के अनिवार्य उपयोग के लिए प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही जारी रखी जाए। औद्योगिक संस्थानों में कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ गतिविधियां संचालित की जाएं। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश भी दिए।
समीक्षा में चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।

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