भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर तीन दिवसीय अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘आंगन’की शुरुआत

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देश-विदेश

नई दिल्ली: भवन निर्माण क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता पर अंतर्राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन ‘आंगन’ नई दिल्‍ली में शुरू हुआ। भारत-जर्मनी तकनीकी सहयोग के तहत जीआईज़ेड की सहायता से विद्युत मंत्रालय केऊर्जा दक्षता ब्‍यूरो (बीईई) ने इस सम्‍मेलन का आयोजन किया है। विद्युत मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री राजपाल और बीईई के डीजी श्री अभय भाकरे ने संयुक्‍त रूप से इस सम्‍मेलन का उद्घाटन किया।

इस सम्‍मेलन में 16 देशों के प्रतिनिधि, विशेषज्ञ औरस्‍थानीय निकायों के प्रतिनिधि आदि भाग ले रहे हैं। विशेषज्ञ व्‍यावसायिक और आवासीय भवनों में ऊर्जा दक्षता विषय पर विचार-विमर्श करेंगे। अनुमान है कि भवन ऊर्जा दक्षता गतिविधियों में 2000 बिलियन रुपयों के परिव्‍यय से बिजली की 388 बिलियन यूनिट की बचत होगी।

सम्‍मेलन में ऊर्जा और अनुसंधान संस्‍थान के महानिदेशक डॉ. अजय माथुर, एसईएलसीएमओएल के संस्‍थापक निदेशक श्री सोनम वांगचुक, सीआरसीएलसीएल, सिडनी के सीईओ प्रो. देव प्रसाद जैसे गणमान्‍य व्‍यक्तियों के साथ दुनिया के विभिन्‍न भागों से आए विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

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यह सम्‍मेलन बेहतर संसाधन दक्षता के लिए संगठनों, प्रणालीगत निरंतरता और अनुभव की परस्‍पर निर्भरता पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच उपलब्‍ध कराएगा। उपभोक्‍ताओं को किफायती दर पर ऊर्जा उपलब्‍ध कराने के लिए भवन निर्माण जैसे क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता की आवश्‍यकता है। आधुनिक तकनीक, वित्‍तीय सहायता, ऊर्जा दक्ष उपकरण आदि के संबंध में जागरूकता की कमी के कारण इस क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता की गति औसत रही है।

इस अवसर परभवन निर्माण ऊर्जा दक्षता क्षेत्र के भवन सामग्री आपूर्तिकर्ताओं, प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्ताओं, अनुसंधान संस्‍थानों तथा विश्‍वविद्यालयों पर आधारित एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया।

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