कच्चे घर की बेबसी से पक्के आशियाने के सुकून तक पहुंचीं सुन्दरकली, बोलीं— धन्यवाद मोदी जी

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को गोमती नगर स्थित होटल हयात में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला एवं प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। श्री मौर्य ने जनपद बाराबंकी के ब्लॉक सिधियांवा की श्रीमती सुनीता, श्रीमती रामकुमारी, श्रीमती जगरीना, शिवकुमारी, श्रीदेवी सहित ब्लॉक इस्लामपुर से श्रीमती जयनाथा, श्रीमती सुन्दरकली, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती राजकुमारी को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति पत्र वितरित किये।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसी के दृष्टिगत भारत सरकार से आग्रह किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत भी मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और निर्माण लागत को ध्यान में रखते हुए आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाए। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों को मिलने वाली आवास सहायता के बीच के अंतर को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गरीब परिवारों को सम्मानजनक, सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण सामग्री की ढुलाई तथा अन्य भौगोलिक कठिनाइयों के कारण निर्माण लागत अधिक हो सकती है, इसलिए आवास सहायता में वृद्धि से जरूरतमंद परिवारों को विशेष लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। प्रधानमंत्री जी ने 20 नवंबर 2016 को आगरा से इस योजना का शुभारंभ किया था, उत्तर प्रदेश को अब तक लगभग 43 लाख आवासों का आवंटन प्राप्त हुआ है। गत वर्ष तक स्वीकृत 36.56 लाख आवासों में से 36.40 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इस प्रकार प्रदेश में आवास पूर्णता की दर 99.55 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भूमिहीन पात्र लाभार्थियों को पट्टा उपलब्ध कराने, राजमिस्त्री प्रशिक्षण, एरिया ऑफिसर एप से निरीक्षण और सोशल ऑडिट जैसे कार्यों में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
श्री मौर्य ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में भारत सरकार ने आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के आधार पर उत्तर प्रदेश को 6.18 लाख आवासों का लक्ष्य दिया है। नए सर्वेक्षण में 39.21 लाख लाभार्थी चिन्हित हुए हैं। उन्होंने पात्र परिवारों की बड़ी संख्या को देखते हुए इस वर्ष आवास लक्ष्य बढ़ाकर कम से कम 10 लाख करने तथा वर्तमान निर्माण लागत के अनुरूप प्रति आवास ₹1.20 लाख की सहायता राशि बढ़ाने पर विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने पात्र आंशिक पक्के मकानों वाले परिवारों को भी योजना के दायरे में शामिल करने और लंबित प्रशासनिक मद की धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री कमलेश पासवान, प्रदेश की ग्राम्य विकास राज्यमंत्री श्रीमती विजय लक्ष्मी गौतम, प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास श्री प्रमोद कुमार उपाध्याय, भारत सरकार के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार श्री पीयूष श्रीवास्तव, निदेशक श्री पवन कुमार सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे एवं हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से आए प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में प्रतिभाग किया।




