तूफान ‘अर्नब’ की एंट्री से यूपी में बदलेगा मौसम: अगले 24 घंटे बाद शुरू होगी भारी बारिश, इन जिलों में IMD का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर अब तटीय राज्यों की सीमाओं को लांघकर उत्तर भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर लैंडफॉल करने के बाद यह चक्रवाती तंत्र कमजोर होकर मध्य भारत के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे बाद यानी 28 अक्टूबर की देर शाम से राज्य के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में मौसम पूरी तरह करवट ले लेगा। 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की गड़गड़ाहट, तेज झोंकेदार हवाओं और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इस अप्रत्याशित बेमौसम बारिश के चलते राज्य में दिन के अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की तीखी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे गुलाबी ठंड समय से पहले दस्तक दे देगी।
पूर्वांचल के जिलों में ऑरेंज अलर्ट: सोनभद्र, मिर्ज़ापुर और चंदौली में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी छोर से जुड़े जिलों के लिए विशेष 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली भारी नमी युक्त हवाएं सबसे पहले विंध्य और पूर्वांचल क्षेत्र को अपनी चपेट में लेंगी:
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सबसे ज्यादा प्रभावित जिले: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, संत रविदास नगर (भदोही), गाजीपुर और बलिया।
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हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली: इन जिलों में 28 अक्टूबर की रात से ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और बादलों की भीषण गर्जना के साथ वज्रपात (Lightning Strike) की आशंका जताई गई है।
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अत्यधिक भारी बारिश का खतरा: 29 अक्टूबर को सोनभद्र और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर 'अत्यधिक भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) होने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों के उफनाने का संकट पैदा हो सकता है। प्रशासन ने इन सभी जिलों के जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
राजधानी लखनऊ और अवध बेल्ट: 29 और 30 अक्टूबर को बादलों का डेरा और तेज हवाएं
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, उन्नाव और सुल्तानपुर समेत पूरे अवध क्षेत्र में तूफान 'अर्नब' के बादलों का असर साफ महसूस होगा।
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लखनऊ का हाल: लखनऊ में 28 अक्टूबर को दिनभर बादलों की आवाजाही रहेगी, जबकि 29 अक्टूबर की सुबह से आसमान में घने काले बादल छा जाएंगे। हजरतगंज, गोमती नगर, आलमबाग और आसपास के इलाकों में 30 से 45 किमी/घंटा की गति से ठंडी हवाएं चलेंगी और रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला शुरू होगा।
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तापमान में तेज गिरावट: बारिश और नम पूर्वी हवाओं के संयुक्त असर से लखनऊ और कानपुर में अधिकतम तापमान गिरकर 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ सकता है। दिन में धूप न निकलने और रात में लगातार ठंडी हवाएं चलने से लोगों को अचानक गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।
पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड में क्या होगा असर?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, बरेली, मुरादाबाद) में चक्रवात का असर पूर्वांचल जितना आक्रामक नहीं रहेगा, लेकिन मौसम का बदलाव यहां भी दिखेगा। 29 और 30 अक्टूबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के संगम के चलते पश्चिमी यूपी के आसमान में भी धुंध और हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। कुछ चुनिंदा स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। तेज हवाएं चलने के कारण एनसीआर और पश्चिमी यूपी के शहरों में जमा धूल, धुंध और जहरीले प्रदूषण (AQI) के छंटने में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें: धान, आलू और तिलहन की फसलों पर आफत
इस समय उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में खरीफ फसलों की कटाई और रबी फसलों की बुवाई का सबसे व्यस्त और संवेदनशील दौर चल रहा है। ऐसे वक्त में चक्रवात 'अर्नब' के कारण होने वाली बेमौसम बारिश किसानों के लिए भारी आफत साबित हो सकती है:
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धान की पकी फसल को नुकसान: प्रदेश के खेतों में धान की कटाई चल रही है और लाखों क्विंटल फसल खलिहानों या खेतों में कटी हुई पड़ी है। भारी बारिश और 50 किमी/घंटा की आंधी से खुले में पड़ा धान भीगकर सड़ने और दाने झड़ने का गंभीर खतरा है।
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आलू और सरसों की बुवाई प्रभावित: जिन किसानों ने हाल ही में अगेती आलू और सरसों की बुवाई की है, खेतों में पानी भरने से बीज गलने और दोबारा बुवाई का खर्च बढ़ने की आशंका है।
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कृषि विभाग की सख्त एडवाइजरी: राज्य कृषि विभाग ने किसानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर कटी हुई फसल को तिरपाल से सुरक्षित ढकें या पक्के गोदामों में पहुंचाएं। साथ ही, अगले 3-4 दिनों तक खेतों में किसी भी तरह की सिंचाई या कीटनाशकों का छिड़काव तुरंत रोक दें।
आपदा प्रबंधन और आम नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय रहने और जलभराव, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि:
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खराब मौसम में यात्रा से बचें: 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश और आंधी के दौरान हाईवे या ग्रामीण सड़कों पर गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें।
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पेड़ों और होर्डिंग्स से दूर रहें: तेज तूफानी हवाओं के वक्त बड़े पुराने पेड़ों, कमजोर टीनशेड, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
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वज्रपात से सुरक्षा: ग्रामीण इलाकों में जब आकाशीय बिजली कड़के, तो खुले खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत पक्के मकानों में शरण लें और मोबाइल फोन या धातु की चीजों के सीधे संपर्क से दूर रहें। किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।




