Delhi-NCR में 17.5 लाख वाहन होंगे स्क्रैप, सड़क पर दिखाई दिए तो होगा एक्शन

HR Breaking News (Delhi-NCR vehicle scrap) एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के रोकथाम के लिए हरियाणा सरकार की ओर से पुराने वाहनों को स्क्रैप (scrap old vehicles) करने की पहल की गई है।ऐसा इसलिए किया गया है,क्योंकि पुराने वाहनों से होने वाला प्रदूषण पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर असर कर रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। प्रशासन की इस पहल से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगेगी।
स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर स्क्रैप कराने की अपील
सरकार की ओर से वाहन मालिकों से 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संबंध में नियम (Rules regarding old petrol vehicles) के हिसाब से कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। पुराने वाहनों के रखरखाव का खर्च ज्यादा होने के साथ ही सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई है। सरकार की ओर से वाहनमालिकों से पुराने वाहन अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (scraping facility) केंद्रों पर ही स्क्रैप कराने की अपील की गई है।
एनसीआर में शामिल है ये 14 जिले
यहां तय प्रोसेस के मुताबिक वाहनों को नष्ट कर उपयोगी धातुओं और अन्य सामग्रियों का पुनर्चक्रण किया जाता है, जिससे अनधिकृत तरीके से वाहन काटने व प्रदूषण प्रणाली गतिविधियों पर रोक लगाने में मददगार है। एनसीआर योजना बोर्ड (NCR Planning Board) के मुताबिक हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में शामिल है, जिसमे गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल शामिल है।
जनवरी 2025 तक इतने वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया था रद्द
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Haryana State Pollution Control Board) की राष्ट्रीय हरित अधिकरण में प्रस्तुत जानकारी के हिसाब से जनवरी 2025 तक एनसीआर में 10 साल से पुराने 6,11,097 डीजल और 15 साल से पुराने 11,45,645 पेट्रोल वाहन दर्ज किए गए थे, जिनकी कुल संख्या 17,56,742 थी। इनमे से जनवरी 2025 तक 4160 डीजल और 2377 पेट्रोल वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द (Cancellation of registration of petrol vehicles) किया गया था।
वाहन स्क्रैपिंग का नहीं है कोई एक शुल्क तय
NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार आयु सीमा पार कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहन एनसीआर में नहीं चलाए जा सकते हैं। अगर कोई वाहनचालक नियम तोड़ता है तो उस पर चालान और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। दिसंबर 2025 में संसद में पेश संसदीय समिति की रिपोर्ट (parliamentary committee report) के मुताबिक प्रदेश में 21 वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित है। वाहन स्क्रैपिंग का कोई एक समान सरकारी शुल्क तय नहीं है।
वाहन स्क्रैपिंग के लिए कैसे तय होगा शुल्क
वाहन स्क्रैपिंग का भुगतान (Vehicle scrapping payments) वाहन की स्थिति, वजन और कबाड़ सामग्री के मूल्य के हिसाब से निर्धारित हो सकता है। वाहनमालिक को स्क्रैप की कीमत मिल सकती है और जैसे ही प्रोसेस पूरा होता है तो प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। पात्रता के मुताबिक इसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
नए वाहन पर मिल सकती है मोटर वाहन कर पर छूट
हरियाणा ने 2022 में वाहन स्क्रेपिंग नीति (Vehicle Scrapping Policy Kya Hai) अधिसूचित की थी। स्क्रैपिंग उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइकलिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति (Recycling Facility Promotion Policy) 2024 में भी प्रोविजन है। केंद्र सरकार की व्यवस्था के हिसाब से नए वाहन पर मोटर वाहन कर पर छूट मिलने की संभावना है। गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए यह 25 प्रतिशत और व्यावसायिक वाहनों के लिए 15 प्रतिशत तक होने की संभावना है।




