प्रदेश में संचालित एण्टी भू-माफिया अभियान से सार्वजनिक सम्पत्तियों की हुई सुरक्षा
सार्वजनिक सम्पत्तियों पर अवैध कब्जा न केवल शासन और प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि यह आमजन के अधिकारों तथा विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करता है। सरकारी भूमि, ग्राम समाज की भूमि, तालाब, चारागाह, सड़क, नाली तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की सम्पत्तियों को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराना सुशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में एण्टी भू-माफिया अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
प्रदेश में सार्वजनिक सम्पत्तियों पर हुए अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिनांक 01 मई, 2017 द्वारा राज्य, मण्डल, जनपद एवं तहसील स्तर पर चार स्तरीय एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से अवैध कब्जों की पहचान, उनके विरुद्ध कार्रवाई तथा सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया गया है।
अभियान को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए एण्टी भू-माफिया पोर्टल विकसित किया गया है। इसके माध्यम से नागरिक अवैध कब्जे से सम्बन्धित अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं तथा शिकायतों पर की गई कार्रवाई की स्थिति का अनुश्रवण भी किया जाता है। इससे शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बढ़ी है और प्रशासनिक कार्रवाई की नियमित निगरानी संभव हुई है।
दिनांक 09 सितम्बर, 2026 तक एण्टी भू-माफिया पोर्टल पर अवैध कब्जे से सम्बन्धित कुल 4,38,351 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 4,36,858 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 1,493 शिकायतें निस्तारण हेतु प्रक्रियाधीन हैं। इस प्रकार प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की दर लगभग 99.66 प्रतिशत है, जो अभियान के प्रभावी अनुश्रवण और त्वरित कार्रवाई को प्रदर्शित करता है।
प्रदेश के चलाये गये इस अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। अब तक कुल 84,069.46 हेक्टेयर क्षेत्रफल को अवैध अतिक्रमण से अवमुक्त कराया जा चुका है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सार्वजनिक सम्पत्तियों की सुरक्षा और उन्हें अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निरन्तर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध कब्जों के मामलों में केवल अतिक्रमण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है। इस अभियान के अन्तर्गत 25,120 राजस्व वाद, 1,168 सिविल वाद तथा 4,773 एफआईआर दर्ज करायी गयी हैं। इसके अतिरिक्त 1,377 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें से वर्तमान में 121 भू-माफिया जेल में निरुद्ध हैं।
इस अभियान के अन्तर्गत अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध उनकी गतिविधियों और मामलों की प्रकृति के अनुसार विभिन्न विधिक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की गई है। 1,856 अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता के अन्तर्गत 69 के विरुद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत 03 के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 70 के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट तथा 149 के विरुद्ध गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत विधिक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त 1,800 अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश में चलाये गये एण्टी भू-माफिया अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सम्पत्तियों पर अवैध कब्जे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना भी है। ऑनलाइन शिकायत प्रणाली, चार स्तरीय टास्क फोर्स, नियमित अनुश्रवण और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई के माध्यम से प्रदेश में सार्वजनिक सम्पत्तियों की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है।
प्रदेश में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाते हुए प्राप्त शिकायतों के शीघ्र निस्तारण, चिन्हित अतिक्रमणों को पूर्णतः हटाने तथा सार्वजनिक सम्पत्तियों पर पुनः अवैध कब्जा न होने देने की दिशा में निरन्तर कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक सम्पत्ति जनता की सम्पत्ति है और उसकी रक्षा सुशासन की मूल जिम्मेदारी है। एण्टी भू-माफिया अभियान इसी जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।




