सौरव गांगुली की बहुप्रतीक्षित बायोपिक ‘DADA’ और पोस्टर को लेकर मचा था बड़ा घमासान

भारतीय सिनेमा जगत में जब भी किसी महान और लीजेंड्री क्रिकेटर की जीवन पर आधारित बायोपिक बनाने की घोषणा होती है, तो फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। कुछ समय पहले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली की बायोपिक ‘DADA’ को लेकर जब आधिकारिक घोषणा हुई थी, तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए बॉलीवुड के वर्सेटाइल और मंजे हुए अभिनेता राजकुमार राव के नाम पर मुहर लगी थी, जिसे लेकर दर्शकों में भारी उत्सुकता थी। लेकिन फिल्म की घोषणा के ठीक बाद जब इसका पहला पोस्टर या लुक सामने आया, तो वह सोशल मीडिया पर उम्मीद के मुताबिक सराहना बटोरने के बजाय एक तीखे विवाद के घेरे में आ गया। पोस्टर में दिखाए गए लुक और कुछ तकनीकी तथा कलात्मक कमियों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स और क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी, जिसके बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था। फैंस का यह मानना था कि ‘दादा’ जैसी महान शख्सियत के किरदार के साथ न्याय करने के लिए पहले लुक को और अधिक परिपक्व और सटीक होना चाहिए था, जिसके चलते फिल्म निर्माताओं और मुख्य अभिनेता को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
तीन महीने की लंबी खामोशी के बाद अभिनेता राजकुमार राव का आया बड़ा और स्पष्ट बयान
इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद से ही हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा था कि आखिर इस बायोपिक के मुख्य अभिनेता राजकुमार राव या फिल्म के मेकर्स इस पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देते हैं। लगभग तीन महीने तक पूरी तरह से चुप्पी साधे रहने के बाद, हाल ही में एक प्रमुख साक्षात्कार के दौरान राजकुमार राव ने इस पूरे पोस्टर विवाद पर खुलकर बात की और अपनी दिल की बात दुनिया के सामने रखी। हमेशा अपनी बेहतरीन अदाकारी और जमीन से जुड़े स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले इस अभिनेता ने किसी भी प्रकार की लीपापोती करने या बचाव की मुद्रा अपनाने के बजाय बेहद परिपक्वता का परिचय दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में सामने आए उस पोस्टर को लेकर जो प्रतिक्रियाएं मिलीं और जो कमियां दर्शको द्वारा गिनाई गईं, वे पूरी तरह से जायज थीं। राजकुमार राव के इस बेबाक और पारदर्शी अंदाज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एक सच्चा कलाकार अपनी असफलताओं और आलोचनाओं से मुंह चुराने के बजाय उनका सामना करना और उन्हें सुधारना बेहतर समझता है। उनकी इस दो टूक प्रतिक्रिया के बाद फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक बार फिर इस बायोपिक को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, जहां लोग उनके इस बड़प्पन की तारीफ कर रहे हैं।
“मुझसे गलती हुई, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया से मुझे जीवन और करियर की एक बहुत बड़ी सीख मिली है”
साक्षात्कार के दौरान जब राजकुमार राव से पूछा गया कि क्या उस शुरुआती पोस्टर विवाद ने उन्हें और उनकी टीम को अंदर से प्रभावित किया, तो उन्होंने बेहद सहजता से अपनी गलती कबूल कर ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “मुझसे और हमारी पूरी टीम से उस स्तर पर कुछ चूक हुई, जिसे हम स्वीकार करते हैं, और यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि हमसे गलती हुई है।” अभिनेता ने आगे कहा कि सिनेमाई सफर में हर एक कदम पर आपको नए अनुभव मिलते हैं, और इस पूरे विवाद से उन्हें एक बहुत ही मूल्यवान और बड़ी सीख मिली है कि दर्शकों की उम्मीदों और भावनाओं को किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सौरव गांगुली जैसे महान खिलाड़ी का किरदार निभाना उनके अपने अभिनय करियर की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है, और वे इस किरदार के साथ कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहते हैं। इस अनुभव के बाद अब फिल्म के निर्देशक और पूरी तकनीकी टीम ने और अधिक बारीकी से काम करना शुरू कर दिया है ताकि जब फाइनल फिल्म या नया लुक सामने आए, तो वह हर लिहाज से दोषरहित हो और सौरव गांगुली के विराट व्यक्तित्व के साथ पूरी तरह न्याय कर सके।
‘DADA’ बायोपिक को लेकर फैंस की उम्मीदें और आने वाले समय की बड़ी तैयारियां
राजकुमार राव द्वारा इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़े जाने के बाद अब फिल्म ‘DADA’ को लेकर दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह एक नए रूप में लौट आया है। फैंस इस बात से बेहद संतुष्ट हैं कि उनके चहेते अभिनेता ने अहंकार दिखाने के बजाय अपनी गलती को खुले दिल से स्वीकार किया है, जिससे फिल्म के प्रति उनका भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है। सौरव गांगुली का जीवन संघर्ष, जिद, और भारतीय क्रिकेट को एक नई आक्रामक पहचान देने की कहानी से भरा पड़ा है, और परदे पर इस शानदार गाथा को देखने के लिए हर कोई बेकरार बैठा है। फिल्म की टीम अब पूरी सावधानी और कड़ी मेहनत के साथ इसकी शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के कामों को आगे बढ़ा रही है ताकि किसी भी अन्य विवाद से बचा जा सके। अंततः, राजकुमार राव की यह परिपक्व प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि एक महान कलाकार वही होता है जो अपनी गलतियों से सीखकर और अधिक मजबूत बनकर उभरता है, और आने वाले समय में यह बायोपिक भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी और यादगार फिल्मों में से एक साबित होने की पूरी क्षमता रखती है।




