Patralekhaa Hits Back : बॉडी शेमिंग करने वालों पर भड़कीं पत्रलेखा, बोलीं मैंने कोई पहाड़ों जितना नहीं खा लिया

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News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव की पत्नी और अभिनेत्री-निर्माता पत्रलेखा (Patralekhaa) इन दिनों अपनी मदरहुड जर्नी और काम के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन हाल ही में एक इवेंट के दौरान उनके लुक को लेकर सोशल मीडिया और कुछ पैपराजो पेजों (Paparazzi) ने जिस तरह की टिप्पणियां कीं, उसने अभिनेत्री को नाराज कर दिया है। पत्रलेखा ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद कड़ा और भावुक नोट लिखकर बॉडी शेमर्स की क्लास लगाई है।

‘क्या हुआ है मुझे? मैंने एक बच्चे को जन्म दिया है’

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पत्रलेखा के वजन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए 36 वर्षीय अभिनेत्री ने लिखा:

प्राकृतिक बदलाव: “पैप पेजेस! मुझे क्या हुआ है? यह कि मैंने अभी-अभी एक बच्चे को जन्म दिया है! हां, मेरा वजन बढ़ा है, जो शायद आप सभी को कोई ‘अप्राकृतिक घटना’ लग रही है।”

काम और जिम्मेदारी: पत्रलेखा ने आगे कहा, “मैं कहीं बैठकर पहाड़ों जितना खाना नहीं खा रही थी। मैंने एक बच्चे को जन्म दिया है और साथ ही दो फिल्मों का निर्माण (Production) भी किया है, जो बिल्कुल भी आसान काम नहीं है।”

15 नवंबर 2025 को बनी थीं मां

बता दें कि राजुकमार राव और पत्रलेखा ने 15 नवंबर 2025 को अपनी शादी की चौथी सालगिरह पर अपनी बेटी पार्वती पॉल राव (Parvati Paul Rao) का दुनिया में स्वागत किया था। पत्रलेखा ने स्पष्ट किया कि हर महिला का शरीर गर्भावस्था (Pregnancy) के प्रति अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, “अगर मेरे हाथ में होता, तो मैं ऐसी नहीं होती। लेकिन मेरा शरीर इसी तरह रिएक्ट कर रहा है। भगवान के लिए थोड़ा दयालु बनना सीखें।”

बॉडी शेमिंग के खिलाफ मुखर आवाज

पत्रलेखा का यह बयान उन सभी महिलाओं के लिए एक मिसाल है जो डिलीवरी के बाद ‘परफेक्ट बॉडी’ पाने के दबाव में रहती हैं। अभिनेत्री ने यह साफ कर दिया है कि एक मां बनने के साथ-साथ करियर संभालना (वह ‘टोस्टर’ जैसी फिल्मों की निर्माता हैं) शारीरिक रूप से थका देने वाला होता है और ऐसे में वजन बढ़ना पूरी तरह से सामान्य है।

अभिनेत्री के बयान की मुख्य बातें

मुद्दा पत्रलेखा का जवाब
वजन बढ़ना यह गर्भावस्था के प्रति शरीर की एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया है।
भोजन पर तंज “मैंने बैठकर पहाड़ नहीं खाए हैं”, यह मेहनत और मातृत्व का परिणाम है।
दोहरी जिम्मेदारी एक साथ नई मां बनना और दो फिल्मों का निर्माण करना बेहद कठिन काम है।
समाज से अपील लोगों और पैपराजो को महिलाओं के प्रति अधिक दयालु और संवेदनशील होना चाहिए।

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