शोले के अहमद को फीस में नहीं मिले थे पैसे, 16 साल की उम्र में सचिन पिलगांवकर घर लाए थे ये कीमती चीज

15 अगस्त 1975 को रिलीज हुई फिल्म ‘शोले’ न केवल हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर है, बल्कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसका हर किरदार अमर हो गया। जय-वीरू की दोस्ती, गब्बर का खौफ और बसंती की बातें आज भी लोगों की जुबान पर हैं। लेकिन इस फिल्म में एक छोटा सा, मगर बेहद भावुक किरदार था अहमद। गांव के अंधे इमाम साहब (एके हंगल) के पोते अहमद की मौत पर सिनेमाघरों में हर आंख नम हो गई थी। इस किरदार को निभाने वाले कलाकार सचिन पिलगांवकर को फिल्म के लिए जो मेहनताना मिला, वह आज के दौर के हिसाब से काफी दिलचस्प है।
पैसे नहीं, फीस में मिला था ‘लक्जरी’ फ्रिज

महज 16 साल की उम्र में ‘शोले’ का हिस्सा बने सचिन पिलगांवकर को इस ऐतिहासिक फिल्म के लिए नकदी (Cash) नहीं मिली थी। फिल्म के मेकर्स ने उन्हें फीस के तौर पर एक मीडियम साइज का फ्रिज दिया था।

70 के दशक का स्टेटस सिंबल: उस जमाने में घर में फ्रिज होना किसी बड़ी ब्रांडेड गाड़ी होने जैसा माना जाता था।

कीमत: 1975 में एक फ्रिज की कीमत लगभग 3,000 से 5,000 रुपये के बीच हुआ करती थी, जो उस समय के हिसाब से एक बड़ी रकम थी।

आज भी है पास: सचिन पिलगांवकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह फ्रिज आज भी उनके पास एक यादगार के तौर पर सुरक्षित है।

5 साल की उम्र से स्टार, जीत चुके हैं 2 नेशनल अवॉर्ड

सचिन पिलगांवकर किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने महज 5 साल की उम्र से अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। अहमद के किरदार से दुनिया को रुलाने वाले सचिन असल जिंदगी में बेहद प्रतिभाशाली और सफल कलाकार रहे हैं:

पहला नेशनल अवॉर्ड: 1963 में अपनी पहली मराठी फिल्म ‘हा मजा मार्ग एकला’ के लिए बतौर बाल कलाकार राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।

दूसरा नेशनल अवॉर्ड: 1971 में फिल्म ‘अजब तुझे सरकार’ के लिए फिर से नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया।

अमिताभ बच्चन के साथ जमी जोड़ी

सचिन ने ‘शोले’ के अलावा अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट फिल्म ‘सत्ते पे सत्ता’ में भी काम किया, जिसमें उन्होंने सबसे छोटे भाई का किरदार निभाया था। इसके अलावा ‘बालिका वधू’, ‘अंखियों के झरोखों से’, ‘जुदाई’ और ‘गीत गाता चल’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। एक्टिंग के साथ-साथ सचिन ने निर्देशन, गायकी और टीवी शोज (तू तू मैं मैं) के जरिए भी मनोरंजन जगत में अपनी धाक जमाई और वे आज भी अभिनय की दुनिया में पूरी तरह सक्रिय हैं।

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