भांजे मोहित सूरी की सफलता पर भावुक हुए महेश भट्ट, बोले तुम्हारी यात्रा ने मेरा पुराना यकीन सच कर दिया

बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार महेश भट्ट अपनी बेबाक राय के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में अपनी बेटी पूजा भट्ट के पॉडकास्ट पर भांजे और मशहूर निर्देशक मोहित सूरी की बातचीत सुनकर महेश भट्ट का गला भर आया। मोहित की हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘सैयारा’ (Saiyaara) की ऐतिहासिक सफलता और उनके 20 साल के संघर्षपूर्ण सफर को देखते हुए महेश भट्ट ने एक अत्यंत भावुक नोट साझा किया है। उन्होंने कहा कि मोहित की सफलता केवल एक फिल्म की जीत नहीं है, बल्कि उस गहरे संघर्ष और दर्द की जीत है जिसे उन्होंने बहुत करीब से देखा है।

‘गले में एक फांस सी महसूस हुई’… पूजा भट्ट ने शेयर किया पिता का संदेश

पूजा भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम पर पिता महेश भट्ट का वह संदेश साझा किया, जो उन्होंने मोहित सूरी के लिए लिखा था। भट्ट साहब ने लिखा, “मोहित, पूजा के साथ तुम्हारी पूरी बातचीत सुनते हुए मेरे गले में एक फांस (Lump) अटक गई थी। ऊपर से भले ही हंसी और ऊर्जा दिख रही थी, लेकिन उसके नीचे दर्द और यादों की एक शांत धारा बह रही थी, जिसका पूरा बोझ शायद सिर्फ मैंने ही देखा है।” उन्होंने आगे कहा कि मोहित अब अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं और बिना किसी शोर-शराबे के एक गरिमा के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

‘सिंबा की दहाड़ मुफासा से भी तेज’… सैयारा की सफलता पर गर्व

महेश भट्ट ने मोहित की फिल्म ‘सैयारा’ की तुलना अपनी कल्ट क्लासिक फिल्म ‘आशिकी’ से की। उन्होंने गर्व से कहा, “सिंबा की दहाड़ ने मुफासा को भी पीछे छोड़ दिया है।” भट्ट साहब के अनुसार, मोहित ने ‘आशिकी 2’ से उन्हें नई जान दी थी, लेकिन ‘सैयारा’ के साथ उन्होंने अपनी खुद की एक दुनिया बसाई है और अपनी मौलिक आवाज (Voice) ढूंढी है। उन्होंने मोहित को अपनी विरासत का असली उत्तराधिकारी बताते हुए कहा कि अब चमकने की बारी मोहित की है।

‘हम कहानी नहीं हैं, जीवन ही एक कहानी है’

अपने नोट में महेश भट्ट ने जीवन के फलसफे को समझाते हुए लिखा, “तुम्हारी यात्रा ने उस बात की पुष्टि कर दी है जो मैंने बहुत पहले समझी थी—हम में से कोई भी ‘कहानी’ नहीं है, बल्कि जीवन ही असल कहानी है। हम तो बस इसके महासंगीत में अपने सुर (Notes) जोड़ रहे हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “जब सूरज मुझ पर था, तब मैंने अपना गाना गाया। अब रोशनी तुम पर है, इसे जी भर कर जियो क्योंकि सूरज डूबने से पहले अपनी रोशनी दूसरों में बांट कर जाता है।”

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