ऋषि कपूर की विरासत पर अब कपूर खानदान का कानूनी कवच, बिना अनुमति नाम के इस्तेमाल पर लगी रोक
इस फैसले का क्या होगा असर?
अब ऋषि कपूर का नाम किसी भी व्यावसायिक या सार्वजनिक मंच पर इस्तेमाल करने के लिए उनके परिवार की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी:
प्रोफेशनल और कमर्शियल इस्तेमाल: यदि कोई व्यक्ति, कंपनी या संस्था ‘ऋषि कपूर’ नाम का उपयोग किसी विज्ञापन, फिल्म, वेब सीरीज या ब्रांड एंडोर्समेंट में करना चाहती है, तो उसे पहले कपूर परिवार से इजाजत लेनी होगी।
दुरुपयोग पर रोक: इस कदम का मुख्य उद्देश्य अभिनेता के नाम और छवि का गलत तरीके से या उनकी गरिमा के खिलाफ इस्तेमाल होने से रोकना है।
डिजिटल और एआई पर लगाम: आजकल एआई (AI) के जरिए दिवंगत सितारों की आवाज या चेहरे का इस्तेमाल विज्ञापनों में किया जा रहा है; यह कानूनी अधिकार ऐसे किसी भी अनधिकृत प्रयास को रोकने में मदद करेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में से थे जिनका नाम आज भी एक बड़ा ‘ब्रांड’ माना जाता है।
विरासत का संरक्षण: रणबीर कपूर, नीतू कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी चाहते हैं कि ऋषि जी की यादों और उनके नाम के साथ केवल वही प्रोजेक्ट्स जुड़ें जो उनके कद के अनुरूप हों।
वैश्विक ट्रेंड: हॉलीवुड और अब बॉलीवुड में भी (जैसे अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर) अपने व्यक्तित्व अधिकारों को सुरक्षित करने का चलन बढ़ा है ताकि नाम का कोई कमर्शियल शोषण न कर सके।
प्रशंसकों के लिए क्या बदलेगा?
आम प्रशंसकों के लिए कुछ नहीं बदलेगा। आप पहले की तरह ही उन्हें याद कर सकते हैं, सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा कर सकते हैं या उनके बारे में चर्चा कर सकते हैं। यह कानून केवल व्यावसायिक लाभ (Commercial Gain) के लिए उनके नाम का उपयोग करने वालों पर लागू होगा।




