‘मैं मराठी परिवार से हूं जहां…’, बहन का सपना टूटने पर भी नहीं झुकीं Sonali Bendre; जिद के आगे हारे मां-बाप

90 के दशक के दौर में अपनी सादगी, खूबसूरती और मासूम मुस्कान से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली मशहूर अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे (Sonali Bendre) ने हाल ही में अपने शुरुआती जीवन और संघर्ष से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा। एक साधारण और पारंपरिक महाराष्ट्रीयन परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनाली ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध जाकर अभिनय की दुनिया में कदम रखा और अपनी जिद के दम पर माता-पिता को झुकने पर मजबूर कर दिया। उनका यह संघर्ष हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता है।
रूढ़िवादी मध्यमवर्गीय महाराष्ट्रीयन परिवार से है ताल्लुक
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सोनाली बेंद्रे ने अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह एक बहुत ही साधारण और मध्यमवर्गीय महाराष्ट्रीयन परिवार से आती हैं, जहां पढ़ाई-लिखाई और नौकरी को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाती थी। उनके परिवार में डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोग थे, जिनका दूर-दूर तक फिल्म इंडस्ट्री या ग्लैमर वर्ल्ड से कोई लेना-देना नहीं था।
सोनाली ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, “मैंने फिल्मों में काम करना शुरू किया, वही अपने आप में एक बहुत बड़ी बात थी। मेरे परिवार का उस समय इस इंडस्ट्री से कोई रिश्ता नहीं था, इसलिए फिल्मों में आना मेरे लिए एक अनजाना रास्ता था।”
बहन का अधूरा सपना और सोनाली की अटूट जिद
इंटरव्यू के दौरान सोनाली ने अपनी बड़ी बहन के सपने के बारे में बात करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी बड़ी बहन ने अपने माता-पिता के सामने यह इच्छा जताई थी कि वह ‘एयर होस्टेस’ बनना चाहती हैं, तो परिवार ने साफ इनकार कर दिया था। उस दौर में रूढ़िवादी सोच के चलते परिवार ने उनकी बहन को यह सपना पूरा नहीं करने दिया, जिसके बाद उनकी बहन ने दूसरी पढ़ाई की और साधारण नौकरी चुनी।
सोनाली ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “कुछ साल पहले मैंने अपनी ताई (बड़ी बहन) से कहा था कि मैं समझ सकती हूं कि जब आपको अपना मनपसंद काम नहीं करने दिया गया तो आपको कितना बुरा लगा होगा? इस पर मेरी बहन ने बहुत प्यारी बात कही। उसने कहा कि असल में मम्मी-पापा ने तुम्हें भी मना किया था, लेकिन तुम्हारी जिद इतनी पक्की थी कि तुमने हार नहीं मानी और अपनी जिद के आगे सबको झुका दिया। मुझमें उतनी जिद और दृढ़ता नहीं थी, जितनी तुममें थी।” सोनाली की यही जिद उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है।
बिना किसी फॉर्मल एक्टिंग ट्रेनिंग के तय किया सफर
ग्लैमर की दुनिया में बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के कदम रखने वाली सोनाली बेंद्रे ने यह भी खुलासा किया कि जब उन्होंने अभिनय की शुरुआत की थी, तब उन्होंने एक्टिंग का कोई भी फॉर्मल प्रशिक्षण (Training) नहीं लिया था। वह सेट पर काम करते-करते और हर दिन नई चीजें सीखती थीं।
उन्होंने उस दौर को याद करते हुए कहा, “शुरुआती दिनों में मुझे ऐसा लगता था कि सेट पर मौजूद बाकी सभी लोगों को सब कुछ आता है और सिर्फ मुझे ही कुछ नहीं पता। इस असुरक्षा की भावना के चलते मैं लगातार अलग-अलग तरह के काम करने की कोशिश करती थी, ताकि अगर एक चीज न चले तो दूसरी तरफ से अपनी काबिलियत साबित कर सकूं।” उनकी इसी लगन और मेहनत ने उन्हें 90 के दशक की शीर्ष अभिनेत्रियों की पंक्ति में ला खड़ा किया।
ओटीटी और टीवी की दुनिया में सक्रिय हैं सोनाली
90 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर कई सुपरहिट फिल्में देने वाली सोनाली बेंद्रे आज भी मनोरंजन जगत में पूरी तरह सक्रिय हैं, हालांकि उन्होंने फिल्मों से थोड़ा किनारा कर लिया है। आजकल वह टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर धमाल मचा रही हैं। हाल ही में वह कलर्स चैनल के नए रियलिटी शो ‘पति-पत्नी और पंगा सीजन 2’ में बतौर होस्ट नजर आ रही हैं, जिसमें उनके साथ लोकप्रिय कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी भी उनका साथ दे रहे हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाली सोनाली बेंद्रे आज अपनी फिटनेस, खूबसूरती और शानदार होस्टिंग के जरिए फैंस के दिलों पर राज कर रही हैं।




