नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का धमाका: टीज़र में बिना चेहरा दिखाए छा गए रावण ‘यश’
निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का आधिकारिक टीज़र गुरुवार को रिलीज़ कर दिया गया, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। पूरे टीज़र में जहाँ रणबीर कपूर ‘राम’ के शांत और ओजस्वी अवतार में छाए हुए हैं, वहीं सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है ‘रावण’ की। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार यश ने टीज़र में बिना चेहरा दिखाए अपनी आवाज़ और आभा से ही दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।
बिना चेहरा दिखाए ‘यश’ का जलवा
टीज़र में यश का चेहरा रिवील नहीं किया गया है, लेकिन उनके किरदार ‘रावण’ की दमदार मौजूदगी और रहस्य ने हर तरफ चर्चा छेड़ दी है। यश को भारतीय सिनेमा का ‘बॉक्स ऑफिस किंग’ माना जाता है, जिन्होंने अपनी महज़ दो फिल्मों से पूरे देश के सुपरस्टार्स के सिंहासन हिला दिए थे।
सिर्फ 2 फिल्मों ने बनाया ‘ग्लोबल सुपरस्टार’
यूँ तो यश 2007 से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्होंने लगभग 20 फिल्मों में काम किया है, लेकिन उनके करियर के लिए प्रशांत नील की ‘KGF’ फ्रैंचाइजी टर्निंग पॉइंट साबित हुई:
KGF Chapter 1 (2018): 80 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 250 करोड़ का बिज़नेस कर सबको चौंका दिया। यहीं से यश ‘रॉकी भाई’ के नाम से घर-घर में मशहूर हो गए।
KGF Chapter 2 (2022): इस फिल्म ने इतिहास रच दिया। 100 करोड़ की लागत से बनी इस मूवी ने वर्ल्डवाइड 1250 करोड़ की कमाई की। आज यह भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट में 7वें स्थान पर है।
करियर की शुरुआत और सफर
यश ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 2007 में ‘जम्बाडा हुडुगी’ से की थी। उनकी शुरुआती सफल फिल्मों में ‘मोग्गिना मनसु’ (2008), ‘गूगली’ (2013), ‘राजा हुली’ (2013), और ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ (2014) शामिल हैं। हालांकि, ‘रामायण’ के ज़रिए वे पहली बार किसी पौराणिक महागाथा में ‘प्रतिनायक’ (Antagonist) की भूमिका में नज़र आएंगे।
आने वाले सालों में यश का राज (2026-27)
यश के फैंस के लिए आने वाले दो साल बेहद रोमांचक होने वाले हैं। उनकी पाइपलाइन में कई बड़ी फिल्में हैं:
टॉक्सिक (Toxic): ए फेरी टेल फॉर ग्रोन अप्स (4 जून 2026 को रिलीज़)।
रामायण पार्ट 1: दिवाली 2026 पर धमाका करने को तैयार।
रामायण पार्ट 2: 2027 में रिलीज़ होने की संभावना।
KGF Chapter 3: फैंस को इस फिल्म का सबसे ज्यादा इंतज़ार है।




