केन्‍द्र से मिली ₹3,210.76 करोड़ की धनराशि से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास योजनाओं का होगा कायाकल्‍प, केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के सतत सहयोग से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा समय-समय पर पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीण अवस्थापना के विकास, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

स्वीकृत कुल ₹3,210.76 करोड़ की धनराशि को विभिन्न मदों में सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से विभाजित किया गया है। इनमें ₹1,783.76 करोड़ श्रमांश (लेबर बजट) के रूप में स्वीकृत किए गए हैं, जो सीधे ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी के भुगतान पर व्यय किए जाएंगे। इससे प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों को समय पर पारिश्रमिक प्राप्त होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार विकास कार्यों में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए ₹1,189.17 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से ग्रामीण सड़कों, जल संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण, सिंचाई सुविधाओं तथा अन्य आधारभूत विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं गति के साथ पूरा किया जा सकेगा। योजनाओं के प्रभावी संचालन, निगरानी, प्रबंधन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ₹237.83 करोड़ की राशि प्रशासनिक मद के लिए निर्धारित की गई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

इस बड़े वित्तीय आवंटन से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं को नई ऊर्जा मिलेगी। मजदूरी की राशि सीधे पात्र श्रमिकों के खातों में पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर क्रय शक्ति बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वहीं सामग्री मद के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि से टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित होगा, जिससे गांवों के आधारभूत ढांचे का व्यापक विकास होगा।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस स्वीकृत धनराशि का पूर्णतः पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक जिले में विकास कार्यों को गति प्रदान करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा तथा 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।

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