आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी2017: पांच कारण, जिनके दम पर पस्त हुआ पाक

खेल समाचार

बर्मिंघम: आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के बेहद अहम मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हराया। मैच को लेकर काफी रोमांच था, लेकिन मैच उतना रोमांचक नहीं रहा और भारत ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की। इसके साथ ही टीम इंडिया ने आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ अपना अच्छा रिकॉर्ड भी कायम रखा।

एक ओर जहां भारतीय समर्थक खुश हैं, वहीं पाकिस्तान की हार से उनके समर्थख खासे मायूस हैं। पाकिस्तान की टीम भारत से हर लिहाज से पिछड़ गई। कुछ ऐसे कारण रहे, जिन्होंने पाकिस्तान को मैच से बाहर करने में अहम भूमिका निभाई। एक नजर पाक की हार की वजह रहे ऐसे ही पांच कारणों पर…

खराब कप्तानी

मोहम्मद आमिर ने दनदनाता हुआ पहला ओवर फेंका और रोहित शर्मा को असहज कर दिया। इस मौके पर दूसरे छोर से भी आक्रमण कर कप्तान सरफराज अहमद भारत को दबाव में ला सकते थे। लेकिन वो इमद वसीम को बॉलिंग पर लाए और लंबा स्पेल कराया। वसीम की गेंद पर धवन-रोहित ने जमकर हाथ खोले। उनकी फील्ड सेटिंग भी लचर रही। वहाब रियाज को भी काफी देर से बॉलिंग पर लाया गया।

खराब फील्डिंग

पाकिस्तान ने ग्राउंड फील्डिंग और कैचिंग दोनों ही ग्रेड-बी टीम के स्तर से भी नीचे रही। पाकिस्तान ने 3-4 कैच गिराए, जिनमें विराट कोहली का कैच भी शामिल रहा। जमकर मिसफील्डिंग की। टीम ने करीब 20-25 रन मिसफील्ड से छोड़े, जो उनपर काफी भारी रहे। हालांकि भारत की फील्डिंग भी कुछ खास नहीं रही।

40-50 ओवर में गेंदबाजी

40 ओवर के बाद भारत का स्कोर 213 रन था। पाकिस्तान के पास भारत को 275-280 तक रोकने का मौका था, लेकिन यहां से पाक गेंदबाजों ने एकदम से लय खो दी। युवराज-विराट के आक्रमण के खिलाफ उनके पास कोई योजना नहीं थी। अंतिम आठ ओवर में भारत ने 106 रन ठोक डाले और यहीं से मैच पाक के लिए मुश्किल हो गया।

बल्लेबाजी में रणनीति की कमी

डकवर्थ-लुइस के आधार पर पाक को पहले 48 ओवर में 324 रन, फिर 41 ओवर में 289 रन का लक्ष्य मिला। करीब सात की रनरेट से इस लक्ष्य को पाक अच्छी बल्लेबाजी रणनीति के साथ चेज कर सकता था। टीम को अच्छी ओपनिंग भी मिली थी। लेकिन टी-20 क्रिकेट के जमाने में पाकिस्तान पुराने ढर्रे पर बल्लेबाजी करता रहा। शोएब मलिक से पहले मोहम्मद हफीज को भेजने का फैसला भी समझ से परे रहा।

दबाव झेलने में नाकाम

आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के हाथों पाकिस्तान के बार-बार हारने का कारण यही है कि भारत इस बड़े मुकाबले का दबाव झेल पाने में सक्षम है। दबाव में बिखरने की पाक की आदत इस मैच में भी झलकी।

Related posts

वीडियो में देखें कैसे मोईन अली ने दो उंगलियों में पकड़ा हैरतअंगेज कैच

पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची पारूल, हमवतन मानसी से होगा मुकाबला

नेमार ने स्वीकार किया कि विश्व कप में बढा चढाकर प्रतिक्रियायें दी

10 comments

Leave a Comment