UP Scholarship 2026-27: यूपी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक, जानिए पात्रता, आय सीमा और OTR की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना (UP Scholarship 2026-27) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, डिग्री कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और मेडिकल-इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ रहे लाखों मेधावी और जरूरतमंद छात्र इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कर रहे हैं। चूंकि रिन्यूअल और फ्रेश आवेदनों के लिए तय की गई अंतिम तारीखें तेजी से करीब आ रही हैं, इसलिए विभाग ने सभी छात्र-छात्राओं को बिना देरी किए अपना वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और आवेदन फॉर्म पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अंतिम दिनों में पोर्टल पर भारी ट्रैफिक और सर्वर क्रैश की समस्याओं से बचने के लिए छात्रों को समय रहते अपनी प्रविष्टियां पूरी करने की सलाह दी गई है।
महत्वपूर्ण तारीखें: पोस्ट-मैट्रिक और दशमोत्तर छात्रवृत्ति की डेडलाइन
छात्रवृत्ति पोर्टल scholarship.up.gov.in पर जारी संशोधित टाइमलाइन के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदन की समय-सीमा इस प्रकार निर्धारित की गई है:
-
दशमोत्तर (Post-Matric & Other than Inter) रिन्यूअल आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अक्टूबर 2026
-
दशमोत्तर फ्रेश (Fresh) छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026
-
संस्थानों द्वारा फॉर्म की हार्ड कॉपी जमा करने और सत्यापन की प्रक्रिया: संबंधित शिक्षण संस्थानों द्वारा आवेदन पत्रों की जांच और अग्रसारण (Forwarding) की प्रक्रिया 25 अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक पूरी की जानी तय की गई है।
-
एनआईसी द्वारा स्क्रूटनी और डेटा लॉकिंग: नवंबर के तीसरे सप्ताह में डेटा स्क्रूटनी और जिला छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति द्वारा पात्र छात्रों के फॉर्म्स को लॉक किया जाएगा।
-
छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): पात्र पाए जाने वाले छात्रों के बैंक खातों में आधार-बेस्ड डीबीटी प्रणाली के जरिए दिसंबर 2026 से छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे भेजी जानी शुरू होगी।
पारिवारिक आय सीमा के मानक: किस वर्ग के लिए कितनी है अधिकतम सीमा?
यूपी स्कॉलरशिप में आवेदन की सबसे बुनियादी कसौटी छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय होती है। आय प्रमाण पत्र राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी (तहसीलदार या एसडीएम) द्वारा जारी डिजिटल रूप से सत्यापित होना अनिवार्य है:
-
सामान्य (General), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक (Minority) वर्ग: पोस्ट-मैट्रिक और उच्च शिक्षा (दशमोत्तर) के लिए छात्र के माता-पिता/अभिभावक की समस्त स्रोतों से कुल वार्षिक पारिवारिक आय ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
-
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग: पोस्ट-मैट्रिक व उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत एससी/एसटी वर्ग के छात्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की अधिकतम सीमा ₹2,50,000 (2.50 लाख रुपये) निर्धारित की गई है।
-
आय प्रमाण पत्र की वैधता: ध्यान रहे कि आय प्रमाण पत्र 3 साल से अधिक पुराना न हो और राजस्व परिषद के पोर्टल पर उसका ई-वेरिफिकेशन पूरी तरह एक्टिव होना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों की आय को जोड़कर ही यह सीमा तय मानी जाती है।
पात्रता की मुख्य शर्तें: किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दिया जाता है जो निम्नलिखित अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हैं:
-
उत्तर प्रदेश का मूल निवास (Domicile): आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। राज्य के बाहर के संस्थानों में पढ़ने वाले चुनिंदा कोर्स के छात्रों के लिए विशेष नियम लागू होते हैं।
-
संस्थान की संबद्धता: जिस स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्र पढ़ रहा है, उसका मास्टर डेटा यूपी स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकृत और जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए।
-
न्यूनतम 75% बायोमेट्रिक उपस्थिति: विश्वविद्यालय और कॉलेज स्तर पर छात्र की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। कॉलेज प्रबंधन केवल उन्हीं छात्रों के फॉर्म आगे फॉरवर्ड करेगा जिनकी उपस्थिति 75% या उससे अधिक होगी।
-
पिछली कक्षा में उत्तीर्ण होना: छात्र पिछली कक्षा की वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण होना चाहिए। बैक पेपर या फेल होने की स्थिति में स्कॉलरशिप का लाभ नहीं दिया जाएगा।
आवेदन से पहले इन 3 तकनीकी बातों को दुरुस्त करना है अनिवार्य
अक्सर देखा जाता है कि छात्र सारी औपचारिकताएं पूरी करते हैं लेकिन छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों की वजह से उनका पैसा अटक जाता है। इस बार विभाग ने तीन चीजें पूरी तरह अनिवार्य कर दी हैं:
-
वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) और आधार ई-केवाईसी: नए पोर्टल पर फॉर्म भरने से पहले छात्र का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। ओटीपी के जरिए आधार ई-केवाईसी पूरा करने के बाद ही ओटीआर नंबर जनरेट होगा।
-
बैंक खाता आधार सीडेड (Aadhaar Seeding / NPCI Mapping): छात्रवृत्ति का भुगतान किसी बैंक अकाउंट नंबर पर नहीं, बल्कि सीधे आधार नंबर से जुड़े एक्टिव बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजा जाता है। इसलिए छात्र अपने बैंक में जाकर यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि उनका खाता एनपीसीआई (NPCI) मैपर पर आधार से सक्रिय रूप से लिंक है। यदि बैंक खाता इनऑपरेटिव या डी-लिंक हुआ, तो ट्रांजैक्शन फेल हो जाएगा।
-
नाम, जन्मतिथि और विवरण में समानता: छात्र के 10वीं के प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि की स्पेलिंग में एक भी अक्षर का अंतर नहीं होना चाहिए। कोई भी बेमेल डेटा पाए जाने पर एनआईसी का स्क्रूटनी सॉफ्टवेयर फॉर्म को सीधे रिजेक्ट कर देता है।
scholarship.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
छात्र बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल या कंप्यूटर से इन आसान चरणों में आवेदन फॉर्म भर सकते हैं:
-
आधिकारिक वेबसाइट scholarship.up.gov.in पर जाएं।
-
होमपेज पर 'Student' सेक्शन पर क्लिक करें। यदि पहली बार आवेदन कर रहे हैं तो 'Registration' और पुराने छात्र 'Renewal Login' का चयन करें।
-
अपनी श्रेणी (General, OBC, SC, ST, Minority) और कोर्स लेवल (Post-Matric Intermediate या Post-Matric Other Than Inter) चुनें।
-
आधार ओटीपी सत्यापन के साथ अपना बुनियादी विवरण भरकर पासवर्ड बनाएं।
-
लॉगिन करने के बाद शैक्षणिक योग्यता, फीस रसीद संख्या, इनरोलमेंट नंबर, जाति व आय प्रमाण पत्र का आवेदन क्रमांक और प्रमाण पत्र क्रमांक दर्ज करें।
-
आवश्यक दस्तावेज (पासपोर्ट साइज फोटो, मार्कशीट, फीस रसीद) अपलोड करें और फॉर्म को 'जांच हेतु प्रिंट' (Print for Verification) निकालें।
-
निकाले गए ड्राफ्ट को अपने कॉलेज में जाकर संबंधित क्लर्क या शिक्षक से चेक कराएं। कोई त्रुटि हो तो पोर्टल पर सुधारें।
-
पूर्ण संतुष्टि के बाद फॉर्म को फाइनल लॉक करें। लॉक करने के तीन कार्यदिवसों के भीतर फाइनल प्रिंट आउट निकालें और सभी स्व-प्रमाणित दस्तावेजों की कॉपी संलग्न कर अपने संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करें।




