देवभूमि की पहचान तभी बनी रह सकती है जब हमारा प्रदेश अपराध मुक्त हो

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशिक्षु युवा सहायक अभियोजन अधिकारियों से समाज में अपराध के संगठित एवं बदलते तरीकों के अनुरूप त्वरित ढंग से विवेचना के लिये आधुनिक तकनीकी दक्षता के साथ स्वयं को तैयार रहने को कहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी देवभूमि की पहचान तभी बनी रह सकती है जब हमारा प्रदेश अपराध मुक्त हो। उन्होंने इसके लिये सभी सम्बन्धित विभागों द्वारा समेकित प्रयासों की भी जरूरत बतायी।

मुख्यमंत्री आवास में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 23 सहायक अभियोजन अधिकारियों से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवा अधिकारी आधुनिक शैक्षिक दक्षता से युक्त हैं। उन्हें समाज में बढ़ते परिस्थिति जन्य  एवं संगठित अपराधों के तौर तरीकों का मुकाबला करने में अपनी दक्षता एवं सतर्कता के साथ दायित्वों का निर्वहन करना होगा। भ्रष्टाचार मिटाने एवं माफिया तंत्र के नेटवर्क की गतिविधियों पर भी नियन्त्रण में मददगार बनना होगा। मुख्यमंत्री ने अभियोजन अधिकारियों से कानूनी कार्यवाही में सरकार का पक्ष मजबूती से रखने की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर निदेशक पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र नरेन्द्र नगर श्री मुख्तार मोहसिन ने बताया कि अभियोजन अधिकारियों का यह पहला बेच है जिनकी ट्रेनिंग पीटीसी नरेन्द्र नगर में हो रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पीटीसी से 18 डिप्टी एसपी भी पास आउट हो चुके हैं। इस अवसर पर श्री आशीष गुप्ता, श्री देवमणि पाण्डे श्री उपेन्द्र शर्मा, सुश्री पूजा देवी, सीमा रानी, मीना खान सहित अन्य प्रशिक्षु अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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