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अमेठी में अत्याधुनिक साइबर क्राइम थाने से डिजिटल सुरक्षा तंत्र होगा सुदृढ़ – Online Latest News Hindi News , Bollywood News

अमेठी में अत्याधुनिक साइबर क्राइम थाने से डिजिटल सुरक्षा तंत्र होगा सुदृढ़

प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल अपराधों की जांच को अत्याधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से सुदृढ़ करने के संकल्प के तहत सुरक्षा ढांचे का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में अमेठी जनपद में डिजिटल एवं साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना तथा तकनीकी साक्ष्य संकलन को आधुनिक मजबूती देने के उद्देश्य से उच्च तकनीकी सुविधाओं से युक्त साइबर क्राइम थाने के प्रशासनिक भवन का निर्माण तीव्र गति से कराया जा रहा है।
जनपद के गौरीगंज क्षेत्र अंतर्गत सैंठा रोड स्थित बाहापुर ग्राम पंचायत में 0.285 हेक्टेयर भूमि पर इस विशिष्ट प्रशासनिक भवन की स्थापना की जा रही है। गृह एवं गोपनीय विभाग द्वारा वित्तपोषित इस महत्वपूर्ण परियोजना की कुल लागत 3.69 करोड़ रुपये है। कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की निर्माण इकाई द्वारा भवन का निर्माण गुणवत्तापूर्ण मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन की सतत निगरानी में परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक भौतिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्यों को भी समयबद्ध रूप से पूरा किया जा रहा है, जिससे आगामी पर्व दीपावली तक यह आधुनिक परिसर पूरी तरह तैयार होकर क्रियाशील होने की दिशा में अग्रसर है। इस भवन के क्रियान्वयन के उपरांत अमेठी में साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों, तकनीकी परीक्षण, डिजिटल साक्ष्यों की विवेचना और कानूनी प्रक्रियाओं के निष्पादन हेतु एक ही छत के नीचे आधुनिक अवसंरचना उपलब्ध हो सकेगी।
भविष्य की साइबर सुरक्षा चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए इस भवन का वास्तु एवं तकनीकी प्रारूप विशेष रूप से तैयार किया गया है। भवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक अत्याधुनिक ‘साइबर लैब एवं डिजिटल फोरेंसिक कक्ष‘ है। यहां कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और सिम कार्ड जैसे डिजिटल उपकरणों का वैज्ञानिक व तकनीकी परीक्षण किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, डिलीट किए गए डेटा की सुरक्षित रिकवरी, इंटरनेट प्रोटोकॉल विश्लेषण और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े जटिल मामलों की त्वरित जांच संभव होगी।
साइबर अपराधों की सफल कानूनी विवेचना में साक्ष्यों की सत्यता एवं उनकी सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय होती है। नए भवन में स्थापित होने वाली प्रयोगशाला से विवेचकों और तकनीकी विशेषज्ञों को साक्ष्यों की वैज्ञानिक प्रामाणिकता (चेन ऑफ कस्टडी) बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपकरण सुलभ होंगे। इससे न्यायालयों में मामलों के सफल अभियोजन और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने में सहायता मिलेगी।
आम नागरिकों और पीड़ितों की त्वरित सुनवाई हेतु भवन परिसर में एक समर्पित ‘शिकायत एवं सहायता कक्ष‘ स्थापित किया जा रहा है। यह सहायता केंद्र केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल तथा राष्ट्रीय वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन नंबर श्1930श् के साथ रियल-टाइम समन्वय में कार्य करेगा। किसी भी ऑनलाइन ठगी की स्थिति में त्वरित सूचना दर्ज कर संबंधित बैंकों, वित्तीय संस्थानों और पेमेंट गेटवे से संपर्क स्थापित कर धन की निकासी पर तत्काल रोक लगवाने में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
डेटा की संवेदनशीलता और गोपनीयता को बनाए रखने के लिए भवन में एक विशिष्ट ‘सर्वर एवं डेटा रूम‘ निर्मित किया जा रहा है। यहां पुलिस विभाग के डिजिटल डेटाबेस, नेटवर्क अवसंरचना और उच्च स्तरीय सुरक्षा फायरवॉल को संरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही संपूर्ण परिसर की निगरानी आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से की जाएगी, जिससे संवेदनशील डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहें।
विधिक प्रक्रियाओं के अनुपालन एवं जांच की शुचिता के दृष्टिगत भवन में संदिग्धों से पूछताछ के लिए एक आधुनिक, सुरक्षित और निगरानी युक्त पूछताछ कक्ष तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नियमानुसार पकड़े गए अभियुक्तों को न्यायिक प्रक्रिया के पूर्व सुरक्षित रखने हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार बंदी गृह (अस्थायी लॉकअप) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
साइबर अपराधों में साक्ष्य के रूप में जब्त किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित भंडारण के लिए भवन में विशेष ‘मालखाना व रिकॉर्ड रूम‘ बनाया जा रहा है। यह व्यवस्था मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक चिप्स और हार्ड डिस्क जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को किसी भी प्रकार की भौतिक या चुंबकीय क्षति से सुरक्षित रखेगी।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से थाना प्रभारी, जांच अधिकारियों, तकनीकी विश्लेषकों और साइबर विशेषज्ञों के लिए पृथक-पृथक कार्य कक्षों की व्यवस्था की गई है। अंतर-विभागीय समन्वय, अपराध समीक्षा और साइबर रणनीतियों के निर्धारण हेतु एक आधुनिक सम्मेलन कक्ष (कॉन्फ्रेंस हॉल) का भी निर्माण किया जा रहा है।

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