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प्रदेश में अब तक 1567 श्रमिक स्पेशल टेªन से 21.21 लाख से अधिक कामगार/श्रमिक लाये जा चुके हैं: अवनीश कुमार अवस्थी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम प्रदेश सरकार द्वारा लाॅकडाउन हेतु नयी गाइडलाइन जारी की गयी है। जो 01 जून से 30 जून, 2020 तक प्रभावी रहेगी। उन्होंने बताया कि कन्टेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में 08 जून, 2020 से समस्त धर्म स्थल, पूजा स्थल, होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य अथिति सत्कार सेवायें, शाॅपिंग्स माॅल्स जन सामान्य हेतु खोल दिया जायेगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश राज्य सरकार द्वारा पृथक से जारी किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि समस्त स्कूल काॅलेज, शैक्षणिक/प्रशिक्षण/कोचिंग संस्थानों आदि को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जूलाई, 2020 से खोला जाएगा। अन्तर्राष्ट्रीय विमान यात्राएं, मेट्रो रेल सेवायें आदि अग्रिम आदेशों तक बंद रहेंगे। इसके अतिरिक्त सिनेमा-हाॅल, जिम्नेजियम, तरणताल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, सभागार, असेम्बली हाॅल एवं इस प्रकार के अन्य स्थान भी अग्रिम आदेशों तक बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर रात्रि 09ः00 बजे से सुबह 05ः00 बजे तक किसी भी व्यक्ति, वाहन आदि का आवागमन निषिद्ध रहेगा।
श्री अवस्थी ने बताया कि कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छता के कार्य एवं डोर स्टेप डिलीवरी के कार्य के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति का अंदर तथा बाहर की ओर आवागमन पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने बताया कि सघन कान्टेक्ट ट्रेसिंग, हाउस-टू-हाउस सर्विलाॅन्स और यथावश्यक चिकित्सीय गतिविधियां की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार कन्टेनमेंट जोन का आकार निर्धारित किया जाएगा। कन्टेनमेंट के बाहर ऐसे क्षेत्र जहां नये केस होने की संभावना हो वहां बफर-जोन के रूप में चिन्हित किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में स्थानीय प्राधिकारी/जिला प्रशासन अपने स्तर से दिशा-निर्देश निर्गत करेंगे। उन्होंने बताया कि समस्त सरकारी कार्यालय शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे। कार्यालयों में संक्रमण रोकथाम के दृष्टिगत भीड़-भाड़ को कम करते हुए समस्त कार्यालय स्टाॅप को तीन पाॅलियों में बुलाया जाएगा। प्रथम पाॅली प्रातः 09ः00 से सायं 05ः00 तक, द्वितीय पाॅली प्रातः 10ः00 से सायं 06ः00 तक एवं तृतीय पाॅली प्रातः 11ः00 बजे सायं 07ः00 बजे तक कार्यालयों में सेनेटाइजेशन, फेसमाॅस्क, फेसकवर, एवं सोशल डिस्टेंशिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। सभी प्रकार की औद्योगिक गतिविधियों को कन्टेनमेंट जोन के बाहर अनुमति दी गयी है, परन्तु औद्योगिक इकाइयों को थर्मल, स्कैनिंग, सेनेटाइजेशन, फेसमाॅस्क, फेसकवर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में खुलने वाली दुकानों के दुकानदार व खरीददार दोनों के लिए माॅस्क/फेसकवर अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही दुकानदारों को गल्बस पहनने के साथ-साथ दुकान में सेनेटाइजर की भी व्यवस्था करनी होगी। समस्त बाजार सुबह 09ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक खोले जायेंगे। बाजारों को इस प्रकार खोला जायेगा कि प्रत्येक दिन अलग-अलग बाजार खुलें तथा सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य समस्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन स्थानीय व्यापार मण्डल एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर व्यवस्था बनाने हेतु विस्तृत आदेश जनपद स्तर पर जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि अन्य दुकानों की भांति सोशल डिस्टेंसिंग, माॅस्क, ग्लव्स एवं सेनेटाइजेशन की शर्तों का पालन करते हुए सुपर मार्केट खोलने की अनुमति प्रदान की गयी है।
श्री अवस्थी ने सब्जी मण्डी के संबंध में बताया कि मुख्य सब्जी मण्डी सुबह 04ः00 बजे 07 बजे तक, रिटेल वितरण सुबह 06ः00 से 09ः00 बजे तक होगा। फल सब्जी-मण्डियों को बड़े व खुले स्थानों पर स्थापित कर प्रातः 08ः00 बजे से सायं 08ः00 बजे तक सामान्य लोगों के लिए खोला जा सकेगा। शहरी क्षेत्र में कोई भी साप्ताहिक मण्डी नहीं लगेगी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में साप्ताहिक मण्डी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लगाने की अनुमति होगी। मिठाई की दुकानों को केवल बिक्री के लिए खोलने की अनुमति दी गयी है, जबकि दुकान में बैठकर खाने की अनुमति नही होगी। शादी के लिए पूर्व अनुमति लेते हुए अधिकतम 30 लोगों के साथ बारात घर खोले जा सकेंगे। शादी/बारात-घर पर किसी भी रुप में शस्त्र ले जाना वर्जित होगा, उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट-वेन्डर/पटरी व्यवसायी को अपना कार्य करने की अनुमति होगी लेकिन उन्हे फेस-मास्क, ग्लव्स एवं सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने के साथ सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हुए केवल
खुले स्थानों पर बिक्री करने की अनुमति होगी। सैलून/ब्यूटी पार्लर की दुकानों को सोशल-डिस्टेन्सिंग एवं प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करने के साथ खोलने की अनुमति होगी। इनमें बाल काटने इत्यादि कार्य करने वाले स्टॉफ द्वारा कार्य करने के दौरान फेस-शील्ड तथा ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा, अन्य स्टॉफ द्वारा भी फेस-मास्क, फेस-कवर, ग्लव्स का प्रयोग किया जाएगा। यदि कपड़े का इस्तेमाल होता है तो एक बार ही प्रयोग हो अथवा डिस्पोजेबल कपड़ा/सामग्री का प्रयोग किया जाए।
श्री अवस्थी ने बताया कि नर्सिंग होम एवं प्राइवेट अस्पतालों को इमरजेन्सी एवं आवश्यक ऑपरेशन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग की अनुमति तथा समस्त सुरक्षा उपकरण एवं प्रशिक्षण के बाद खोलने की अनुमति दी जाएगी। राजस्व ग्राम/मजरा यदि कन्टेनमेन्ट जोन होगा तो उक्त ग्राम/मजरें में खेती की जमीन पर रोपाई/बुआई हेतु न्यूनतम आवश्यकता एवं कृषि मशीनरी जैसे ट्रैक्टर आदि के उपयोग की छूट दी गयी है। उन्होंने बताया कि टैक्सी/मैक्सी- कैब सर्विस/थ्री-व्हीलर ऑटो/ई-रिक्शा को चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही सवारी/यात्री बैठाये जाएंगे। वाहनों में समस्त यात्रियों को फेस-मास्क/फेस-कवर पहनना अनिवार्य होगा। वाहनों में सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में रखना आवश्यक होगा। इसी प्रकार की व्यवस्था निजी कारों के संचालन में भी लागू होगी। दो पहिया वाहनों को निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार चलने की अनुमति होगी। दो पहिया वाहन पर यात्रा करने वाले व्यक्तियों को हेलमेट एवं मास्क फेस-कवर पहनना अनिवार्य होगा।
श्री अवस्थी ने बताया कि रोडवेज बसों को प्रदेश के अन्दर चलाने की अनुमति इस शर्त के साथ होगी कि निर्धारित सीट क्षमता पर ही संचालन किया जाएगा, स्टैन्डिंग की अनुमति नहीं होगी। संचालन के दौरान चालक/परिचालकों को मास्क, ग्लव्स का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। यात्रियों को भी मास्क/फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही बसों का नियमित सैनिटाइजेशन किया जाएगा। बसों में बैठने से पूर्व तथा परिवहन निगम बस स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों की थर्मल-स्कैनिंग अनिवार्य रुप से की जाए। बस-स्टेशन अथवा बस-स्टेशन के निकट के स्थान पर 108 एम्बुलेंस सेवा की उपलब्धता इस प्रकार सुनिश्चित की जाए कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्रयोग की जा सके। स्टेज-कैरिज एवं कॉन्ट्रेक्ट कैरिज परमिट (निर्धारित सीट तक) धारक बसों को संचालन की अनुमति आवश्यक प्रतिबन्धों, सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों के अनुपालन करने के साथ होगी। सिटी-बस सेवा का संचालन भी उपरोक्त शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा। सभी प्रकार के वाहनों के संचालन में उपरोक्त निर्देशों का पालन न करने पर सम्बन्धित के विरूद्ध मोटर व्हीकल एक्ट एवं एपेडैमिक एक्ट के तहत विधिक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। समस्त प्रकार के वाहनों में यात्रा करने वाले व्यक्तियों को आरोग्य-सेतु एवं आयुष-कवच कोविड ऐप डाउनलोड कर उसके प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया जाए। ।
श्री अवस्थी ने बताया कि पार्कों को सुबह की सैर/व्यायाम आदि हेतु सोशल डिस्टेन्सिंग व सैनिटाइजेशन एवं सुरक्षा के उपायों के साथ प्रातः 05.00 बजे से 08.00 बजे तक व सायंकाल 05.00 बजे से 08.00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इस दौरान पार्को में पेट्रोलिंग एवं पर्याप्त सुरक्षा-व्यवस्था भी की जाए। खेल-परिसर/स्टेडियम को क्रीड़ा/अभ्यास हेतु खोलने की अनुमति होगी किन्तु इनमें दर्शकों की अनुमति नही होगी। उन्होंने बताया कि अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर व्यक्तियों एवं माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं होगा एवं इस हेतु पृथक से किसी भी प्रकार की अनुमति/अनुमोदन/ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के द्वारा होने वाले आवागमन, घरेलू विमान यात्राएं, विदेशों में फंसे हुए भारतीय के आवागमन, चिन्हित/विशिष्ट व्यक्तियों/फंसे हए विदेशी राष्ट्रिकों का विदेश गमन। समस्त प्रकार के मालामाल परिवहन (खाली ट्रकों सहित) को अन्तर्राज्यीय परिवहन एवं पड़ोसी देशों के साथ की गयी संधियों की शर्तों के अनुरूप सीमा-पार परिवहन की अनुमति होगी। लोक-स्वास्थ्य हित में अग्रिम रूप से पर्याप्त प्रचार-प्रसार करते हुए स्थानीय प्राधिकारी/जिला प्रशासन द्वारा लोगों के आवागमन को नियंत्रित किया जा सकेगा।
श्री अवस्थी ने कहा कि समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आय के व्यक्ति, सह-रुग्णता (बव.उवतइपकपजल) अर्थात एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 10 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चे, घरों के अन्दर ही रहेंगे, सिवाय ऐसी परिस्थितियों के जिनमें स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यकताओं हेतु बाहर निकलना जरूरी हो। उन्होंने कहा कि आरोग्य-सेतु ऐप शुरूआती संक्रमण के खतरे को पहचानने और संक्रमण के विरूद्ध व्यक्ति एवं समुदाय को सुरक्षा प्रदान करता है। कार्यालयों एवं कार्यस्थलों पर समस्त कर्मचारियों/कार्मिकों को संक्रमण से बचाव हेतु अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें। साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आयुष कवच कोविड ऐप को भी डाउनलोड किया जाए। जिला-प्रशासन/स्थानीय प्राधिकारी प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य-सेतु ऐप एवं आयुष कवच कोविड ऐप को डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करें, जिससे कि उसका स्वास्थ्य सम्बन्धी स्टेटस ऐप पर अपडेट होता रहे। इससे खतरों के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों को समय रहते चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।
श्री अवस्थी ने बताया कि समस्त जिलाधिकारी उपरोक्त समस्त उपायों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध आपदा-प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 तथा भा0द0वि0 की धारा-188 में दिए गए प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने राज्य में एल-1, एल-2 व एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड की कुल क्षमता को बढ़ाकर 01 लाख से अधिक करने तथा कोविड-19 की टेस्टिंग क्षमता के 10 हजार पार करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य में कोविड अस्पतालों एवं अन्य चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ किए जाने के साथ ही, कोविड-19 की टेस्टिंग क्षमता को 15 जून, 2020 तक बढ़ाकर 15 हजार किए जाने तथा इस माह के अन्त तक बढ़ाकर 20 हजार किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज प्रदेश के हर जनपद में एल-1 और एल-2 कोविड अस्पताल उपलब्ध हैं। एल-1 कोविड अस्पतालों में सामान्य बेड के साथ ही, आॅक्सीजन आपूर्ति की सुविधा से युक्त बेड भी उपलब्ध हैं। इसी प्रकार एल-2 कोविड अस्पतालों में आॅक्सीजन युक्त बेड के साथ ही, वेंटीलेटर की सुविधा से युक्त बेड भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मार्च, 2020 के प्रथम सप्ताह में जब प्रदेश में कोरोना वायरस कोविड-19 का पहला मामला प्रकाश में आया था, उस समय राज्य में इसकी टेस्टिंग क्षमता मात्र 50 थी। केन्द्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में प्रदेश की टेस्टिंग क्षमता को विकसित कर 10 हजार से अधिक कर लिया गया है।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि 01 जून, 2020 से रेल सेवा प्रारम्भ होने के कारण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की समुचित स्क्रीनिंग की जाए। उन्होंने स्क्रीनिंग हेतु रेलवे स्टेशनों पर आवश्यक रूप से प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की ओर से रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर विभिन्न राज्यों से प्रदेश में आने वाले कामगारों/श्रमिकों को ऐसे हैण्डबिल उपलब्ध कराने के लिए कहा जाए, जिसमें कोरोना वायरस कोविड-19 के विषय में बरती जाने वाली सावधानी के बारे में बताया गया हो, जिससे इन कामगारों/श्रमिकों को कोरोना वायरस कोविड-19 के सम्बन्ध में बरती जाने वाली सावधानी की पहले से ही जानकारी रहे।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि 01 जून, 2020 से खाद्यान्न वितरण का अगला चरण प्रारम्भ हो रहा है। इसके दृष्टिगत सभी तैयारियां समय से ही पूरी कर ली जाएं। गोदाम से राशन की दुकान तक खाद्यान्न की सप्लाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। इसके लिए जी0पी0एस0 प्रणाली का प्रयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित ढंग से खाद्यान्न की सप्लाई सुनिश्चित किए जाने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न उपलब्ध हो जाए। प्रदेश मंे कोई भी भूखा नहीं रहना चाहिए। जरूरतमंद परिवारों के राशन कार्ड तेजी से बनवाए जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि राशन वितरण में घटतौली अथवा किसी अन्य प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। खाद्यान्न वितरण के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के उपायों यथा सोशल डिस्टेंसिंग आदि का पूर्ण पालन कराया जाए।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने निगरानी समितियों को सतत् सक्रिय बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि इन समितियों के क्रियाशील बने रहने से संक्रमण को रोकने में मदद मिल रही है। उन्होंने निगरानी समितियों के सदस्यों से नियमित संवाद बनाए रखते हुए उनके द्वारा किए जा रहे सर्विलांस आदि कार्यों के फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा सघन एवं नियमित पेट्रोलिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। उन्होंने सेनिटाइजेशन कार्य को निरन्तर संचालित किए जाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री जी ने आकाशीय बिजली आदि आपदाओं से होने वाली जनहानि, पशुहानि को रोकने के लिए तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। इस सम्बन्ध में राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण (एस0डी0एम0ए0) को पूरी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि तकनीक के प्रयोग से आकाशीय बिजली आदि से होने वाली जन व पशु हानियों को रोका जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण (एस0डी0एम0ए0) द्वारा तकनीक का प्रयोग करते हुए इन हानियों की आशंका के सम्बन्ध में एलर्ट जारी किया जाए।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के निराश्रित व्यक्तियों को ग्राम प्रधान निधि से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिस निराश्रित व्यक्ति के पास राशन कार्ड न हो अथवा उसके बनने में देरी हो रही हो तो उसे खाद्यान्न के लिए ग्राम प्रधान निधि से 01 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। किसी निराश्रित व्यक्ति के गम्भीर रूप से बीमार होने की स्थिति में, उसके आयुष्मान भारत योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित नहीं होने पर, तात्कालिक सहायता के रूप में ग्राम प्रधान निधि से 02 हजार रुपए प्रदान किए जाएं। इसी प्रकार किसी निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को अन्तिम संस्कार के लिए गा्रम प्रधान निधि से 05 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाए।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य लोेगों के प्रशिक्षण में तेजी लायी जाए। प्रशिक्षण का कार्यक्रम सर्वाधिक महत्वपूर्ण कायों मंे से है। इसलिए चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण का कार्यक्रम निरन्तर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति के लिए इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर की रेंज कितनी होनी चाहिए, इसकी जानकारी पैरामेडिकल स्टाफ को दी जाए। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को कोविड व नाॅन कोविड अस्पतालों से संवाद बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि सभी कोविड अस्पतालों में डाॅक्टर नियमित राउण्ड लें। चिकित्सालयों में साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था के साथ-साथ बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। सभी जनपदों में पी0पी0ई0 किट, एन-95 मास्क, थ्री-लेयर मास्क, ग्लव्स, सेनिटाइजर आदि मेडिकल सुरक्षा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता रहे। इन चीजों की कोई कमी नहीं है। चिकित्सालयों में आॅक्सीजन की सुचारु उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड अस्पतालों में 01 लाख से अधिक बेड की व्यवस्था कर ली गई है, जो देश में सर्वाधिक है।
श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। प्रदेश में अब तक 1636 टेªन के माध्यम से लगभग 22.27 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक को लाये जाने की व्यवस्था की गई है, इनमें से अब तक 1567 टेªन से 21.21 लाख से अधिक लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। इसके साथ ही 69 टेªन को और सहमति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि टेªन एवं बसों के माध्यम से अब तक 24.71 लाख से अधिक लोगों को उनके गृह जनपद में सकुशल पहंुचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 263 टेªन से 3,38,662 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। लखनऊ में 111 टेªन के माध्यम से 1,44,115 लोग आए हैं। वाराणसी में 115, आगरा में 11, कानपुर में 17, जौनपुर में 131, बरेली में 12, बलिया में 70, प्रयागराज में 63, रायबरेली में 22, प्रतापगढ़ में 74, अमेठी में 17, मऊ में 48, अयोध्या में 36, गोण्डा में 70, उन्नाव में 28, बस्ती में 86 टेªन जबकि आजमगढ़ में 39, कन्नौज में 03, गाजीपुर में 32, बांदा में 21, सुल्तानपुर में 25, बाराबंकी में 12, सोनभद्र में 04, अम्बेडकरनगर में 24, हरदोई में 20, सीतापुर में 13, फतेहपुर में 09, फर्रूखाबाद में 02, कासगंज में 09, चंदौली में 16, इटावा मेें 01, मानिकपुर (चित्रकूट) में 01, एटा में 01, जालौन में 02, रामपुर में 01, शाहजहांपुर में 01, अलीगढ़ में 06, भदोही में 04, मिर्जापुर में 11, देवरिया में 101, सहारनपुर में 04, चित्रकूट में 03, बलरामपुर में 19, मुजफ्फरनगर में 01, झांसी में 05, पीलीभीत में 01, महाराजगंज में 01 एवं कौशांबी में 01 टेªन आ चुकी हैं। महोबा, मुरादाबाद, मेरठ, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी में भी टेªन आ रही हैं।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 522 ट्रेन से 7,64,089 लोग, महाराष्ट्र से 418 टेªन से 5,67,949 लोग, पंजाब से 233 टेªन से 2,74,147 कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 23, कर्नाटक से 53, केरल से 12, आन्ध्र प्रदेश से 11, तमिलनाडु से 37, मध्य प्रदेश से 02, राजस्थान से 36, गोवा से 21, दिल्ली से 97, छत्तीसगढ़ से 01, पश्चिम बंगाल से 01, उड़ीसा से 01 टेªन, असम से 01 टेªन, त्रिपुरा से 01 टेªन, हिमाचल प्रदेश से 04 टेªन, उत्तराखण्ड से 03, जम्मू-कश्मीर से 02 तथा उत्तर प्रदेश से 88 टेªन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों/श्रमिकों को पहुंचाया गया है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 2901 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 4709 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 9976 सैम्पल टेस्ट किये गये। कल 1013 पूल टेस्ट किये गये, जिसमें से 892 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 121 पूल 10-10 सैम्पल के थे। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से काॅल किया जा रहा है। अब तक कुल 47,235 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी है।
श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा कामगारों/श्रमिकों के घर पर जाकर सम्पर्क कर उनके लक्षणों का परीक्षण कर रही हैं, जिसके आधार पर आवश्यकतानुसार कामगारों/श्रमिकों का सैम्पल इकट्ठा कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 11,28,804 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, इनमें 1027 लोगों में कोरोना जैसेे लक्षण पाये गये। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 99,609 सर्विलांस टीम द्वारा 77,68,346 घरों के 3.94 करोड़ लोगों का सर्वेक्षण किया गया।

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