Smart Meter लगाने के बाद 20 दिन में आया 1 लाख रुपये बिजली का बिल

Smart Meter लगाने के बाद 20 दिन में आया 1 लाख रुपये बिजली का बिल

HR Breaking News – (electricity bill)। बिजली की चोरी को रोकने के लिए सरकार स्मार्ट मीटर लगा रही है। सरकार के इस फैसले की वजह से बिजली चोरी के मामले काफी कम हो गए है, लेकिन ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिसने सबको चौंकाकर रख दिया है। हाल ही में एक ऐसा मामना सामने आया है, जिसके तहत सिर्फ 20 दिन में 1 लाख रुपये बिजली का बिल आ गया है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।

यहां पर लगवाया था स्मार्ट मीटर-

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक दुकानदार को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद एक लाख रुपये बिजली बिल (himachal pradesh electricity bill) आया है। जिले में डाडासीबा के समीपवर्ती ढोंटा गांव के निवासी निशांत कुमार उस समय हैरान रह गए, जब उनके घर लगे स्मार्ट मीटर का सिर्फ 20 दिनों का बिजली बिल लगभग एक लाख रुपये तक आ गया है। इतनी भारी-भरकम राशि का बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ गए है और उन्होंने तुरंत बढ़ल स्थित बिजली बोर्ड कार्यालय का रुख कर लिया है।

एक्सपर्ट्स ने कही ये बात-

एक्सपर्ट्स ने बताया है कि उनके घर में सामान्य घरेलू उपयोग ही होता है और इतनी अधिक खपत होना संभव नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि ये स्मार्ट मीटर (smart meter) में तकनीकी खराबी या रीडिंग की त्रुटि का मामला बनकर सयामने आ सकता है। मामले को लेकर उपभोक्ता बिजली विभाग के कार्यालय पहुंच गये हैं।

जानिये क्या है अधिकारियों का कहना-

इसके साथ ही में विद्युत मंडल देहरा के अधिशाषी अभियंता ने उपभोक्ता को आश्वस्त करते हुए बताया है कि प्रथम दृष्टया ये तकनीकी त्रुटि प्रतीत हो रही है। उन्होंने बताया है कि संबंधित मीटर की जांच करवाई जाने वाली है और अगर बिल में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो फिर उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।

असामान्य बिल हो जाता है जनरेट-

बलेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि कई बार स्मार्ट मीटर (smart meter) में सिस्टम अपडेट या डाटा ट्रांसमिशन की वजह से असामान्य बिल जनरेट हो जाता है, इसको जांच के बाद ठीक कर दिया जाता है। 

शिकायत के बाद दुरुस्त हो जाएगा बिल-

उन्होंने बताया है कि बिल ठीक करवाया और 500 के करीब बिल उपभोक्ता को दिया है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि अगर किसी को भी इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है तो फिर उनको घबराना नहीं चाहिए और सीधे बोर्ड से संपर्क करें।

Related Articles

Back to top button