Smart Highway : वन्य जीव संरक्षण के लिए बड़ा कदम, यहां बनेगा आधुनिक हाईवे

Smart Highway : वन्य जीव संरक्षण के लिए बड़ा कदम, यहां बनेगा आधुनिक हाईवे

HR Breaking News (modern highway) सरकार ने अब देश के कई हिस्सों में सड़क निर्माण के साथ ही पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने के लिए बड़ी पहल की है। अब सरकार की ओर परिवहन व्यवस्था सुगम बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी कई अहम फैसले लिए जा रहे हैं। अब जल्द ही एक ओर आधुनिक हाईवे का निर्माण किया जाना है। खबर में जानिए ये नया आधुनिक हाईवे (new modern highway) कहां बनाया जाएगा।

कहां बनेगा एनिमल के लिए पुल

दरअसल, वन्य जीव संरक्षण के लिए चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे (Chennai–Bengaluru Expressway) पर एक खास एनिमल ओवरपास बनाए जाने वाला है। इस ओवरपास के निर्माण से नीचे से वाहन जा सकेंगे और ऊपर से जंगली जानवर सेफ्ली सड़क क्रॉस कर सकेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority) का कहना है कि महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर एक खास पुल बनाया जाएगा, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें।

वाइल्डलाइफ ओवरपास पुल की खासियत

बता दें कि वाइल्डलाइफ ओवरपास (Wildlife Overpass Ke Fayde)  एक ऐसा खास पुल होता है, जिसे खासतौर पर व्यस्त हाईवे के ऊपर इसलिए निर्मित किया जाता है, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित इस सड़क को पार कर सकें। इसका फायदा यह होता है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-wildlife conflict)  में कमी आने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होता है। आप जानते ही होंगे वेल्लोर और रानीपेट के बीच मौजुद महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट भारतीय गौर, पैंथर, जंगली सूअर और हिरण जैसे कई वन्यजीवों के लिए घर ही है। 

कैसा होगा ये नया एनिमल ओवरपास 

NHAI के मुताबिक, ये एनिमल ओवरपास (Animal Overpass News) 90 मीटर लंबा बनाया जाने वाला है और 25 मीटर चौड़ा और सड़क से तकरीबन 5.5 मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। इसका डिजाइन कुछ ऐसे तैयार किया है, जिससे कि जानवरों को प्राकृतिक वातावरण का एक्सपीरियंस मिलेगी। शासन के इस कदम से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और साथ ही हाईवे पर यात्रियों को सुगम सफर का एक्सीपरियंस मिलेगा।

प्राकृतिक रूप से विकसित होगा नया ओवरपास

इस नए ओवरपास (new overpass)  को प्राकृतिक रूप से विकसित करने के लिए तमिलनाडु वन विभाग की मदद से एक आर्टिफिशियल घास का मैदान भी बनाया जा रहा है। यह घास का इलाका नेचुरल कैमोफ्लाज के जैसे ही काम करेगा, जिससे यह स्ट्रक्चर आसपास के जंगल में घुलेगी और जानवरों को सेफ महसूस होगा। बताया जार हा है कि लगभग 258 किलोमीटर लंबा चार-लेन चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे (Four-lane Chennai-Bengaluru Expressway)  बड़े प्रोजेक्ट में शामिल होगा। इस ओवरपास के निर्माण की आधारशिला मई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रखी गई थी।

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